{"_id":"5cfa1a2dbdec2207114c136f","slug":"mughal-museum-construction-delays-from-deadline-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ताजमहल के पास बन रहे मुगल म्यूजियम का काम इस साल भी पूरा होना मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताजमहल के पास बन रहे मुगल म्यूजियम का काम इस साल भी पूरा होना मुश्किल
Fri, 07 Jun 2019 01:33 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 07 Jun 2019 01:33 PM IST
विज्ञापन
मुगल म्यूजियम की निर्माणाधीन इमारत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ताजमहल पूर्वी गेट रोड पर तीन साल पहले 2016 में मुगल म्यूजियम का शिलान्यास किया गया था, जिसे मई 2017 में पूरा कर लिया जाना था। काम जल्दी हो, इसलिए प्री-कास्ट तकनीक का पहली बार प्रयोग किया गया, लेकिन म्यूजियम निर्माण में तीन साल की देरी हो गई और इस बीच 56 करोड़ रुपये इसकी लागत बढ़ गई।
प्रदेश सरकार ने म्यूजियम निर्माण के लिए राजकीय निर्माण निगम को 129.66 करोड़ रुपये मंजूर किए थे, जबकि प्रस्ताव 141 करोड़ रुपये था। टाटा प्रोजेक्ट को जिम्मा सौंपा गया और पहले से बने पैनल लगाए गए। यह काम मई 2017 तक पूरा करना था। टाटा प्रोजेक्ट इस काम को समय पर पूरा करने में नाकाम रहा, जिस वजह से अब इस प्रोजेक्ट की लागत बढ़कर करीब 186 करोड़ रुपये हो गई है।
बार बार समय सीमा बढ़ाने के बाद राजकीय निर्माण निगम ने प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए 30 सितंबर तक का वक्त टाटा प्रोजेक्टस को दिया है, लेकिन जिस गति से काम चल रहा है, उससे यह प्रोजेक्ट अगले साल मार्च तक भी पूरा नहीं हो पाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने म्यूजियम निर्माण के लिए राजकीय निर्माण निगम को 129.66 करोड़ रुपये मंजूर किए थे, जबकि प्रस्ताव 141 करोड़ रुपये था। टाटा प्रोजेक्ट को जिम्मा सौंपा गया और पहले से बने पैनल लगाए गए। यह काम मई 2017 तक पूरा करना था। टाटा प्रोजेक्ट इस काम को समय पर पूरा करने में नाकाम रहा, जिस वजह से अब इस प्रोजेक्ट की लागत बढ़कर करीब 186 करोड़ रुपये हो गई है।
विज्ञापन
बार बार समय सीमा बढ़ाने के बाद राजकीय निर्माण निगम ने प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए 30 सितंबर तक का वक्त टाटा प्रोजेक्टस को दिया है, लेकिन जिस गति से काम चल रहा है, उससे यह प्रोजेक्ट अगले साल मार्च तक भी पूरा नहीं हो पाएगा।
विज्ञापन
पत्थर घटिया होने की शिकायत
मुगल म्यूजियम में घटिया पत्थर के लगाए जाने की शिकायत राजकीय निर्माण निगम और शासन से की गई है। पूर्व में भी घटिया पत्थर के इस्तेमाल को लेकर आपत्ति जताई जा चुकी है, लेकिन तीन साल लेट चल रहे म्यूजियम निर्माण में गुणवत्ता को लेकर भी लापरवाही बरती जा रही है।
बाउंड्री, एसटीपी का काम बढ़ा
राजकीय निर्माण निगम के मुताबिक जीएसटी लागू होने के बाद 20 करोड़ रुपये देय होंगे, जबकि एसटीपी और बाउंड्री निर्माण मिलाकर 45 करोड़ रुपये अतिरिक्त मांगे गए हैं। अब तक केवल 91 करोड़ रुपये ही जारी हो पाए हैं।
बता दें कि 5.9 एकड़ जमीन पर दो मंजिला म्यूजियम का निर्माण हो रहा है। अगर यह निर्माण तय समय पर पूरा हो जाता तो लागत भी नहीं बढ़ती और शहर में पर्यटकों के लिए दो साल पहले एक और आकर्षण जुड़ जाता।
राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके सिंह ने बताया कि म्यूजियम के लिए अब तक 91 करोड़ रुपये ही मिल पाए हैं। एसटीपी, बाउंड्री और जीएसटी लागू होने के कारण प्रोजेक्ट की लागत बढ़ी है। शासन को 45 करोड़ रुपये का प्लान सौंपा गया है।
बाउंड्री, एसटीपी का काम बढ़ा
राजकीय निर्माण निगम के मुताबिक जीएसटी लागू होने के बाद 20 करोड़ रुपये देय होंगे, जबकि एसटीपी और बाउंड्री निर्माण मिलाकर 45 करोड़ रुपये अतिरिक्त मांगे गए हैं। अब तक केवल 91 करोड़ रुपये ही जारी हो पाए हैं।
बता दें कि 5.9 एकड़ जमीन पर दो मंजिला म्यूजियम का निर्माण हो रहा है। अगर यह निर्माण तय समय पर पूरा हो जाता तो लागत भी नहीं बढ़ती और शहर में पर्यटकों के लिए दो साल पहले एक और आकर्षण जुड़ जाता।
राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके सिंह ने बताया कि म्यूजियम के लिए अब तक 91 करोड़ रुपये ही मिल पाए हैं। एसटीपी, बाउंड्री और जीएसटी लागू होने के कारण प्रोजेक्ट की लागत बढ़ी है। शासन को 45 करोड़ रुपये का प्लान सौंपा गया है।