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मोरारी बापू ने वृंदावन में ठाकुरजी के किए दर्शन, रामदेव समेत कई साधु संत रहे मौजूद

Tue, 13 Oct 2020 11:05 PM IST
Vikas Kumar अमर उजाला नेटवर्क, वृंदावन
अमर उजाला नेटवर्क, वृंदावन Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 13 Oct 2020 11:05 PM IST
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Morari Bapu visited Thakurji in Vrindavan
ठाकुर जी के दर्शन करने पहुंचे मोरारी बापू - फोटो : amar ujala

पुरुषोत्तम मास के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध कथाकार परम पूज्य मोरारी बापूजी ने पवित्र धाम वृंदावन में ठाकुरजी के दर्शन किए। इस अवसर पर बापूजी के साथ योग गुरु स्वामी रामदेव बाबा, श्री परमात्मानंद सरस्वती कर्षिणी गुरु श्री शरणानंदजी महाराज और गीतामणि श्री स्वामी ज्ञानानंदजी भी ठाकुरजी वृंदावन पहुंचे। बापूजी ने कहा कि पुरुषोत्तम मास में ब्रजराज के दर्शन करने से मेरे मन को बहुत शांति मिली है। दाउजी की परिक्रमा करके ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के पुण्य का लाभ प्राप्त हुआ है। पवित्र मंदिर में संतों के आगमन की खबर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और उन्होंने फूलों की बौछार के साथ संतों का स्वागत किया।

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इससे पहले मोरारी बापूजी ने मथुरा में बलदेव धाम में दाऊजी मंदिर में बलदेव और रेवती मैया के दर्शन किए। इस अवसर पर अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक, संत गुरुशरणानंद महाराज, योगाचार्य रामदेव और संत ज्ञानानंद भी उपस्थित थे। मोरारी बापू आगरा से पहले कर्षणी आश्रम रमनरती पहुंचे।
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शीघ्र ही गिरनार की चोटी पर कमंडल कुंड से कथावाचक मोरारी बापू द्वारा रामकथा का आयोजन होने जा रहा है। यह बापू की 849वीं रामकथा है। यह सोरठ के अवधूत जोगंदर के समान गिरनार पर्वत पर पहली ऐतिहासिक रामकथा है। नवरात्रि के शुभ अवसर पर कथावाचन 17 अक्तूबर को सुबह 9:30 बजे शुरू होगा। कोरोना महामारी और सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करने वाले भक्तों की सुरक्षा के बीच सामाजिक दूरी को देखते हुए रामकथा वर्च्युअल होगी। 
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इससे पहले भी जूनागढ़ शहर और पन्थ में रामकथा का आयोजन हुआ है। मोरारी बापू जो की हिमालय में कैलाश-मानसरोवर, नीलगिरि पर्वत पर, बर्फानी बाबा अमरनाथ के साथ-साथ चार धाम-बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमनोत्री और गंगोत्री जैसे दुर्गम क्षेत्रों में रामकथा गा चुके हैं। पहली बार गिरनार पर्वत पर रामकथा गाने जा रहे हैं। इससे पहले तुलसी-श्याम, जो कि गिरनारी पर्वत श्रृंखला का हिस्सा है, मां रूक्मिणीजी के चरणों में रामकथा गाई गई थी। इस बार कथा का लाइव प्रसारण आस्था चैनल के साथ-साथ यूट्यूब पर भी देखा जा सकता है।

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