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एटा में चुनावी रंजिश में हत्या: धमकी के बाद नवनिर्वाचित प्रधान ने वृद्ध को गोलियों से भूना
Mon, 10 May 2021 12:10 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 10 May 2021 12:10 AM IST
सार
गांव नावली निवासी रुकमपाल सिंह (65) की शनिवार रात गांव के बाहर सबमर्सिबल पर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। वृद्ध के पुत्र सुभाष चंद्र का कहना है कि पंचायत चुनाव में वह नावली बूथ पर एक प्रत्याशी का एजेंट था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एटा जनपद में थाना अवागढ़ क्षेत्र के गांव नावली में नवनिर्वाचित प्रधान ने एक वृद्ध की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। पुत्र ने प्रधान सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पूरा मामला ग्राम पंचायत प्रधान चुनाव से जुड़ा हुआ है।
गांव नावली निवासी रुकमपाल सिंह (65) की शनिवार रात गांव के बाहर सबमर्सिबल पर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। वृद्ध के पुत्र सुभाष चंद्र का कहना है कि पंचायत चुनाव में वह नावली बूथ पर एक प्रत्याशी का एजेंट था। तब दूसरे प्रत्याशी जनार्दन सिंह उर्फ राजू से कहासुनी हुई थी। मतगणना में जनार्दन सिंह विजयी रहा। परिणाम आने पर जनार्दन ने उसका रास्ता रोक कर धमकी दी। चुनावी रंजिश को लेकर ही शनिवार रात प्रधान जनार्दन सिंह, विनोद, रामहरि, वीरपाल व एक अन्य ने सबमर्सिबल को चारों ओर से घेर लिया और मेरे आने का इंतजार करने लगे।
सुभाष चंद्र का आरोप है कि वह योगेश उर्फ निशांत और कृष्णवीर के साथ पहुंचा तभी आरोपियों ने घेराबंदी कर गोलियां चलाना शुरू कर दीं। जंगल में भागकर जान बचाई और बाल-बाल बच सके। पिता गोलियों की आवाज सुनकर आए तो उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। बाद में धमकी देकर चले गए। सभी आरोपियों के खिलाफ सुभाष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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गांव नावली निवासी रुकमपाल सिंह (65) की शनिवार रात गांव के बाहर सबमर्सिबल पर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। वृद्ध के पुत्र सुभाष चंद्र का कहना है कि पंचायत चुनाव में वह नावली बूथ पर एक प्रत्याशी का एजेंट था। तब दूसरे प्रत्याशी जनार्दन सिंह उर्फ राजू से कहासुनी हुई थी। मतगणना में जनार्दन सिंह विजयी रहा। परिणाम आने पर जनार्दन ने उसका रास्ता रोक कर धमकी दी। चुनावी रंजिश को लेकर ही शनिवार रात प्रधान जनार्दन सिंह, विनोद, रामहरि, वीरपाल व एक अन्य ने सबमर्सिबल को चारों ओर से घेर लिया और मेरे आने का इंतजार करने लगे।
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सुभाष चंद्र का आरोप है कि वह योगेश उर्फ निशांत और कृष्णवीर के साथ पहुंचा तभी आरोपियों ने घेराबंदी कर गोलियां चलाना शुरू कर दीं। जंगल में भागकर जान बचाई और बाल-बाल बच सके। पिता गोलियों की आवाज सुनकर आए तो उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। बाद में धमकी देकर चले गए। सभी आरोपियों के खिलाफ सुभाष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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पहले ही दी गई थी धमकी
आरोपियों ने हत्या की वारदात करने से पहले फोन पर धमकी भी दी थी। जिसका ऑडियो वायरल हुआ। एफआईआर में इसका जिक्र किया गया है। धमकी की वजह से पूरा परिवार डरा और सहमा हुआ था। खेत में पानी लगाने की वजह से सुभाष को घर से निकलना पड़ा। आरोपी हत्या उसकी करने आए थे लेकिन पिता की जान चली गई।
हारे हुए प्रत्याशी का खुलकर कर रहे थे समर्थन
जनार्दन सिंह के प्रतिद्वंदी के रूप में लालता प्रसाद ने चुनाव लड़ा था, जो 17 वोटों से हार गए। लालता प्रसाद का रुकमपाल और इनके परिवार के लोग समर्थन कर रहे थे। दोनों रिश्ते में बहनोई लगते थे।
चुनावी रंजिश को लेकर वृद्ध की हत्या की गई है। तहरीर के आधार पर नवनिर्वाचित प्रधान सहित पांच के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। -उदय शंकर सिंह, एसएसपी।
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आरोपियों ने हत्या की वारदात करने से पहले फोन पर धमकी भी दी थी। जिसका ऑडियो वायरल हुआ। एफआईआर में इसका जिक्र किया गया है। धमकी की वजह से पूरा परिवार डरा और सहमा हुआ था। खेत में पानी लगाने की वजह से सुभाष को घर से निकलना पड़ा। आरोपी हत्या उसकी करने आए थे लेकिन पिता की जान चली गई।
हारे हुए प्रत्याशी का खुलकर कर रहे थे समर्थन
जनार्दन सिंह के प्रतिद्वंदी के रूप में लालता प्रसाद ने चुनाव लड़ा था, जो 17 वोटों से हार गए। लालता प्रसाद का रुकमपाल और इनके परिवार के लोग समर्थन कर रहे थे। दोनों रिश्ते में बहनोई लगते थे।
चुनावी रंजिश को लेकर वृद्ध की हत्या की गई है। तहरीर के आधार पर नवनिर्वाचित प्रधान सहित पांच के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। -उदय शंकर सिंह, एसएसपी।
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