Firozabad: टूंडला रेलवे स्टेशन पर बंदरों का आतंक, यात्रियों से छीन लेते हैं खानपान का सामान
टूंडला में बंदरों की संख्या में तेजी से बढ़ रही है। इससे कस्बे के लोग तो परेशान हैं ही, रेलवे स्टेशन पर भी बंदर उत्पात मचाते हैं, जिससे यात्री परेशान होते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फिरोजाबाद के टूंडला रेलवे स्टेशन पर बंदरों का आतंक है। स्टेशन पर उत्पाती बंदर यात्रियों से खाने पीने का एवं अन्य सामान छीन ले जाते हैं। यात्रियों पर हमला कर उन्हें काट भी लेते है। कई बार रेल अधिकारियों से बंदरों को पकड़वाने की मांग की जा चुकी हैं, लेकिन किसी भी अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
टूंडला शहर में बंदरों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। नगर के अलावा बंदरों की संख्या रेलवे परिक्षेत्र में तेजी से बढ़ रही है। रेलवे स्टेशन पर भी बंदरों की संख्या खासी है। जो लगातार हमलावर होते जा रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार टूंडला रेलवे स्टेशन पर ही पांच सौ से अधिक बंदर हैं। ये बंदर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्मों पर खाने की तलाश में घूमते रहते हैं।
रेलवे स्टेशन पर नए आने वाले रेल यात्रियों को बंदरों की जानकारी नहीं होती। ऐसे में बंदर उनके हाथ में लगे खाने पीने के सामान के अलावा अन्य सामान छींनकर ले जाते हैं। इस बीच अगर यात्री ने बंदरों का विरोध अथवा घूर कर भी देखने तो हमला कर देते हैं। रेलवे स्टेशन पर अब तक कई यात्री घायल हो चुके हैं।
अभी तक नहीं उठाए गए ठोस कदम
रेलवे स्टेशन से लेकर रेलवे कालोनियां एवं शहर तक के बंदरों को पकड़वाने और उनकी नसबंदी कराने के लिए कई बार सामाजिक संगठनों ने रेल अधिकारियों व स्थानीय प्रशासन से मांग की है, लेकिन अभी तक इस दिशा में रेल अधिकारियों व सिविल अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। जिसके चलते बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है।
शिकोहाबाद के यात्री महेशचंद्र शर्मा ने बताया कि अभी तक हमने रेलवे स्टेशनों पर बंदरों को नहीं देखा। टूंडला रेलवे स्टेशन हमारे अब तक के सफर में ऐसा है, जहां बंदरों की भरमार है। वे इर्द गिर्द घूमते हैं, सामान छीन ले जाते हैं, जिन्हें देखकर डर लगता है।
टूंडला के स्टेशन अधीक्षक सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि हमने वरिष्ठ अधिकारियों को स्टेशन पर बढ़ रहे बंदरों के हमले की जानकारी दी है। उनके आदेशों के बाद ही बंदरों की नसबंदी या फिर उन्हें पकड़वाने का इंतजाम किया जाएगा।