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Monkey Attack: ताजमहल देखने आए शाहीन रशीद पर बंदरों का हमला, चीख-पुकार मचने पर पर्यटकों ने बचाया

Sun, 11 Sep 2022 11:03 PM IST
Vikas Kumar माई सिटी रिपोर्टर, आगरा
माई सिटी रिपोर्टर, आगरा Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 11 Sep 2022 11:03 PM IST
सार

ताजमहल में बंदरों के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इसके पहले भी कई बार बंदर पर्यटकों पर हमले कर चुके हैं। पिछले माह एक पर्यटक को बंदरों ने काट लिया था।

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Monkeys attack Shaheen Rashid who came to see Taj Mahal tourists rescued after screaming
तमिलनाडु के पर्यटक शाहीन रशीद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ताजमहल परिसर व आसपास बंदरों का उत्पात बढ़ता जा रहा है। रविवार को सेंट्रल टैंक के पास बंदरों ने तमिलनाडु के पर्यटक शाहीन रशीद पर हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया। चीख-पुकार होने पर अन्य पर्यटकों ने बंदरों को भगाया। सीआईएसएफ के जवानों ने पर्यटक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। 

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ताजमहल परिसर में रविवार को सुबह से ही खासी भीड़ थी। दोपहर करीब एक बजे तमिलनाडु से अपने परिवार के साथ आए शाहीन रशीद परिवार के साथ सेंट्रल टैंक पर फोटोग्राफी करा रहे थे। अचानक बंदरों का झुंड आ गया। उन्होंने बंदरों को भगाने की कोशिश की। इस पर दो तीन बंदर उन पर झपट पड़े। एक बंदर ने पैर में काट लिया। इससे पर्यटकों में चीख-पुकार मच गई। सीआईएसएफ के जवान और अन्य पर्यटकों ने पहुंचकर बंदरों को भगाया। इसके बाद घायल पर्यटक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। दिल्ली से आए पर्यटक विनोद का कहना था कि बंदरों के कारण बड़ी घटना हो सकती है। यहां बड़ी संख्या में लोग बच्चों के साथ आते हैं। 

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पहले भी ताज में बंदर कर चुके हैं हमला
ताजमहल में बंदरों के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इसके पहले भी कई बार बंदर पर्यटकों पर हमले कर चुके हैं। पिछले माह एक पर्यटक को बंदरों ने काट लिया था। छह माह पहले एक विदेशी पर्यटक भी बंदरों के हमले में जख्मी हुईं थीं। 

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बगीचों में रहते हैं सैकड़ों बंदर
ताजमहल के बगीचों में पूरे दिन सैकड़ों बंदर रहते हैं। एएसआई कर्मचारियों का कहना है कि काफी कोशिश के बाद भी यह भागते नहीं है। भगा देने के बाद कुछ घंटे बाद फिर आ जाते हैं। कई कर्मचारी भी बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं। 

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