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शहादत की अनदेखी: कर्मचारियों लिया पैसा, शहीदों के परिवारों को नहीं दिया
Wed, 02 Oct 2019 03:17 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 02 Oct 2019 03:17 PM IST
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पुलवामा हमले की फाइल फोटो
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पुलवामा के शहीदों की मदद के लिए विकास खंड और विकास भवन के कर्मचारियों और अधिकारियों का एक दिन का वेतन तो काट लिया गया लेकिन सात महीने में भी इस धनराशि को पहुंचाया नहीं जा सका।
अफसरों ने पहले तय किया कि पैसा प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कराया जाए। इसका डीडी गलत बन गया तो फैसला लिया कि आगरा के कहरई के शहीद कौशल कुमार का स्मारक बनवाया जाएगा। यह स्मारक सांसद निधि से बन जाना तय हो गया तो अब धनराशि को वापस कर्मचारियों और अधिकारियों के खाते में भेजा जा रहा है।
पुलवामा हमला 14 फरवरी को हुआ था। इसमें शहीद हुए जवानों की मदद के लिए 15 विकास खंड और विकास भवन के 18 कार्यालय में तैनात कर्मचारियों और अफसरों से एक-एक दिन का वेतन एकत्रित किया गया था। कुल 2.70 लाख रुपये एकत्रित हुए थे।
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अफसरों ने पहले तय किया कि पैसा प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कराया जाए। इसका डीडी गलत बन गया तो फैसला लिया कि आगरा के कहरई के शहीद कौशल कुमार का स्मारक बनवाया जाएगा। यह स्मारक सांसद निधि से बन जाना तय हो गया तो अब धनराशि को वापस कर्मचारियों और अधिकारियों के खाते में भेजा जा रहा है।
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पुलवामा हमला 14 फरवरी को हुआ था। इसमें शहीद हुए जवानों की मदद के लिए 15 विकास खंड और विकास भवन के 18 कार्यालय में तैनात कर्मचारियों और अफसरों से एक-एक दिन का वेतन एकत्रित किया गया था। कुल 2.70 लाख रुपये एकत्रित हुए थे।
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कर्मचारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए डीडी बनवाया गया था, लेकिन उनमें कुछ गलती हो गई। इसके बाद डीडी को निरस्त किया गया। दोबारा नहीं बनवाया गया।
स्मारक भी नहीं बनवाया
डीडी निरस्त होने के बाद डीएम ने निर्णय लिया कि एकत्रित पैसे से कहरई के कौशल कुमार यादव की स्मारक बनवाया जाए। लेकिन वह सांसद निधि से बनाया जा रहा है। इस कारण एकत्र किया गया पैसा नहीं दिया।
खाते में डाल दिया पैसा, भूल गए
स्मारक में पैसा नहीं लगाए जाने के निर्णय के बाद करीब दो माह तक धनराशि खाते में पड़ी रही। अफसर भूल ही गए। कर्मचारियों ने मसला उठाया तो जिम्मेदारों ने आननफानन में धनराशि को उनके खातों में स्थानांतरण करने का निर्णय ले लिया।
स्मारक भी नहीं बनवाया
डीडी निरस्त होने के बाद डीएम ने निर्णय लिया कि एकत्रित पैसे से कहरई के कौशल कुमार यादव की स्मारक बनवाया जाए। लेकिन वह सांसद निधि से बनाया जा रहा है। इस कारण एकत्र किया गया पैसा नहीं दिया।
खाते में डाल दिया पैसा, भूल गए
स्मारक में पैसा नहीं लगाए जाने के निर्णय के बाद करीब दो माह तक धनराशि खाते में पड़ी रही। अफसर भूल ही गए। कर्मचारियों ने मसला उठाया तो जिम्मेदारों ने आननफानन में धनराशि को उनके खातों में स्थानांतरण करने का निर्णय ले लिया।
गड़बड़ी हुई थी... अब पैसा वापस कर रहे हैं
सवाल : पुलवामा हमले के शहीदों के लिए एकत्रित धनराशि क्यों लौटाई जा रही है ?
जवाब : मेरे आने से पहले ही कुछ गड़बड़ी हुई थी, जिसके बाद तत्कालीन सीडीओ और जिलाधिकारी ने धनराशि वापस करने का निर्णय कर लिया था।
सवाल : जब रुपये एकत्रित किए गए तो उन्हें शहीदों के परिजनों के लिए क्यों नहीं भेजा गया?
जवाब : एकत्रित रुपये शहीदों के परिजनों को ही दिए जाने चाहिए थे, लेकिन मेरे संज्ञान में जब मामला आया तब तक रुपये लौटाने का निर्णय हो चुका था। -जे. रीभा, मुख्य विकास अधिकारी
सवाल : पुलवामा हमले के शहीदों के लिए एकत्रित धनराशि क्यों लौटाई जा रही है ?
जवाब : मेरे आने से पहले ही कुछ गड़बड़ी हुई थी, जिसके बाद तत्कालीन सीडीओ और जिलाधिकारी ने धनराशि वापस करने का निर्णय कर लिया था।
सवाल : जब रुपये एकत्रित किए गए तो उन्हें शहीदों के परिजनों के लिए क्यों नहीं भेजा गया?
जवाब : एकत्रित रुपये शहीदों के परिजनों को ही दिए जाने चाहिए थे, लेकिन मेरे संज्ञान में जब मामला आया तब तक रुपये लौटाने का निर्णय हो चुका था। -जे. रीभा, मुख्य विकास अधिकारी