मथुरा: ब्रज में अब विकास कार्य पकड़ेंगे रफ्तार, चौरासी कोस परिक्रमा के साथ इस बड़ी समस्या का भी होगा समाधान
ब्रज तीर्थ परिषद के उपाध्यक्ष व प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष प्रजेंटेशन दिया। इस दौरान सांसद हेमा मालिनी ने जलभराव व जाम की समस्या भी उठाई।
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ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के निर्माण के लिए देश के परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष मंगलवार को नई दिल्ली के ट्रांसपोर्ट भवन में प्रेजेंटेशन दिया गया। इसमें जल्द ही डीपीआर बनने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने का आश्वासन भी मिला। इसके अलावा सांसद हेमा मालिनी ने मथुरा जनपद की सीमा में हाईवे के संपर्क मार्गों पर जगह-जगह जलभराव की समस्या के निदान का अनुरोध भी किया।
प्रेजेंटेशन में तीर्थ विकास परिषद के अधिकारियों एवं मंत्रालय के अधिकारियों के मध्य विस्तार से वार्ता हुई। मथुरा में हाईवे के ओवरब्रिज के आसपास विशेषकर निर्माणाधीन अंतरराज्यीय बस अड्डे के पास भविष्य में आने वाली जाम की समस्या और जलभराव की समस्या के निराकरण के समाधान का भी आश्वासन मिला। बताया गया कि शीघ्र ही ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा की डीपीआर बन जाएगी, फिर निर्माण शुरू होगा।
सांसद हेमा मालिनी ने केंद्रीय मंत्री को एक पत्र दिया, जिसमें देश-विदेश से राजमार्ग-19 के जरिए कान्हा की नगरी में पहुंचने वाले पर्यटक श्रद्धालुओं को राजमार्ग से आने के वक्त लिंक मार्गों पर बने ओवरब्रिज के सर्विस मार्गों पर जल निकासी व गंदगी की समस्या से अवगत कराया। इसके निराकरण के साथ ही सौंदर्यीकरण कराए जाने की मांग की।
सांसद ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि श्रद्धालुओं को कान्हा की नगरी में पहुंचने के लिए राजमार्ग से लिंक मार्ग छटीकरा रोड, गोकुल रेस्टोरेंट तिराहा, मंडी चौराहा, गोवर्धन चौराहा, महोली रोड, नरहौली चौराहा, टाउनशिप तिराहा से नगर में प्रवेश करना होता है। यहां ओवरब्रिज बने होने के चलते उन्हें सर्विस रोड से गुजरना होता है, लेकिन सर्विस रोड पर जलभराव की समस्या के साथ ही गंदगी का आलम रहता है। इससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रेजेंटेशन में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ सांसद हेमा मालिनी, उप्र ब्रजतीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्रा, उपाध्यक्ष मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण नगेंद्र प्रताप व सांसद प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा आदि मौजूद रहे।
चुनाव के बाद सक्रिय हुए अधिकारी
दो दिन पहले न्यू वृंदावन सिटी को लेकर ग्रेनो प्राधिकरण, मथुरा के डीएम, एसएसपी, उत्तर प्रदेश तीर्थ विकास परिषद के अधिकारी, निगम, प्राधिकरण व अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें न्यू वृंदावन शहर को बसाने पर मंथन हुआ। साथ ही मथुरा व वृंदावन में बढ़ रही भीड़ के कारण लगने वाले जाम का कैसे समाधान हो, इस पर भी मंथन किया गया। जाम से निजात के लिए एक अप्रैल से सभी विभाग मिलकर प्रयोग भी शुरू करने वाले हैं।
श्रद्धालुओं को सुविधाएं देने पर मंथन
दरअसल, जिस तरीके से मथुरा व वृंदावन में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है, उपलब्ध कराए गए संसाधन कम होते जा रहे हैं। पिछली एकादशी पर 10 लाख लोगों ने वृंदावन की परिक्रमा लगाई और पांच लाख लोगों ने श्रीबांकेबिहारी के दर्शन किए थे। आने वाले समय में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ेगी। इसीलिए केंद्र-प्रदेश सरकार यहां के विकास को लेकर गंभीर है। विशेषकर प्रदेश सरकार ने यहां के धार्मिक स्थलों का विकास करने के लिए उत्तर प्रदेश तीर्थ विकास परिषद को जिम्मा दिया है। परिषद के चेयरमैन खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं।