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धर्म और मजहब के आधार पर न दिया जाए मुआवजा: लक्ष्मीकांत
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा
Updated Sun, 29 Nov 2015 02:27 AM IST
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भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने किसी भी घटना में मृत व्यक्ति के परिजनों को मुआवजा के लिए गाइड लाइन तैयार कराने की मांग की है। दादरी में हुई घटना का हवाला देते हुए कहा कि मुआवजा किसी धर्म और मजहब के आधार पर देना गलत है।
शनिवार को पत्रकारों से उन्हाेंने दादरीकांड में मारे गए अकलाख की मौत के बाद शासन की ओर से दिए गए मुआवजे का जिक्र भी किया। एटा की घटना पर बोले कि प्रशासन और अग्निशमन विभाग की लापरवाही से कचहरी रोड स्थित सुनील सक्सेना के मकान में लगी। आग से दो बच्चों की मौत हो गई। लेकिन शासन की ओर से पीड़ित परिवार को मात्र दो-दो लाख रुपये दिए गए हैं। उन्होंने पिछले दिनों केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया के धरने के दौरान कार्यकर्ताओं के खिलाफ अमर्यादित और महिलाओं के खिलाफ असभ्य भाषा का प्रयोग किए जाने पर आईजी की निंदा की। उन्होंने आगरा सहित प्रदेश के अन्य शहरों में मीडियाकर्मियों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट की घटनाओं की सीबीआई जांच की मांग की।
जुटा रहे सबूत
लक्ष्मीकांत एटा और आगरा में मीडियाकर्मियों पर हुए हमले के साक्ष्य जुटा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने कुछ वीडियो क्लिप एकत्रित की हैं। उन्होंने कहा कि यह सबूत शासन के उच्च अधिकारियों के सामने पेश किए जाएंगे।
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हिंदुस्तान की सेना को मत ललकारो
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक फारूख अब्दुल्ला को लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि जहां खाते हो, वहां की सेना को चुनौती देना ठीक नहीं। बता दें कि फारूख ने कहा था कि पीओके पाकिस्तान का हिस्सा है और उसी के साथ रहेगा।
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शनिवार को पत्रकारों से उन्हाेंने दादरीकांड में मारे गए अकलाख की मौत के बाद शासन की ओर से दिए गए मुआवजे का जिक्र भी किया। एटा की घटना पर बोले कि प्रशासन और अग्निशमन विभाग की लापरवाही से कचहरी रोड स्थित सुनील सक्सेना के मकान में लगी। आग से दो बच्चों की मौत हो गई। लेकिन शासन की ओर से पीड़ित परिवार को मात्र दो-दो लाख रुपये दिए गए हैं। उन्होंने पिछले दिनों केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया के धरने के दौरान कार्यकर्ताओं के खिलाफ अमर्यादित और महिलाओं के खिलाफ असभ्य भाषा का प्रयोग किए जाने पर आईजी की निंदा की। उन्होंने आगरा सहित प्रदेश के अन्य शहरों में मीडियाकर्मियों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट की घटनाओं की सीबीआई जांच की मांग की।
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जुटा रहे सबूत
लक्ष्मीकांत एटा और आगरा में मीडियाकर्मियों पर हुए हमले के साक्ष्य जुटा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने कुछ वीडियो क्लिप एकत्रित की हैं। उन्होंने कहा कि यह सबूत शासन के उच्च अधिकारियों के सामने पेश किए जाएंगे।
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हिंदुस्तान की सेना को मत ललकारो
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक फारूख अब्दुल्ला को लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि जहां खाते हो, वहां की सेना को चुनौती देना ठीक नहीं। बता दें कि फारूख ने कहा था कि पीओके पाकिस्तान का हिस्सा है और उसी के साथ रहेगा।