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Mainpuri: मुलायम सिंह ने बदले थे राजनीतिक समीकरण, राष्ट्रीय स्तर पर छाया था पहला लोकसभा चुनाव
Tue, 11 Oct 2022 09:49 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 11 Oct 2022 09:49 PM IST
सार
मुलायम सिंह यादव ने अपना पहला लोकसभा चुनाव मैनपुरी सीट से लड़ा था। यह चुनाव राष्ट्रीय स्तर पर छाया था। मुलायम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी को करारी शिकस्त दी थी।
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बेवर में छोटे दीक्षित के घर पहुंचे मुलायम सिंह यादव (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मैनपुरी लोकसभा सीट से वर्ष 1996 में अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ने वाले नेताजी मुलायम सिंह यादव ने पहले ही चुनाव में जिले के राजनीतिक समीकरण बदल दिए थे। ब्राह्मण मतदाताओं का पहली बार सपा के पक्ष में जबरदस्त ध्रुवीकरण हुआ था। इसके चलते भाजपा प्रत्याशी उपदेश सिंह चौहान उर्फ खलीफा को हार का सामना करना पड़ा था।
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जिले में 90 के दशक में बेवर में ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज के दो गुटों में वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। ब्राह्मण गुट का नेतृत्व राजवीर उर्फ छोटे दीक्षित कर रहे थे। क्षत्रिय गुट का नेतृत्व विधायक बंधु शिवराज सिंह चौहान उर्फ पीटीआई तथा उपदेश सिंह चौहान उर्फ खलीफा कर रहे थे।
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वर्ष 1996 के लोकसभा चुनाव में जब भाजपा ने विधायक उपदेश सिंह चौहान को टिकट दी तो राजवीर उर्फ छोटे दीक्षित ने नेताजी का साथ दिया। नेताजी की हर सभा में छोटे दीक्षित साए की तरह नेताजी के साथ रहे। जिले भर में ब्राह्मण मतदाताओं को सपा के पक्ष में एकजुट करके गांवों में सपा की सभाएं कराकर नेताजी का चुनाव प्रचार किया।
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भाजपा प्रत्याशी को करना पड़ा हार का सामना
वर्ष 1996 में मई के पहले सप्ताह में चुनाव परिणाम घोषित हुआ तो भाजपा प्रत्याशी उपदेश सिंह चौहान को हार का सामना करना पड़ा। नेताजी जीतकर संसद में पहुंच गए। सार्वजनिक रूप से छोटे दीक्षित को बड़ी जिम्मेदारी देने की घोषणा कर दी।इसके बाद 23 मई 1996 को थाना भोगांव क्षेत्र में अरम सराय के पास जीटी रोड पर छोटे दीक्षित की हत्या कर दी गई। इसमें दोनों विधायक बंधुओं को जेल जाना पड़ा। 24 मई को बेवर पहुंचकर नेताजी ने छोटे दीक्षित की मां चेयरमैन बेवर विमला दीक्षित से मिलकर शोक जताने के बाद पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन भी दिया था।