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मथुरा: नगर निगम ने पार्क से हटाई महाराजा सूरजमल की प्रतिमा, जाट समाज में आक्रोश

Sat, 04 Jan 2020 08:33 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 04 Jan 2020 08:33 PM IST
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municipal corporation removed the statue of Maharaja Suraj Mal from the park in Mathura
पार्क के बाहर तैनात पुलिस - फोटो : अमर उजाला
मथुरा में 24 दिसंबर की रात को डेंपियर नगर के नारायन पार्क पर लगाई गई महाराजा सूरजमल की प्रतिमा को निगम ने शनिवार को हटा दिया। प्रतिमा हटते ही जाट नेताओं में आक्रोश फैल गया। 
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वो इसके विरोध में नारायन पार्क में सांकेतिक धरने पर बैठ गए। मामले की गंभीरता भांपते हुए नारायन पार्क पर पुलिस तैनात कर दी गई। प्रशासनिक अधिकारी जाट नेताओं को देर रात तक समझाने का प्रयास करते रहे। 
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25 दिसंबर को महाराजा सूरजमल का बलिदान दिवस था। इससे एक दिन पूर्व 24 दिसंबर की रात को महाराजा सूरजमल की प्रतिमा को किसी ने नारायन पार्क में स्थापित कर दिया। 
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जाट समाज में आक्रोश

अगले दिन भगत सिंह पार्क में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद जाट समाज के जनप्रतिनिधियों ने इस प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दिया। इस संबंध में कुछ लोगों ने नगर निगम को जानकारी दी। 

इस पर शनिवार दोपहर को नगर निगम अधिकारियों ने पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा को हटा दिया। प्रतिमा को नगर निगम के हॉल में रखवा दिया। 

प्रतिमा हटाने की सूचना मिलते ही जाट समाज के नेताओं में आक्रोश व्याप्त हो गया। वो शाम को नारायन पार्क पर एकत्रित हो गए और सांकेतिक धरने पर बैठ गए। जाट नेताओं के धरने पर बैठते ही पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। 

एसडीएम क्रांतिशेखर सिंह ने धरने पर बैठे जाट समाज के नेता डॉ. जेएस जाट आदि को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा राष्ट्रीय महासचिव डॉ. जेएस जाट किसान संघर्ष के समिति राष्ट्रीय अध्यक्ष रामबाबू कटैलिया रामवीर सिंह तोमर प्रदेश अध्यक्ष भाकियू भानु आदि मौजूद थे।
 
'प्रतिमा शासनादेश के खिलाफ लगाई गई थी'

नगर आयुक्त रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मूर्ति लगाना या मंदिर बनाना शासनादेश के खिलाफ है। निगम के पार्क में जेएस जाट आदि लोगों ने मूर्ति रख दी थी जो कि शासनादेश के खिलाफ है। यह मूर्ति निगम और प्रशासनिक अधिकारियों ने हटवा दी है।

अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय महासचिव डॉ जेएस जाट ने कहा कि महाराजा सूरजमल की प्रतिमा का इस प्रकार से हटाया जाना उनका अपमान है। यदि यह प्रतिमा हटी है तो इस प्रकार से लगाई गईं अन्य प्रतिमा भी हटनी चाहिए।

एसडीएम सदर क्रांति शेखर सिंह ने कहा कि यहां धरना दे रहे लोगों से हमने बात की है। वह फिलहाल बात मानने को तैयार नहीं हैं। हम रिपोर्ट डीएम को देंगे।

पूर्व मंत्री के पिता के नाम से है पार्क

कांग्रेस सरकार में वर्ष 1980 में मंत्री रहे दयालकृष्ण एडवोकेट के पिता नारायन जी के नाम से पार्क है। वह नगर पालिका अध्यक्ष रहे थे। सहायक नगर आयुक्त राजकुमार मित्तल ने बताया कि इस पार्क को नारायन सर्किल के नाम से जानते हैं।
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