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कासगंज में आग का तांडव, कच्चे मकानों में आग लगने से 200 से ज्यादा परिवार हुए बेघर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला कासगंज
Updated Thu, 19 Apr 2018 10:54 AM IST
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जलते अाशियाने
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी में कासगंज में आग ने खूब तांडव मचाया। जिले के पटियाली तहसील क्षेत्र के नगला नियाज अली एवं रिकैरा गांव में आग ने ऐसा तांडव मचाया कि गांव राख के ढेर नजर आने लगे।
रिकैरा में 148 कच्चे मकान और झोंपड़ियां जल गईं और घर में रखीं लाखों रुपये की संपत्ति, नकदी, जेवर, और घरेलू सामान सब जल गया।
रिकैरा गांव में 36 आवासीय और गैर आवासीय कच्चे मकान जल गए जिनमें लाखों की क्षति हो गई। रिकैरा के समीपवर्ती बदायूं जनपद के गांव रामसा नगला में भी 70 से अधिक कच्चे मकान में आग लगने से कई पशु भी जलकर मर गए।
अगलगी की घटना सबसे पहले नगला नियाज अली में हुई। यह आगजनी की घटना दोपहर 11 बजे के बाद हुई। सबसे पहले जान मोहम्मद के घर में आग लगी और तेज हवा के झोकों के साथ यह आग तेजी से फैलने लगी।
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रिकैरा में 148 कच्चे मकान और झोंपड़ियां जल गईं और घर में रखीं लाखों रुपये की संपत्ति, नकदी, जेवर, और घरेलू सामान सब जल गया।
रिकैरा गांव में 36 आवासीय और गैर आवासीय कच्चे मकान जल गए जिनमें लाखों की क्षति हो गई। रिकैरा के समीपवर्ती बदायूं जनपद के गांव रामसा नगला में भी 70 से अधिक कच्चे मकान में आग लगने से कई पशु भी जलकर मर गए।
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अगलगी की घटना सबसे पहले नगला नियाज अली में हुई। यह आगजनी की घटना दोपहर 11 बजे के बाद हुई। सबसे पहले जान मोहम्मद के घर में आग लगी और तेज हवा के झोकों के साथ यह आग तेजी से फैलने लगी।
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आग पर काबू पाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
आग की चपेट में आवासीय मकान ही नहीं थे, बल्कि यह आग खेतों में भी पहुंच गई। फायरब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन फायरब्रिगेड डेढ़ घंटे बाद करीब साढ़े 12 बजे पहुंची। तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।
इस गांव में 22 आवासीय मकान जले जबकि 16 गैर आवासीय कच्चे मकान और झोंपड़ियां जल गई। घर में रखा सारा सामान जल गया। खेतों में लगी आग पर बमुश्किल काबू पाया गया।
नगला नियाजअली की आग शांत भी नहीं हो पाई कि करीब एक बजे के बाद पटियाली के ही रिकैरा गांव में जबरदस्त आग लग गई। रिकैरा गांव में आग का प्रकोप इतना ज्यादा था कि पूरा गांव ही राख के ढेर में तब्दील हो गया।
कुछ पक्के मकान ही नाम मात्र को बचे। इस गांव में कुल 148 आवासीय मकान जल गए, जबकि 7 गैर आवासीय। पूरे गांव में 175 मकान हैं। केवल 20 आवासीय और गैर आवासीय कच्चे मकान ही बचे हैं।
इस गांव में 22 आवासीय मकान जले जबकि 16 गैर आवासीय कच्चे मकान और झोंपड़ियां जल गई। घर में रखा सारा सामान जल गया। खेतों में लगी आग पर बमुश्किल काबू पाया गया।
नगला नियाजअली की आग शांत भी नहीं हो पाई कि करीब एक बजे के बाद पटियाली के ही रिकैरा गांव में जबरदस्त आग लग गई। रिकैरा गांव में आग का प्रकोप इतना ज्यादा था कि पूरा गांव ही राख के ढेर में तब्दील हो गया।
कुछ पक्के मकान ही नाम मात्र को बचे। इस गांव में कुल 148 आवासीय मकान जल गए, जबकि 7 गैर आवासीय। पूरे गांव में 175 मकान हैं। केवल 20 आवासीय और गैर आवासीय कच्चे मकान ही बचे हैं।
इनका हुआ सबसे ज्यादा नुकसान
रोते-बिलखते पीड़ित
- फोटो : अमर उजाला
गांव में सर्वाधिक क्षति श्यामपाल पुत्र रामौतार की हुई। उनके घर में 4 लाख रुपये की नकदी तरबूज की सौदा के रखे थे। घरेलू सामान के साथ ये रुपये भी जल गए, उसकी बाइक भी जल गई।
इसके अलावा भूरे, श्यामपाल, राजेंद्र की बाइक जल गईं। नेपाल सिंह का ट्रैक्टर, इंजन, ट्रॉली और 12 मुर्गी जल गईं। नवल सिंह, राम सिंह, बब्बू का इंजन जल गया। छोटे लाल का पशु जलकर मर गया। जबकि प्रेमपाल का पशु काफी झुलस गया।
रिकैरा के बदायूं जनपद में लगने वाले पड़ोसी गांव रामसा नगला में भी आग ने जमकर तांडव मचाया। 70 से अधिक कच्चे मकान व झोपड़ियां जल गए।
इसके अलावा भूरे, श्यामपाल, राजेंद्र की बाइक जल गईं। नेपाल सिंह का ट्रैक्टर, इंजन, ट्रॉली और 12 मुर्गी जल गईं। नवल सिंह, राम सिंह, बब्बू का इंजन जल गया। छोटे लाल का पशु जलकर मर गया। जबकि प्रेमपाल का पशु काफी झुलस गया।
रिकैरा के बदायूं जनपद में लगने वाले पड़ोसी गांव रामसा नगला में भी आग ने जमकर तांडव मचाया। 70 से अधिक कच्चे मकान व झोपड़ियां जल गए।
लोग बर्बादी से सहम गए
इस गांव में आग का तांडव देर सायं तक चलता रहा। कासगंज व बदायूं जनपद की 5 दमकल की गाड़ियों ने जैसे तैसे आग पर काबू पाया। अग्नि पीड़ितों का सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया।
उनके पास अब खाने, पीने, पहनने-ओढ़ने तक को कपड़े नहीं बचे हैं। पूरे प्रभावित गांव में हाहाकार मचा हुआ है। लोग बर्बादी के मंजर को देखकर सहमें हुए हैं।
उनके पास अब खाने, पीने, पहनने-ओढ़ने तक को कपड़े नहीं बचे हैं। पूरे प्रभावित गांव में हाहाकार मचा हुआ है। लोग बर्बादी के मंजर को देखकर सहमें हुए हैं।