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वन विभाग की सलाह, लोग निजी खर्च पर पकड़वाएं बंदर
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21एमएनपी-05-शहर के नगला दौलत में एक घर पर लटकते बंदर
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। बंदरों के उत्पात से फिलहाल राहत मिलती नजर नहीं आ रही। नगर पालिका पहले ही वन विभाग के ऊपर जिम्मा डालकर अपना पल्ला झाड़ चुकी है। अब वन विभाग ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। वन विभाग ने लिखित में सूचना दी है कि उनके पास बंदर पकड़ने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने निजी खर्च पर पेशेवर लोगों से बंदर पकड़वाने की सलाह दी है।
शहर के छह से अधिक मोहल्ले के लोग बंदरों के उत्पात से परेशान हैं। एक व्यक्ति ने ऑनालइन आईजीआरएस पर बंदरों को पकड़वाने के लिए शिकायत की थी। ये शिकायत वन विभाग को भेज दी गई लेकिन इसमें लगाई गई रिपोर्ट ने सभी को हैरान कर दिया। वन विभाग के अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में साफ लिखा है कि वे बंदरों को पकड़वाने में असमर्थ हैं। क्योंकि उनके पास कोई प्रशिक्षित टीम नहीं है। ऐसे में उन्होंने कुछ निजी लोगों के नाम भी सुझाएं हैं। ये वे लोग हैं जो निजी खर्च पर बंदर पकड़ने का काम करते हैं। उनसे संपर्क कर बंदर पकड़वाने की बात कही गई है। ऐसे में फिर आगरा रोड स्थित राजीव गांधी नगर, कृष्णा नगर, बाईपास रोड, नगला दौलत, सिंधिया तिराहा आदि कॉलोनियों के लोगों को झटका लगा है।
आखिर कौन वहन करेगा खर्च
वन विभाग द्वारा मथुरा के दो लोगों के नाम सुझाए गए हैं। ये वे लोग हैं जो रुपये लेकर बंदर पकड़ने का काम करते हैं। जानकारी के अनुसार ये लोग प्रतिदिन दो हजार रुपये प्रति व्यक्ति लेते हैं। ऐसे में इनका खर्च आखिर कौन वहन करेगा। इसे लेकर सभी परेशान हैं।
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मैनपुरी में वन विभाग के पास बंदरों को पकड़ने के लिए कोई संसाधन नहीं हैं। पूर्व में आईजीआरएस पर भी इस संबंध में रिपोर्ट अपडेट की गई है।
-दिनेशचंद्र शुक्ला, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी एवं वन प्रभाग।
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शहर के छह से अधिक मोहल्ले के लोग बंदरों के उत्पात से परेशान हैं। एक व्यक्ति ने ऑनालइन आईजीआरएस पर बंदरों को पकड़वाने के लिए शिकायत की थी। ये शिकायत वन विभाग को भेज दी गई लेकिन इसमें लगाई गई रिपोर्ट ने सभी को हैरान कर दिया। वन विभाग के अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में साफ लिखा है कि वे बंदरों को पकड़वाने में असमर्थ हैं। क्योंकि उनके पास कोई प्रशिक्षित टीम नहीं है। ऐसे में उन्होंने कुछ निजी लोगों के नाम भी सुझाएं हैं। ये वे लोग हैं जो निजी खर्च पर बंदर पकड़ने का काम करते हैं। उनसे संपर्क कर बंदर पकड़वाने की बात कही गई है। ऐसे में फिर आगरा रोड स्थित राजीव गांधी नगर, कृष्णा नगर, बाईपास रोड, नगला दौलत, सिंधिया तिराहा आदि कॉलोनियों के लोगों को झटका लगा है।
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आखिर कौन वहन करेगा खर्च
वन विभाग द्वारा मथुरा के दो लोगों के नाम सुझाए गए हैं। ये वे लोग हैं जो रुपये लेकर बंदर पकड़ने का काम करते हैं। जानकारी के अनुसार ये लोग प्रतिदिन दो हजार रुपये प्रति व्यक्ति लेते हैं। ऐसे में इनका खर्च आखिर कौन वहन करेगा। इसे लेकर सभी परेशान हैं।
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मैनपुरी में वन विभाग के पास बंदरों को पकड़ने के लिए कोई संसाधन नहीं हैं। पूर्व में आईजीआरएस पर भी इस संबंध में रिपोर्ट अपडेट की गई है।
-दिनेशचंद्र शुक्ला, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी एवं वन प्रभाग।