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लापता छात्राएं मिलीं: दोनों सहेलियों ने दोस्ती की खातिर छोड़ा था घर, गुरुद्वारे में कर रहीं थीं कारसेवा
Tue, 16 Jan 2024 10:01 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 16 Jan 2024 10:01 AM IST
सार
दो लड़कियों की दोस्ती घरवालों को पसंद नहीं आई। मिलने-जुलने का विरोध शुरू कर दिया गया। इसके बाद दोनों सहेलियों ने टीवी सीरियल से आइडिया लेकर घर छोड़ दिया और पंजाब पहुंच गईं। यहां दोनों ने जीवन यापन करने के लिए गुरुद्वारा में शरण ली हुई थी।
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दोस्ती
- फोटो : social media
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विस्तार
आगरा के शाहगंज क्षेत्र से लापता दो सहेलियां पंजाब के अमृतसर में सकुशल मिल गईं। वह गुरुद्वारे में कारसेवा कर रही थीं। रविवार को पुलिस दोनों को घर ले आई। उन्होंने बताया कि परिवार वाले उनकी दोस्ती से खुश नहीं थे। टोकाटाकी करते थे। स्कूल में कक्षा भी बदलवा दी, अलग करने की हर कोशिश की। इस कारण वो घर से निकल गईं। आइडिया टीवी सीरियल से मिला। वो गुरुद्वारे में ठहरीं थीं। नाम भी बदल लिया था।
दोनों छात्राएं 27 दिसंबर 2023 को लापता हुई थीं। इनमें एक 17 तो दूसरी 16 साल की है। कक्षा नौ में पढ़ रही थीं। परिजन ने दोनों के साथ अनहोनी की आशंका जाहिर कर केस दर्ज कराया। दोनों की तलाश में थाने की टीम लगी थी। कैंट स्टेशन पर छात्राओं की साइकिल मिली। वह दिल्ली की ट्रेन में बैठी थीं। हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर उतर गई थीं।
थाना प्रभारी आलोक सिंह ने बताया कि हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर मिले फुटेज से छात्राओं के अमृतसर की ट्रेन में बैठने की पुष्टि हुई थी। इस पर टीम अमृतसर पहुंची। छात्राओं के फोटो दिखाए, गुरुद्वारोंं में भी गई। एक जगह छात्राएं मिल गईं।
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परिजन ने बदलवा दिया था सेक्शन
पुलिस की पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि उनमें गहरी मित्रता है। एक दूसरे से अलग नहीं रह पातीं हैं। रोजाना स्कूल के बाद भी मिलती हैं। यह बात माता-पिता को अच्छी नहीं लगती है। वह उन्हें दूर रहने के लिए बोल रहे थे। कक्षा में सेक्शन भी बदलवा दिया। अब स्कूल से निकालना चाहते थे, पता चला तो वो परेशान हो गईं। वह क्राइम आधारित सीरियल देखा करती थीं। उन्हें पता था कि घर से भागने वाले पंजाब में जाकर गुरुद्वारा में कारसेवा कर ठहर सकते हैं। इसलिए घर से भागने का प्लान बनाया।
लड़कों की तरह बाल कटवाए
वह घर से निकलीं, तब 5000 रुपये ही थे। पहले बिजलीघर गईं। बस नहीं मिली। इस पर आगरा कैंट से ट्रेन में बैठकर दिल्ली पहुंची। वहां से अमृतसर पहुंच गईं। जो रुपये लेकर निकली थीं, वह किराये में खर्च हो गए। इस पर गुरुद्वारा में ठहर गई थीं। लोगों की नजर से बचने के लिए एक ने अपने बाल लड़कों की तरह कटवा लिए। लड़कों जैसे ही कपड़े भी पहनने लगी। नाम भी कृष्णा रख लिया। सहेली ने भी नाम बदल लिया। दोनों भाई-बहन बताने लगे। पहले एक गुरुद्वारे में शरण ली। एक होटल में भी नौकरी करने लगीं। बाद में होटलकर्मियों को शक हो गया। इस पर नौकरी छोड़ दी। अब वो गुरुद्वारे में रुकी थीं। अब मजिस्ट्रेट के समक्ष इनके बयान दर्ज कराए जाएंगे।
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दोनों छात्राएं 27 दिसंबर 2023 को लापता हुई थीं। इनमें एक 17 तो दूसरी 16 साल की है। कक्षा नौ में पढ़ रही थीं। परिजन ने दोनों के साथ अनहोनी की आशंका जाहिर कर केस दर्ज कराया। दोनों की तलाश में थाने की टीम लगी थी। कैंट स्टेशन पर छात्राओं की साइकिल मिली। वह दिल्ली की ट्रेन में बैठी थीं। हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर उतर गई थीं।
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थाना प्रभारी आलोक सिंह ने बताया कि हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर मिले फुटेज से छात्राओं के अमृतसर की ट्रेन में बैठने की पुष्टि हुई थी। इस पर टीम अमृतसर पहुंची। छात्राओं के फोटो दिखाए, गुरुद्वारोंं में भी गई। एक जगह छात्राएं मिल गईं।
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परिजन ने बदलवा दिया था सेक्शन
पुलिस की पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि उनमें गहरी मित्रता है। एक दूसरे से अलग नहीं रह पातीं हैं। रोजाना स्कूल के बाद भी मिलती हैं। यह बात माता-पिता को अच्छी नहीं लगती है। वह उन्हें दूर रहने के लिए बोल रहे थे। कक्षा में सेक्शन भी बदलवा दिया। अब स्कूल से निकालना चाहते थे, पता चला तो वो परेशान हो गईं। वह क्राइम आधारित सीरियल देखा करती थीं। उन्हें पता था कि घर से भागने वाले पंजाब में जाकर गुरुद्वारा में कारसेवा कर ठहर सकते हैं। इसलिए घर से भागने का प्लान बनाया।
लड़कों की तरह बाल कटवाए
वह घर से निकलीं, तब 5000 रुपये ही थे। पहले बिजलीघर गईं। बस नहीं मिली। इस पर आगरा कैंट से ट्रेन में बैठकर दिल्ली पहुंची। वहां से अमृतसर पहुंच गईं। जो रुपये लेकर निकली थीं, वह किराये में खर्च हो गए। इस पर गुरुद्वारा में ठहर गई थीं। लोगों की नजर से बचने के लिए एक ने अपने बाल लड़कों की तरह कटवा लिए। लड़कों जैसे ही कपड़े भी पहनने लगी। नाम भी कृष्णा रख लिया। सहेली ने भी नाम बदल लिया। दोनों भाई-बहन बताने लगे। पहले एक गुरुद्वारे में शरण ली। एक होटल में भी नौकरी करने लगीं। बाद में होटलकर्मियों को शक हो गया। इस पर नौकरी छोड़ दी। अब वो गुरुद्वारे में रुकी थीं। अब मजिस्ट्रेट के समक्ष इनके बयान दर्ज कराए जाएंगे।