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यूपीः राजस्व परिषद ने नायब तहसीलदार को सेवा से किया बर्खास्त
Fri, 02 Oct 2020 12:11 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 02 Oct 2020 12:11 AM IST
सार
सेवा से बर्खास्त किए गए नायब तहसीलदार सुनील कुमार सिंह पर 2012 में सहारनपुर में तैनाती के दौरान उच्च अधिकारियों के आदेशों
की अवेहलना का आरोप था। सरकारी संपत्ति के सम्बंध में आदेश निर्गत करते समय उच्च अधिकारियों से अनुमति नहीं लेने के मामले
में जांच लंबित चल रही थी। इस जांच को समाप्त करते हुए राजस्व परिषद ने सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया है।
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जांच-सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के सदर तहसील में नायब तहसीलदार (न्यायिक) के पद पर तैनात सुनील कुमार सिंह को आठ साल पुराने सहारनपुर के एक मामले में जांच के बाद
गुरुवार को राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव मनीषा त्रिघाटिया ने सेवा से बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं।
डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया सहारनपुर की रामपुर मनिहारान तहसील में 2012 में नायब तहसील रहे सुनील कुमार के खिलाफ सरकारी सेवक नियमावली आचरण में अनुशासनात्मक जांच चल रही थी। इनके विरुद्ध 15 गम्भीर बिंदुओं पर आरोप पत्र दाखिल हुआ था। जांच के बाद इनकी सेवा समाप्त करते हुए परिषद ने लंबित जांच भी समाप्त करने का निर्णय लिया है।
ये भी पढ़ें- Dr Yogita Gautam Murder Case: प्रेमिका के हत्यारोपी डॉक्टर विवेक को सजा दिलाने की तैयारी, चार्जशीट दाखिल
वहीं इस सम्बंध में आरोपित नायब तहसीलदार सुनील कुमार सिंह ने कहा मैं इस आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय की शरण लूंगा। मेरे खिलाफ यह कार्रवाई आगरा में चल रही जोंस मिल की जांच को प्रभावित करने के लिए राजनीतिक दवाब में की गई है। 2015 में ट्रिब्यूनल से परिषद का आदेश निरस्त हो चुका था। तब मेरी तीन पदोन्नति रोकी गई थी। राजनीतिक दवाब में मेरे खिलाफ दुबारा जांच की गई।
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गुरुवार को राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव मनीषा त्रिघाटिया ने सेवा से बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं।
डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया सहारनपुर की रामपुर मनिहारान तहसील में 2012 में नायब तहसील रहे सुनील कुमार के खिलाफ सरकारी सेवक नियमावली आचरण में अनुशासनात्मक जांच चल रही थी। इनके विरुद्ध 15 गम्भीर बिंदुओं पर आरोप पत्र दाखिल हुआ था। जांच के बाद इनकी सेवा समाप्त करते हुए परिषद ने लंबित जांच भी समाप्त करने का निर्णय लिया है।
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वहीं इस सम्बंध में आरोपित नायब तहसीलदार सुनील कुमार सिंह ने कहा मैं इस आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय की शरण लूंगा। मेरे खिलाफ यह कार्रवाई आगरा में चल रही जोंस मिल की जांच को प्रभावित करने के लिए राजनीतिक दवाब में की गई है। 2015 में ट्रिब्यूनल से परिषद का आदेश निरस्त हो चुका था। तब मेरी तीन पदोन्नति रोकी गई थी। राजनीतिक दवाब में मेरे खिलाफ दुबारा जांच की गई।
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आदेशों की अवेहलना का आरोप
सेवा से बर्खास्त किए गए नायब तहसीलदार सुनील कुमार सिंह पर 2012 में सहारनपुर में तैनाती के दौरान उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवेहलना का आरोप था। सरकारी संपत्ति के सम्बंध में आदेश निर्गत करते समय उच्च अधिकारियों से अनुमति नहीं लेने के मामले में जांच लंबित चल रही थी। इस जांच को समाप्त करते हुए राजस्व परिषद ने सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया है।
जोंस मिल मामले में कर रहे थे जांच
जीवनी मंडी स्थित जोंस मिल प्रकरण की जांच के लिए डीएम प्रभु एन सिंह द्वारा गठित कमेटी में एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव के अलावा नायब तहसीलदार सुनील कुमार भी शामिल थे। इन्होंने 23 खसरों की जांच में 128 बीघा सरकारी भूमि मिलने का खुलासा किया था। जीवनी मंडी पुलिस चौकी की नजूल भूमि पर एक बिल्डर के पक्ष में कलक्ट्रेट के नजूल मुहर्रिर द्वारा जारी की गई एनओसी भी इनकी संस्तुति पर निरस्त हुई थी।
सेवा से बर्खास्त किए गए नायब तहसीलदार सुनील कुमार सिंह पर 2012 में सहारनपुर में तैनाती के दौरान उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवेहलना का आरोप था। सरकारी संपत्ति के सम्बंध में आदेश निर्गत करते समय उच्च अधिकारियों से अनुमति नहीं लेने के मामले में जांच लंबित चल रही थी। इस जांच को समाप्त करते हुए राजस्व परिषद ने सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया है।
जोंस मिल मामले में कर रहे थे जांच
जीवनी मंडी स्थित जोंस मिल प्रकरण की जांच के लिए डीएम प्रभु एन सिंह द्वारा गठित कमेटी में एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव के अलावा नायब तहसीलदार सुनील कुमार भी शामिल थे। इन्होंने 23 खसरों की जांच में 128 बीघा सरकारी भूमि मिलने का खुलासा किया था। जीवनी मंडी पुलिस चौकी की नजूल भूमि पर एक बिल्डर के पक्ष में कलक्ट्रेट के नजूल मुहर्रिर द्वारा जारी की गई एनओसी भी इनकी संस्तुति पर निरस्त हुई थी।