कैबिनेट मंत्री के रिश्तेदार के हत्यारोपी की मौत, पुलिस वैन पर हमला कर मारी गई थी गोली
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कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी के समधी सरमन प्रधान की हत्या में नामजद कर्मवीर ने जयपुर के अस्पताल में दम तोड़ दिया। हत्यारोपी कर्मवीर को छाता की मुंसिफ कोर्ट से पेशी से लौटते वक्त तहसील के गेट के बाहर पुलिस वैन में गोली मारी गई थी।
13 जनवरी को छाता में सरमन प्रधान की हत्या कर दी गई थी। जेल में बंद कर्मवीर पर हत्या की साजिश का आरोप लगा था। 16 अगस्त को पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी में कर्मवीर को गोली मार दी गई थी।
कंधे में गोली लगने से नयति हास्पिटल में भर्ती कराया गया। 18 अगस्त को उसे जयपुर के एसएमएस ले जाया गया। बताया जाता है कि ऑपरेशन होने के बाद कर्मवीर ने 27 अगस्त की रात दम तोड़ दिया। यह खबर छाता के गांव गौहारी में पहुंची तो उबाल आ गया।
इन पर लगा हमले का आरोप
आनन-फानन में पुलिस और पीएसी के मुस्तैद गांव गौहारी में कर दी गई है। कोतवाली प्रभारी प्रमोद पंवार ने बताया कि देर रात जयपुर से मृतक का शव आएगा। गांव में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है।
जानलेवा हमले में सरमन प्रधान के दो बेटे देवो और महेंद्र के अलावा रनवीर सिंह, ज्ञानू नामजद किए गए थे। जानलेवा हमले की साजिश का आरोप कैबिनेट मंत्री के भाई पूर्व एमएलसी लेखराज सिंह और भतीजे नरदेव चौधरी पर लगा था।