फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   more arrest in agra university fake degree case

बीएड फर्जीवाड़ाः ये गिरफ्तारी तो शुरुआत, अभी 30 कर्मचारियों पर और गिरेगी गाज

Wed, 25 Oct 2017 09:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा Updated Wed, 25 Oct 2017 09:24 AM IST
विज्ञापन
more arrest in agra university fake degree case
अागरा ‌व‌िवि - फोटो : अमर उजाला
डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के अभी चार कर्मचारी जेल गए हैं। बीएड फर्जी मार्कशीट प्रकरण में ये गिरफ्तारी तो महज कार्रवाई की शुरुआत मानी जा रही है। जल्द ही विवि के 30 और कर्मचारियों के हाथों में हथकड़ी लग सकती है। 
विज्ञापन


इन्हें 2004-05 के बीएड फर्जी मार्कशीट प्रकरण में आरोपी बनाने की तैयारी एसआईटी ने कर ली है। सिर्फ हाईकोर्ट से आदेश मिलने का इंतजार है। इसके बाद तेजी के साथ कार्रवाई की जानी है।
विज्ञापन


बता दें कि आगरा विवि में बीएड की चार हजार मार्कशीट फर्जी पाई गईं। फर्जी मार्कशीट के अलग-अलग चल रहे आठ मामलों में यही सबसे बड़ा है। इन फर्जी मार्कशीट के जरिए प्रदेश में दो हजार से ज्यादा सहायक अध्यापक बने हैं। एसआईटी जांच पूरी कर चुकी है। विवि के कुलपति को फर्जी मार्कशीट का ब्योरा भी दे दिया गया था। उन्होंने कार्रवाई नहीं की।
विज्ञापन
विज्ञापन

तब यह ब्योरा हाईकोर्ट के सामने रखा गया। हाईकोर्ट के आदेश पर ही एसआईटी की जांच शुरू हुई थी। एसआईटी के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि चार हजार फर्जी मार्कशीट का ब्योरा गोपनीय चार्ट में दर्ज किए जाने और फिर उन्हें असली बताकर सत्यापन किए जाने की जांच पूरी हो चुकी है। इसमें 30 कर्मचारियों का नाम सामने आया है। उन्हें जल्द ही आरोपी बनाया जाएगा।

विदेशों तक पहुंची है विवि की फर्जी मार्कशीट

दिल्ली में पिछले साल डाक्टर पकड़ा गया था। उसकी एमबीबीएस की मार्कशीट डा. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय की मिली। यह जांच में फर्जी पाई गई। इससे पहले अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा में प्राइवेट कंपनियों में नौकरी कर रहे 17 लोगों की मार्कशीट जांच में फर्जी मिलीं। वे भी इसी विवि की थी। हाल में आंध्र के 300 अधिकारियों और कर्मचारियों की मार्क शीट के फर्जी होने का अंदेशा सामने आया है। इसकी जांच अभी चल रही है।

नौकरी मिलना हो गया है मुश्किल

फर्जी मार्कशीट से डा. बीआर  अंबेडकर विश्वविद्यालय की साख इतनी गिर गई है कि कई कंपनियों ने इसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है। इस विवि की मार्कशीट पर नौकरी नहीं दी जा रही है। हाल में ही ऐसी ही एक शिकायत भी कुलपति के पास आई थी। इसके अतिरिक्त जो प्राइवेट कंपनियां इस विवि की डिग्री पर नौकरी दे रही हैं, वे सत्यापन करा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed