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UP News: ये कैसा घूम रहा विकास का पहिया... दो महीने पहले बनाई गई थी जो मॉडल, अब 14 जगह धंसी मिली
Sun, 11 Aug 2024 12:26 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 11 Aug 2024 12:26 PM IST
सार
आगरा में विकास का पहिया तो घूम रहा है, लेकिन सवाल उठ रहे हैं गुणवत्ता पर। आवास विकास कॉलोनी में छह करोड़ रुपये की लागत से बनी मॉडल रोड का हाल देख हैरान रह जाएंगे। ये रोड 14 जगह धंस गई है।
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धंसी मिली सड़क
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में महज दो महीने पहले आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 4 से शिवालिक स्कूल मोड़ के बीच 6 करोड़ रुपये की लागत से नगर निगम ने मॉडल रोड का निर्माण कराया। दो दिन की बारिश के बाद शनिवार सुबह एक किमी के हिस्से में 14 जगह से सड़क धंस गई। 20 फीट लंबे और 3 फीट गहरे गड्ढे हो गए। 6 जगह 50 मीटर से लंबे हिस्से धंस गए हैं। नगर निगम ने दोपहर में इन गड्ढों में गिट्टियां भरवाई।
15 वें वित्त आयोग से मिले बजट और मलिन बस्ती सुधार योजना के तहत नगला अजीता और इसके आसपास की सड़कों के निर्माण पर नगर निगम ने जून के अंत में 6 करोड़ रुपये खर्च किए। महज दो महीने पहले बनी सड़क पर 14 जगह गड्ढे हो गए हैं। खोखली सड़क पर गहरे गड्ढे होने के कारण शनिवार सुबह स्कूल जाने वाले बच्चे गिर गए। सेक्टर-4 निवासी अंशू और अविनाश को गड्ढों में गिरने से चोट आई। यह देखकर क्षेत्र के लोगों ने इनमें कटीली झाड़ियां लगा दीं ताकि दोपहिया वाहन सवारों को धंसी हुई सड़क पर गड्ढे नजर आ सकें। सेक्टर-4 हनुमान मंदिर रोड से पुलिस चौकी होते हुए शिवालिक स्कूल मोड़ तक लाल गिट्टियां ही नजर आ रही हैं।
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15 वें वित्त आयोग से मिले बजट और मलिन बस्ती सुधार योजना के तहत नगला अजीता और इसके आसपास की सड़कों के निर्माण पर नगर निगम ने जून के अंत में 6 करोड़ रुपये खर्च किए। महज दो महीने पहले बनी सड़क पर 14 जगह गड्ढे हो गए हैं। खोखली सड़क पर गहरे गड्ढे होने के कारण शनिवार सुबह स्कूल जाने वाले बच्चे गिर गए। सेक्टर-4 निवासी अंशू और अविनाश को गड्ढों में गिरने से चोट आई। यह देखकर क्षेत्र के लोगों ने इनमें कटीली झाड़ियां लगा दीं ताकि दोपहिया वाहन सवारों को धंसी हुई सड़क पर गड्ढे नजर आ सकें। सेक्टर-4 हनुमान मंदिर रोड से पुलिस चौकी होते हुए शिवालिक स्कूल मोड़ तक लाल गिट्टियां ही नजर आ रही हैं।
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22 बार धंसी सड़क बनाने में जल्दबाजी
सेक्टर-4 हनुमान मंदिर रोड पर जलनिगम की निर्माण इकाई ने वेस्टर्न जोन सीवरेज योजना में सीवर लाइन बिछाई थी। सड़क निर्माण की जगह जल निगम ने यहां मोटरेबल सड़क बनाई, जिसमें केवल गिट्टियां बिछाई गई थीं। यह सड़क 22 बार धंस चुकी थी, लेकिन नगर निगम ने जलनिगम से सड़क पर डामरीकरण कराने की जगह खुद निर्माण करने में जल्दबाजी कर दी। अब यह सड़क 14 जगह से धंसी है, जबकि 6 अन्य जगहों से धंसने के कगार पर है।
सेक्टर-4 हनुमान मंदिर रोड पर जलनिगम की निर्माण इकाई ने वेस्टर्न जोन सीवरेज योजना में सीवर लाइन बिछाई थी। सड़क निर्माण की जगह जल निगम ने यहां मोटरेबल सड़क बनाई, जिसमें केवल गिट्टियां बिछाई गई थीं। यह सड़क 22 बार धंस चुकी थी, लेकिन नगर निगम ने जलनिगम से सड़क पर डामरीकरण कराने की जगह खुद निर्माण करने में जल्दबाजी कर दी। अब यह सड़क 14 जगह से धंसी है, जबकि 6 अन्य जगहों से धंसने के कगार पर है।
शिकायत की है
पार्षद गजेंद्र सिंह पिपल ने बताया किबार-बार सड़क धंस रही है। मैंने इसकी शिकायत क्षेत्रीय अभियंता और सड़क बनाने वाले ठेकेदार से की है। लोग चोटिल हो रहे हैं। नई सड़क इतनी जल्दी कैसे धंस गई, इसकी जांच होनी चाहिए।
बारिश के बाद बनाते
पूर्व पार्षद सुषमा जैन ने बताया कि जलनिगम की सीवर लाइन के कारण जब सड़क 22 बार पहले धंस चुकी है तो नगर निगम ने जल्दबाजी में सड़क क्यों बनाई। बारिश के बाद बनानी चाहिए थी। जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।
इंजीनियर से जांच कराएंगे
नगर निगम के चीफ इंजीनयर बीएल गुप्ता ने बताया कि इस सड़क पर जलनिगम ने सीवर लाइन बिछाई थी। उसके बाद हमने सड़क निर्माण किया है। संभवत: मिट्टी का सेटलमेंट होने के कारण सड़क धंसी है। गिट्टियां भरवाई गई हैं। सोमवार को क्षेत्र के इंजीनियर से इसकी जांच कराई जाएगी।
पार्षद गजेंद्र सिंह पिपल ने बताया किबार-बार सड़क धंस रही है। मैंने इसकी शिकायत क्षेत्रीय अभियंता और सड़क बनाने वाले ठेकेदार से की है। लोग चोटिल हो रहे हैं। नई सड़क इतनी जल्दी कैसे धंस गई, इसकी जांच होनी चाहिए।
बारिश के बाद बनाते
पूर्व पार्षद सुषमा जैन ने बताया कि जलनिगम की सीवर लाइन के कारण जब सड़क 22 बार पहले धंस चुकी है तो नगर निगम ने जल्दबाजी में सड़क क्यों बनाई। बारिश के बाद बनानी चाहिए थी। जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।
इंजीनियर से जांच कराएंगे
नगर निगम के चीफ इंजीनयर बीएल गुप्ता ने बताया कि इस सड़क पर जलनिगम ने सीवर लाइन बिछाई थी। उसके बाद हमने सड़क निर्माण किया है। संभवत: मिट्टी का सेटलमेंट होने के कारण सड़क धंसी है। गिट्टियां भरवाई गई हैं। सोमवार को क्षेत्र के इंजीनियर से इसकी जांच कराई जाएगी।