{"_id":"6140e9f18ebc3eb7813ed053","slug":"murder-convict-sentenced-to-life-imprisonment-50-thousand-fine-agra-news-agr5075542147","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा, 50 हजार का जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा, 50 हजार का जुर्माना
विज्ञापन
शिकोहाबाद। अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश पाक्सो न्यायालय अरविंद कुमार यादव ने हत्या के मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी पड़ेगी।
विगत 2016 में थाना जसराना स्थित जनता कॉलेज के पास खेत में ओमकार उर्फ दीपक पुत्र कुंवर पाल निवासी नगला सागर का शव पड़ा मिला था। मामले में ओमकार के भाई भंवरपाल सिंह ने थाने में अज्ञात में तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। विवेचना में उपेंद्र उर्फ करू पुत्र अर्जुन सिंह निवासी गांव पैढ़त थाना एका का नाम सामने आया।
पुलिस ने विवेचना कर आरोपी उपेंद्र कुमार उर्फ करू को हत्याकांड में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और न्यायालय में चार्जशीट भेज दी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कमल सिंह और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अब्दुल सलाम ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने विभिन्न साक्ष्यों और गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के वकीलों की बहस को सुना और साक्ष्य व गवाहों के आधार पर आरोपी उपेंद्र उर्फ करू को दोषी माना।
विज्ञापन
न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि अभियुक्त उपेंद्र उर्फ करू को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया7 अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की 50 प्रतिशत धनराशि मृतक के आश्रित को प्रदान की जाएगी।
विज्ञापन
विगत 2016 में थाना जसराना स्थित जनता कॉलेज के पास खेत में ओमकार उर्फ दीपक पुत्र कुंवर पाल निवासी नगला सागर का शव पड़ा मिला था। मामले में ओमकार के भाई भंवरपाल सिंह ने थाने में अज्ञात में तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। विवेचना में उपेंद्र उर्फ करू पुत्र अर्जुन सिंह निवासी गांव पैढ़त थाना एका का नाम सामने आया।
विज्ञापन
पुलिस ने विवेचना कर आरोपी उपेंद्र कुमार उर्फ करू को हत्याकांड में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और न्यायालय में चार्जशीट भेज दी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कमल सिंह और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अब्दुल सलाम ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने विभिन्न साक्ष्यों और गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के वकीलों की बहस को सुना और साक्ष्य व गवाहों के आधार पर आरोपी उपेंद्र उर्फ करू को दोषी माना।
विज्ञापन
न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि अभियुक्त उपेंद्र उर्फ करू को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया7 अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की 50 प्रतिशत धनराशि मृतक के आश्रित को प्रदान की जाएगी।