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मां की करुण पुकार: मेरे बेटू से मिला दो...12 साल के मासूम की मौत पर रोते-रोते हुई बेहोश; चीखों ने चीरा कलेजा

Mon, 12 Feb 2024 11:59 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 12 Feb 2024 11:59 AM IST
सार

12 साल का बेटा, पति और सास की एक साथ मौत की खबर सुनने के बाद रजनी बेहाल थीं। फूट-फूटकर रो रही थीं। बेहोश भी हो गईं।  परिवार की महिलाओं ने उन्हें संभाला। 
 

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Mother's pitiful cry Please meet my son once  Fainted crying over death of an innocent 12 year old
Agra Suicide after murder - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा की लॉयर्स कॉलोनी के रहने वाले दिवंगत तरुण उर्फ जॉली ने अपनी मां और बेटे की हत्या के बाद खुद की जान ले ली। उस वक्त पत्नी घर पर नहीं थी। वो खाटूश्याम दर्शन के लिए गई हुई थी। जब लौटकर आई तो इस तरह परिवार के तीन लोगों की मौत ने उसे झकझोर कर रख दिया। बेटे, पति और सास की मौत के बाद रजनी बेहाल थीं। फूट-फूटकर रो रही थीं। बेहोश भी हो गईं। परिवार की महिलाओं ने उन्हें संभाला। वह एक ही बात कह रही थी कि मेरे बेटू से एक बार मिला दो। गोद में ला दो। अब कभी छोड़कर नहीं जाऊंगी। 
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रजनी शनिवार शाम को ही राजस्थान में खाटू श्याम जी मंदिर में दर्शन के लिए गई थीं। सुबह 10 बजे परिवार के लोगों ने फोन किया। बताया कि घर आ जाओ। घर पर परेशानी हो गई है। उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी। तब वो जयपुर में थीं। वह दोपहर में घर पहुंची। उन्हें जैसे ही पता चला कि बेटे, पति और सास की मौत हुई है, वैसे ही वो बेहोश होकर गिर पड़ीं। इससे परिवार की महिलाएं घबरा गईं। उनके मुंह पर पानी डाला। कुछ देर में उन्हें होश आया। रजनी रोये जा रही थीं। यही कह रही थी कि वह आखिर क्यों चली गई। मां का गम देखकर हर आंख नम हो गई। यही हाल मौसी, बुआ, फूफा का भी था।
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दादा के संस्कारों पर चलता था कुशाग्र चौहान
मृतक तरुण चौहान के पिता के पड़ोसी दोस्त विष्णु कुमार शर्मा ने बताया कि कुशाग्र चौहान चौहान उनके सामने ही बड़ा हुआ था। वह बचपन से ही संस्कारी था। पहले सुबह शाम वह दादा के साथ घूमने जाता था। इस दौरान रास्ते में मिलने वाले कॉलोनी के बुजुर्ग लोगों से बड़े ही प्यार से सबसे अपने दादा की तरह राम-राम सा बोलता था। वह संस्कारों के मामले में सबसे अलग था। किसी के डांटने पर भी पलटकर जवाब नहीं देता था। उसके कालेज के शिक्षक घटना की जानकारी होने पर सन्न रह गए। उनका कहना था कि वह बेहदर होनहार बच्चा था। नियमित कक्षा में आता था। खेलकूद में भी अव्वल रहता था। शिक्षकों का भी बेहद सम्मान करता था।
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दर्दनाक पल
शनिवार शाम 5 बजे : रजनी घर से खाटू श्याम जी मंदिर के लिए निकली थीं।
रविवार सुबह : 8 बजे : नौकरानी गीता घर पहुंची थी, उसने पड़ोसियों को जानकारी दी थी।
सुबह 8:30 बजे : पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई। कमरों में तीनों के शव मिले।
सुबह 9:00 बजे : डीसीपी सिटी सूरज राय मौके पर पहुंचे। फील्ड यूनिट को बुलाया गया।
सुबह 11:00 बजे : गांव से परिवार के लोग आए।
सुबह : 11:30 बजे : पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
दोपहर : 3:15 बजे : रजनी घर पहुंच गईं।
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