{"_id":"5ec8ca28765b39198b3d9bcd","slug":"more-than-half-of-hospital-clinics-closed-in-agra-due-to-coronavirus","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कोरोना का डर: आगरा में अभी भी बंद है आधे से ज्यादा अस्पताल-क्लीनिक, भटक रहे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना का डर: आगरा में अभी भी बंद है आधे से ज्यादा अस्पताल-क्लीनिक, भटक रहे मरीज
Sat, 23 May 2020 01:02 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 23 May 2020 01:02 PM IST
सार
- पहले स्वास्थ्य विभाग ने ही छोटे अस्पताल बंद कराए थे
- अब कोई रोक नहीं है, फिर भी संचालक नहीं खोल रहे हैं
विज्ञापन
जिला अस्पताल की ओपीडी में भीड़
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा शहर से लेकर देहात तक आधे से ज्यादा अस्पताल और क्लीनिक अभी भी बंद हैं। इस कारण मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। पहले स्वास्थ्य विभाग ने ही छोटे अस्पताल बंद कराए थे। अब कोई रोक नहीं है फिर भी ये नहीं खोले जा रहे हैं। ज्यादातर पैथोलॉजी और डॉयग्नोस्टिक सेंटर भी बंद होने के कारण जांच कराने में दिक्कत आ रही है।
विज्ञापन
अस्पताल बंद होने की वजह कोरोना संक्रमण का डर है। शहर में एक के बाद एक 10 अस्पतालों में संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। जिसमें मरीज मिलता, उसे सील कर दिया जाता। इसका नतीजा यह हुआ कि कुछ को छोड़कर अधिकतर अस्पताल बंद हो गए।
विज्ञापन
अब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) पदाधिकारियों ने पिछले कुछ दिनों में 200 से ज्यादा अस्पताल खुलवाए हैं। खासकर इमरजेंसी सेवाओं में सुधार पर जोर दिया है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में अस्पताल बंद हैं। देहात में स्थिति और ज्यादा खराब है।
विज्ञापन
Trending Videos
1065 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत
स्वास्थ्य विभाग में 1065 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत हैं। इनमें 484 अस्पताल और 432 क्लीनिक हैं, जिसमें से 43 डेंटल क्लीनिक हैं। आईएमए पदाधिकारियों ने बताया कि इनमें से 274 अस्पताल और 70 पैथोलॉजी-रेडियो डायग्नोसिस सेंटर ही अभी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में बाकी के अस्पताल, क्लीनिक और सेंटर न खुलने से मरीजों को परेशानी हो रही है।
आंकड़े
484 : अस्पताल
389 : क्लीनिक
43 : डेंटल क्लीनिक
88 : डायग्नोसिस सेंटर
61 : डायलिसिस सेंटर
(स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत)
आंकड़े
484 : अस्पताल
389 : क्लीनिक
43 : डेंटल क्लीनिक
88 : डायग्नोसिस सेंटर
61 : डायलिसिस सेंटर
(स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत)
आसपास के अस्पताल मिले बंद
मारुति एस्टेट के रहने वाले सुरेश चंद्र ने बताया कि रात में उन्हें पेट में दर्द हुआ, आसपास कोई अस्पताल खुला नहीं मिला, रात में टेलीमेडिसन सुविधा भी नहीं होती है। अगले दिन जाकर दवा ली।
शाहगंज निवासी कुसुमवती ने कहा कि शहर में गिनती के अस्पताल खुले हैं, इनकी भी सबको जानकारी नहीं है। बुखार आने पर आसपास देखा, अस्पताल बंद थे।
छीपीटोला के इरफान ने बताया कि उनकी बच्ची की तबीयत रात में अचानक बिगड़ी, पूरे छीपीटोला में एक भी अस्पताल नहीं खुला था, उसे एसएन मेडिकल ले जाना पड़ा, तब तक हालत और बिगड़ गई थी।
शाहगंज निवासी कुसुमवती ने कहा कि शहर में गिनती के अस्पताल खुले हैं, इनकी भी सबको जानकारी नहीं है। बुखार आने पर आसपास देखा, अस्पताल बंद थे।
छीपीटोला के इरफान ने बताया कि उनकी बच्ची की तबीयत रात में अचानक बिगड़ी, पूरे छीपीटोला में एक भी अस्पताल नहीं खुला था, उसे एसएन मेडिकल ले जाना पड़ा, तब तक हालत और बिगड़ गई थी।
'31 मई के बाद सभी अस्पताल संचालित होंगे'
आईएमए आगरा के अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी ने बताया कि लॉकडाउन के चलते सभी अस्पताल-क्लीनिक नहीं खुल रहे हैं। वैसे इमरजेंसी में कोई भी मरीज का इलाज कर सकता है। 31 मई के बाद सभी अस्पताल, लैब और क्लीनिक संचालित होंगे।
आईएमए सचिव डॉ संजय चतुर्वेदी ने कहा कि अभी 274 अस्पताल, 70 लैब-रेडियोडाइग्नोसिस सेंटर संचालित हो रहे हैं। वैसे अभी मरीजों की संख्या कम है, यदि किसी को परेशानी है तो हेल्पलाइन नंबर 7830067676 पर कॉल कर सकते हैं।
'ट्रेनिंग लेकर खोल सकते हैं अस्पताल'
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बताय कि संक्रमण से बचाव के लिए ट्रेनिंग देने के बाद अस्पताल खोले जा रहे हैं, जो भी अपना संस्थान संचालित करना चाहता है वह प्रशिक्षण प्राप्त कर सकता है। अब किसी अस्पताल पर कोई पाबंदी नहीं है। संक्रमण से बचाव के मानक हैं, उन्हें पूरा किया जाना चाहिए।
आईएमए सचिव डॉ संजय चतुर्वेदी ने कहा कि अभी 274 अस्पताल, 70 लैब-रेडियोडाइग्नोसिस सेंटर संचालित हो रहे हैं। वैसे अभी मरीजों की संख्या कम है, यदि किसी को परेशानी है तो हेल्पलाइन नंबर 7830067676 पर कॉल कर सकते हैं।
'ट्रेनिंग लेकर खोल सकते हैं अस्पताल'
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बताय कि संक्रमण से बचाव के लिए ट्रेनिंग देने के बाद अस्पताल खोले जा रहे हैं, जो भी अपना संस्थान संचालित करना चाहता है वह प्रशिक्षण प्राप्त कर सकता है। अब किसी अस्पताल पर कोई पाबंदी नहीं है। संक्रमण से बचाव के मानक हैं, उन्हें पूरा किया जाना चाहिए।