आगरा में व्यापारी के बेटे की हत्या: 23 जनवरी को हुआ था अपहरण, जंगल में दफन मिली लाश
आगरा के इरादतनगर में 25 दिन से लापता छात्र का शव पुलिस ने बरामद कर लिया है। अपहरण के बाद उसकी हत्या की गई है। गांव के तीन युवकों ने ही इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है।
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आगरा के इरादतनगर थाना क्षेत्र के गांव हज्जुपुरा से 25 दिन पहले अगवा नौ साल के छात्र कुलदीप की हत्या कर दी गई। उसके शव को गांव से एक किलोमीटर दूर जंगल में दफन कर दिया था। तीन दिन पहले परिजनों से 35 लाख रुपये फिरौती मांगी गई। इस पर पुलिस को सुराग मिला। शक के दायरे में आए गांव के तीन युवकों को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद शव बरामद कर लिया गया।
गांव हज्जपुरा निवासी किराना व्यापारी गब्बर सिंह का नौ साल का बेटा कुलदीप 23 जनवरी को घर के बाहर बच्चों के साथ खेल रहा था। वह कक्षा एक में पढ़ता था। दोपहर तीन बजे उसे ट्यूशन पढ़ने को भेजने के लिए कुलदीप को तलाशना शुरू किया। उसके साथ खेलने वाले बच्चों से जानकारी की। बच्चों ने बताया कि कुलदीप को उन्होंने गांव में दोपहर में एक तेरहवीं में देखा था। इसके बाद उसका पता नहीं चला।
कई घंटे बाद भी उसका पता नहीं लगने पर पुलिस को सूचना दी थी। मुकदमा दर्ज कर कुलदीप की तलाश शुरू कर दी। किराना व्यापारी के बेटे के लापता होने से ग्रामीण भी परेशान थे। उन्होंने चुनाव में वोट नहीं देने का एलान किया था।
गांव के ही तीन युवकों ने की वारदात
थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने बताया कि गांव के ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें मुकेश, कन्हैया और आशु हैं। तीनों ने मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया है। वह घटना वाले दिन कुलदीप के पास पहुंचे थे। वह उस समय मंदिर के पास खेल रहा था। उसे गिल्ली डंडा खिलाने के बहाने अपने साथ ले गए।
एक किलोमीटर जंगल में ले जाकर गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को गाढ़ दिया। उसके लापता होने के बाद परिजनों के साथ तलाश में भी लगे हुए थे। अब फिरौती मांगी थी। उनकी निशानदेही पर शव को बरामद कर लिया गया है।
पूछताछ में पता चला कि तीनों कुलदीप के पिता से रंजिश मानते थे। आशु से किराना व्यापारी का घर में हुई चोरी की वजह से झगड़ा हुआ था। उन्होंने उसकी पिटाई लगाई थी। मामला समझौते के बाद में निपट सका था। इसके साथ ही मुकेश और कन्हैया से भी किसी ना किसी बात पर झगड़ा हुआ था। इसीलिए वह रंजिश मानते थे।