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मिसाल: अमन की खातिर नहीं निकालेंगे बारावफात के जुलूस, मुस्लिम समाज ने लिया फैसला
Sun, 10 Nov 2019 10:52 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 10 Nov 2019 10:52 AM IST
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खरीदारी करते मुस्लिम समाज के लोग
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा सांप्रदायिक सौहार्द का शहर है। यहां की रगों में सौहार्द धड़कता है। इसकी मिसाल एक बार फिर शहर के लोगों ने पेश की है। शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसले के बाद ताजनगरी में अमन कायम रहा। इसे कायम बरकरार रखने के लिए मुस्लिम संगठनों ने अनूठा फैसला लिया है।
बारावफात (ईद-मिलादुन्नबी) रविवार को मनाई जाएगी। मुस्लिम संगठनों ने शहर के अमनोअमान को कायम रखने के लिए शाही जामा मस्जिद और न्यू आगरा करबला से निकाले जाने वाले मुख्य जुलूस को नहीं निकालने का फैसला लिया है। वहीं दो संगठनों ने जुलूस निकाले जाने की जानकारी दी है।
उत्तर प्रदेश सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी की मंटोला में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि इस बार शाही जामा मस्जिद से बारावफात पर जुलूस को नहीं निकाला जाएगा। वहीं पूरे शहर में त्योहार पर घरों में रोशनी, मीलाद शरीफ, कुरान ख्वानी और लंगर के कार्यक्रम किए जाएंगे।
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बारावफात (ईद-मिलादुन्नबी) रविवार को मनाई जाएगी। मुस्लिम संगठनों ने शहर के अमनोअमान को कायम रखने के लिए शाही जामा मस्जिद और न्यू आगरा करबला से निकाले जाने वाले मुख्य जुलूस को नहीं निकालने का फैसला लिया है। वहीं दो संगठनों ने जुलूस निकाले जाने की जानकारी दी है।
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उत्तर प्रदेश सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी की मंटोला में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि इस बार शाही जामा मस्जिद से बारावफात पर जुलूस को नहीं निकाला जाएगा। वहीं पूरे शहर में त्योहार पर घरों में रोशनी, मीलाद शरीफ, कुरान ख्वानी और लंगर के कार्यक्रम किए जाएंगे।
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नमाज अदा कर मांगेंगे अमन की दुआ
प्रांतीय अध्यक्ष बिलाल कुरैशी ने बताया कि जुलूस नहीं निकाले जाने का कारण यह है कि जुलूस की आड़ में कोई असामाजिक तत्व माहौल को खराब नहीं कर दे। कमेटी के प्रवक्ता अदनान कुरैशी ने बताया कि दोपहर को 1.30 बजे जौहर की नमाज शाही जामा मस्जिद में अदा करके अमन की दुआ मांगी जाएगी।
इसी तरह न्यू आगरा करबला से निकाले जाने वाले जुलूस के संयोजक हाजी अबरार हुसैन ने बताया कि बैठक में फैसला होने के बाद वह भी जुलूस नहीं निकालेंगे। इसकी जगह करबला से अबु उलाह की दरगाह तक चादरपोशी करने पहुंचेंगे। बैठक में मोहम्मद शरीफ काले, हाजी जमीलउद्दीन कुरैशी, समी आगाई, इरफान सलीम, बाबा फरीद, जमीर कुरैशी, अब्दुल सत्तार, अमजद कुरैशी आदि मौजूद रहे।
शाहगंज व छीपीटोला से जुलूस निकलेंगे
ऑल इंडिया मुस्लिम इत्तेहाद कमेटी के जिलाध्यक्ष निसार अहमद ने कहा है कि बारावफात का परंपरागत जुलूस शाहगंज के रुई की मंडी से दोपहर एक बजे निकाला जाएगा, जोकि दरगाह नबी करीम पहुंचकर समाप्त होगा। दूसरी ओर, छीपीटोला स्थित हन्ना गली से भी जुलूस निकाला जाएगा।
इसी तरह न्यू आगरा करबला से निकाले जाने वाले जुलूस के संयोजक हाजी अबरार हुसैन ने बताया कि बैठक में फैसला होने के बाद वह भी जुलूस नहीं निकालेंगे। इसकी जगह करबला से अबु उलाह की दरगाह तक चादरपोशी करने पहुंचेंगे। बैठक में मोहम्मद शरीफ काले, हाजी जमीलउद्दीन कुरैशी, समी आगाई, इरफान सलीम, बाबा फरीद, जमीर कुरैशी, अब्दुल सत्तार, अमजद कुरैशी आदि मौजूद रहे।
शाहगंज व छीपीटोला से जुलूस निकलेंगे
ऑल इंडिया मुस्लिम इत्तेहाद कमेटी के जिलाध्यक्ष निसार अहमद ने कहा है कि बारावफात का परंपरागत जुलूस शाहगंज के रुई की मंडी से दोपहर एक बजे निकाला जाएगा, जोकि दरगाह नबी करीम पहुंचकर समाप्त होगा। दूसरी ओर, छीपीटोला स्थित हन्ना गली से भी जुलूस निकाला जाएगा।