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Agra News: मेट्रो को पहले ही दी थी चेतावनी, सुनी नहीं
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प्रतापपुरा में मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान मकान पर गिरने से हुआ नुकसान मशीन।
आगरा। प्रतापपुरा में चल रहे मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान मकान मालिक के बेटे संकल्प ने मेट्रो कर्मियों को चेताया था कि सड़क पर गड्ढा है, लेकिन उन्होंने सावधानी नहीं बरती। संकल्प ने बताया कि शुक्रवार सुबह उन्हें सड़क पर गड्ढा दिखा तो कर्मचारियों को चेतावनी दी। इस पर उन्हें कहा गया कि 35 फीट गहराई तक खोदते हैं। इस जगह पर ज्यादा खुदाई करनी होगी। इसके बाद शनिवार को 25 फीट खोदकर रोक दिया। गड्ढे के कारण सड़क धंस गई और हादसा हो गया। बस, बाल-बाल ही बचे हैं। हादसे के बाद मेट्रो का कोई अधिकारी हालचाल जानने नहीं आया, मुआवजा तो दूर की बात है।
दुकान बंद थी, वरना बड़ा हादसा होता
प्रभुकांत के बेटे संकल्प नागर ने बताया कि वह गाइड हैं। हादसे से 10 मिनट पहले वह निजी काम से घर से गए थे वरना हादसे का शिकार हो जाते। पिता रोजाना सुबह जल्दी उठकर गेट पर पानी डालने और साफ-सफाई के लिए बाहर आ जाते हैं। गनीमत रही कि वह उस समय पीछे के कमरे में ही थे। मॉडल शॉप बंद थी वरना वहां भी लोगों की भीड़ रहती है।
दिन भर बाजार रहा बंद
अवंतीबाई चौराहे से प्रतापपुरा तक चार पहिया और भारी वाहनों का संचालन पहले ही बंद हैं। हादसे के बाद पुलिस ने यातायात बिल्कुल प्रतिबंधित कर दिया और सुरक्षा की दृष्टि से बाजार नहीं खुलने दिया। मशीन हटने के बाद ही दुकानें खुल पाईं।
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दहशत में हैं लोग
शनिवार तड़के हुए हादसे के बाद से आसपास के लोग दहशत में हैं। उनका कहना है कि पूरी-पूरी रात मशीनों की वजह से कंपन और जोर-जोर से आवाजें आती रहती हैं। प्रतापपुरा निवासी सीमा शर्मा ने बताया कि कई बार ऐसा लगता था कि मशीन न गिर जाए। जब से मशीन के मकान पर गिरने का मंजर देखा है, तब से ऊंची मशीनों को देखकर दहशत में हैं कहीं फिर से न गिर जाए।
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दुकान बंद थी, वरना बड़ा हादसा होता
प्रभुकांत के बेटे संकल्प नागर ने बताया कि वह गाइड हैं। हादसे से 10 मिनट पहले वह निजी काम से घर से गए थे वरना हादसे का शिकार हो जाते। पिता रोजाना सुबह जल्दी उठकर गेट पर पानी डालने और साफ-सफाई के लिए बाहर आ जाते हैं। गनीमत रही कि वह उस समय पीछे के कमरे में ही थे। मॉडल शॉप बंद थी वरना वहां भी लोगों की भीड़ रहती है।
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दिन भर बाजार रहा बंद
अवंतीबाई चौराहे से प्रतापपुरा तक चार पहिया और भारी वाहनों का संचालन पहले ही बंद हैं। हादसे के बाद पुलिस ने यातायात बिल्कुल प्रतिबंधित कर दिया और सुरक्षा की दृष्टि से बाजार नहीं खुलने दिया। मशीन हटने के बाद ही दुकानें खुल पाईं।
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दहशत में हैं लोग
शनिवार तड़के हुए हादसे के बाद से आसपास के लोग दहशत में हैं। उनका कहना है कि पूरी-पूरी रात मशीनों की वजह से कंपन और जोर-जोर से आवाजें आती रहती हैं। प्रतापपुरा निवासी सीमा शर्मा ने बताया कि कई बार ऐसा लगता था कि मशीन न गिर जाए। जब से मशीन के मकान पर गिरने का मंजर देखा है, तब से ऊंची मशीनों को देखकर दहशत में हैं कहीं फिर से न गिर जाए।