आगरा: पंजाब के बठिंडा से वापस आईं दोनों किशोरियां, परिवार की डांट के डर से छोड़ा था घर
आगरा से शुक्रवार को दोनों किशोरियां लापता हुईं थीं। शनिवार को उनके परिजनों पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस तलाश में जुटी थी। परिवारवालों की डांट के डर से दोनों पंजाब के भठिंडा पहुंच गईं थीं।
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आगरा के शाहगंज क्षेत्र की रहने वाली 14 साल की किशोरी और लोहामंडी की 17 साल की किशोरी पंजाब के बठिंडा से सोमवार रात को घर वापस आ गईं। उन्हें पुलिस और परिजन साथ लेकर आ गए। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि बिना बताएं सहेली की जन्मदिन पार्टी में चली गई थीं। वह घरवालों के फोन रिसीव नहीं कर पाई थीं। उन्हें डर था कि घर जाने पर पिता डांट लगाएंगे। इसलिए घर नहीं जाना चाहती थीं।
थाना शाहगंज के प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि किशोरियों को घर पहुंचा दिया है। उनसे महिला सिपाही ने पूछताछ की थी। इसमें पता चला कि 17 वर्षीय किशोरी ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकली थीं। एक घंटे बाद 14 साल की किशोरी ट्यूशन पढ़ने के लिए निकली। मगर, वह कोचिंग नहीं गईं।
सहेली की जन्मदिन पार्टी के बाद नहीं गई थीं घर
दोनों संजय प्लेस में अपनी एक सहेली का जन्मदिन मनाने चले गए। इस दौरान दोनों घरवालों के फोन रिसीव नहीं कर पाईं। पार्टी के बाद 14 वर्षीय किशोरी तनाव में आ गई। उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे सहेलियों ने संभाला। बाद में वो घर जाने के लिए निकलीं। मगर, डर की वजह से घर नहीं गईं।
गुरुद्वारा गुरु का ताल के पास एक पार्क में रात भर बैठी रहीं। बाद में सुबह एमजी रोड पर आकर घूमने लगीं। वह ग्वालियर रोड पर पहुंच गईं। शाहगंज की किशोरी की नानी दिल्ली में रहती हैं। दोनों ने दिल्ली जाने के बारे में पता किया। किसी ने धौलपुर से ट्रेन पकड़ने के बारे में बता दिया। वह धौलपुर चली गईं।
बिना टिकट पंजाब मेल में बैठ गईं। मगर, दिल्ली में नहीं उतर पाई। वह पंजाब की तरफ जाने लगीं। उधर, पुलिस को उनकी लोकेशन मिल गई। आरपीएफ की मदद से किशोरियों को ट्रेन से उतार लिया गया। सकुशल बेटियों के घर लौटने पर परिजन खुश हैं।