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आगरा में किसी को नहीं मिलेगी मुफ्त बिजली
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Thu, 30 Jul 2015 02:21 AM IST
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इतने सालों तक कनेक्शन के बाद भी मीटर न लगा पाई विद्युत कंपनियों को विद्युत नियामक आयोग ने मुफ्त बिजली देने का आदेश पारित किया था, जो गुरुवार से लागू हो जाना है, लेकिन आगरा में इसका फायदा किसी को नहीं मिलेगा। आगरा शहर में टोरंट बिना मीटर के कनेक्शन जारी नहीं करती, वहीं देहात में दक्षिणांचल ने फरवरी-मार्च में अभियान चलाकर 100 फीसदी मीटर लगा दिए। आगरा के पड़ोसी जिलों मथुरा, फीरोजाबाद में 15 फीसदी उपभोक्ता ऐसे हैं, लेकिन उन्हें भी फ्री बिजली का फायदा नहीं मिल पाएगा, क्योंकि विद्युत कंपनियों ने पुर्नविचार याचिका के जरिए मीटर लगाने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है।
अनमीटर्ड उपभोक्ताओं से प्रति किलोवाट से बिजली बिल लेने के मामले में आयोग के आदेश से विद्युत वितरण कंपनियों में खलबली मची रही। ऐसे उपभोक्ताओं से बिल न लेने के आदेश पर गुरुवार को दक्षिणांचल क्षेत्र के सभी जिलों से अनमीटर्ड उपभोक्ताओं के आंकड़े मांगे गए। दक्षिणांचल क्षेत्र में 55 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके पास कनेक्शन है, लेकिन मीटर अब तक नहीं लग पाया।
पावर कारपोरेशन ने समय बढ़ाने की मांग की
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के आदेश पर पावर कारपोरेशन ने समय सीमा बढ़ाने की याचिका दाखिल की है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम से कॉमर्शियल विंग के अधिकारियों की टीम नियामक आयोग में गुहार लगाने भेजी गई है। इस मामले में सुनवाई 11 अगस्त को होनी है, लेकिन कारपोरेशन को उम्मीद है कि इससे पहले ही आयोग इस पर कोई निर्देश जारी कर सकता है। बिजली कंपनियों का तर्क है कि वह इस हालत में नहीं कि फ्री बिजली दे सकें। इसलिए कुछ और समय दिया जाए।
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तकनीकी दिक्कतें भी आएंगी सामने
पावर कारपोरेशन के सूत्रों के मुताबिक नियामक आयोग ने आदेश भले दिया हो, लेकिन इसके लिए बिलिंग साफ्टवेयर में बदलाव करना होगा। अनमीटर्ड उपभोक्ताओं का अलग से 20 दिन का बिल बनाया जाए, यह और मुसीबत का काम है। साफ्टवेयर में बदलाव न होने तक पुराने नियमों के तहत ही अनमीटर्ड उपभोक्ताओं का बिल आता रहेगा। बुधवार को किसी भी वितरण कंपनी ने अपने बिलिंग साफ्टवेयर में बदलाव नहीं किया।
वर्जन
शहर में कोई उपभोक्ता ऐसा नहीं जिसके घर मीटर न लगा हो। टोरंट मीटर लगाकर ही कनेक्शन देता है। पुराने मीटरों को हम तेजी से बदल रहे हैं
- रजनीश पाठक, पीआरओ, टोरंट
आगरा में 100 फीसदी उपभोक्ताओं के मीटर लगे हैं। मथुरा, फीरोजाबाद में कुछ कमी है, लेकिन वहां भी जल्द लग जाएंगे। नियामक आयोग से पुर्नविचार का आग्रह किया जा रहा है। आयोग का जो आदेश होगा, उसी के मुताबिक कार्रवाई होगी
- प्रभु नारायण सिंह
एमडी, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम
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अनमीटर्ड उपभोक्ताओं से प्रति किलोवाट से बिजली बिल लेने के मामले में आयोग के आदेश से विद्युत वितरण कंपनियों में खलबली मची रही। ऐसे उपभोक्ताओं से बिल न लेने के आदेश पर गुरुवार को दक्षिणांचल क्षेत्र के सभी जिलों से अनमीटर्ड उपभोक्ताओं के आंकड़े मांगे गए। दक्षिणांचल क्षेत्र में 55 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके पास कनेक्शन है, लेकिन मीटर अब तक नहीं लग पाया।
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पावर कारपोरेशन ने समय बढ़ाने की मांग की
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के आदेश पर पावर कारपोरेशन ने समय सीमा बढ़ाने की याचिका दाखिल की है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम से कॉमर्शियल विंग के अधिकारियों की टीम नियामक आयोग में गुहार लगाने भेजी गई है। इस मामले में सुनवाई 11 अगस्त को होनी है, लेकिन कारपोरेशन को उम्मीद है कि इससे पहले ही आयोग इस पर कोई निर्देश जारी कर सकता है। बिजली कंपनियों का तर्क है कि वह इस हालत में नहीं कि फ्री बिजली दे सकें। इसलिए कुछ और समय दिया जाए।
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तकनीकी दिक्कतें भी आएंगी सामने
पावर कारपोरेशन के सूत्रों के मुताबिक नियामक आयोग ने आदेश भले दिया हो, लेकिन इसके लिए बिलिंग साफ्टवेयर में बदलाव करना होगा। अनमीटर्ड उपभोक्ताओं का अलग से 20 दिन का बिल बनाया जाए, यह और मुसीबत का काम है। साफ्टवेयर में बदलाव न होने तक पुराने नियमों के तहत ही अनमीटर्ड उपभोक्ताओं का बिल आता रहेगा। बुधवार को किसी भी वितरण कंपनी ने अपने बिलिंग साफ्टवेयर में बदलाव नहीं किया।
वर्जन
शहर में कोई उपभोक्ता ऐसा नहीं जिसके घर मीटर न लगा हो। टोरंट मीटर लगाकर ही कनेक्शन देता है। पुराने मीटरों को हम तेजी से बदल रहे हैं
- रजनीश पाठक, पीआरओ, टोरंट
आगरा में 100 फीसदी उपभोक्ताओं के मीटर लगे हैं। मथुरा, फीरोजाबाद में कुछ कमी है, लेकिन वहां भी जल्द लग जाएंगे। नियामक आयोग से पुर्नविचार का आग्रह किया जा रहा है। आयोग का जो आदेश होगा, उसी के मुताबिक कार्रवाई होगी
- प्रभु नारायण सिंह
एमडी, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम