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मेट्रो ट्रेन के लिए होगा 'हरियाली का कत्ल' सिकंदरा से ताजमहल तक चढ़ेगी हजारों पेड़ों की 'बलि'
Tue, 14 May 2019 10:51 AM IST
Abhishek Saxena
अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला, आगरा
अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 14 May 2019 10:51 AM IST
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मेट्रो (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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ताज ट्रिपेजियम जोन में एक बार फिर हरियाली का कत्ल करने की तैयारी हो रही है। मेट्रो ट्रेन का एलाइनमेंट और डिपो के लिए 2,729 हरे पेड़ों की बलि दी जाएगी। सिकंदरा से ताजमहल पूर्वी गेट कॉरिडोर में 2010 पेड़ काटे जाएंगे, जबकि आगरा कैंट से कालिंदी विहार वाले दूसरे कॉरिडोर के लिए 719 पेड़ों पर आरी चलेगी।
हैरतअंगेज पहलू ये है कि ताजमहल से महज 505 मीटर दूरी पर पीएसी मैदान पर मेट्रो के डिपो के लिए 1,226 पेड़ काटे जाएंगे, जो ताजमहल के लिए रक्षक बने हुए हैं। राइट्स की ओर से तैयार की गई डीपीआर में कहा गया है कि मेट्रो निर्माण के दौरान 2729 पेड़ काटे जाएंगे।
सिकंदरा में जहां स्टेशन बनेगा, वह जगह बाबरपुर रिजर्व फारेस्ट से केवल 1.5 किमी दूर है और वहीं से पेड़ काटने की शुरुआत हो जाएगी। सबसे ज्यादा ताजमहल के पास पेड़ कटेंगे, जबकि ताज ट्रिपेजियम जोन के कारण सुप्रीम कोर्ट ने हरे पेड़ काटने पर पाबंदी लगा रखी है। ऐसे में मेट्रो के लिए पेड़ काटने की अनुमति लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करनी होगी।
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हैरतअंगेज पहलू ये है कि ताजमहल से महज 505 मीटर दूरी पर पीएसी मैदान पर मेट्रो के डिपो के लिए 1,226 पेड़ काटे जाएंगे, जो ताजमहल के लिए रक्षक बने हुए हैं। राइट्स की ओर से तैयार की गई डीपीआर में कहा गया है कि मेट्रो निर्माण के दौरान 2729 पेड़ काटे जाएंगे।
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सिकंदरा में जहां स्टेशन बनेगा, वह जगह बाबरपुर रिजर्व फारेस्ट से केवल 1.5 किमी दूर है और वहीं से पेड़ काटने की शुरुआत हो जाएगी। सबसे ज्यादा ताजमहल के पास पेड़ कटेंगे, जबकि ताज ट्रिपेजियम जोन के कारण सुप्रीम कोर्ट ने हरे पेड़ काटने पर पाबंदी लगा रखी है। ऐसे में मेट्रो के लिए पेड़ काटने की अनुमति लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करनी होगी।
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यहां से जाएगा मेट्रो का ट्रैक
- फोटो : अमर उजाला
मेट्रो के रूट और डिपो के लिए जो पेड़ काटे जाएंगे, वह 50 से 100 साल पुराने हैं। इनमें बबूल नहीं, बल्कि देसी प्रजाति के ऐसे पेड़ हैं जो हमारे पर्यावरण के लिए बेहद फायदेमंद हैं। इनमें बरगद, पीपल, शीशम, नीम, आम, पाकड़, केसिया, करंज, सागवान, सेजन, अर्जुन, जामुन, खजूर, गुलमोहर, नीलगिरी, चंपा आदि के पेड़ काटे जाएंगे। इनमें से कई पेड़ों के तने का व्यास 4 फुट तक का है।
ताजमहल पूर्वी गेट स्थित शिल्पग्राम में बहुमंजिला पार्किंग के निर्माण के लिए 11 हरे पेड़ काटने की अनुमति के लिए पर्यटन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार से विजन डाक्यूमेंट मांग लिया। पर्यावरण मंत्रालय की सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी ने हरे पेड़ काटने की अनुमति से पहले काम शुरू करने पर 30 गुना जुर्माना भी ठोंका है, जबकि कोर्ट ने विजन डाक्यूमेंट पेश होने तक सभी निर्माण कार्य रोकने के आदेश जारी कर दिए थे।
गंगाजल प्रोजेक्ट की पाइप लाइन के लिए जल निगम ने बाबरपुर और बांईपुर के जंगल में जो पेड़ काटे, उसकी जगह फिरोजाबाद में पेड़ लगाए गए। पाइप लाइन डालने के बाद भी 100 फुट से ज्यादा चौड़ाई में काटे गए पेड़ों की जगह पौधे न लगाकर 50 किमी दूर फिरोजाबाद में जमीन दी गई, जहां वन विभाग को पौधे लगाने हैं।
ताजमहल पूर्वी गेट स्थित शिल्पग्राम में बहुमंजिला पार्किंग के निर्माण के लिए 11 हरे पेड़ काटने की अनुमति के लिए पर्यटन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार से विजन डाक्यूमेंट मांग लिया। पर्यावरण मंत्रालय की सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी ने हरे पेड़ काटने की अनुमति से पहले काम शुरू करने पर 30 गुना जुर्माना भी ठोंका है, जबकि कोर्ट ने विजन डाक्यूमेंट पेश होने तक सभी निर्माण कार्य रोकने के आदेश जारी कर दिए थे।
गंगाजल प्रोजेक्ट की पाइप लाइन के लिए जल निगम ने बाबरपुर और बांईपुर के जंगल में जो पेड़ काटे, उसकी जगह फिरोजाबाद में पेड़ लगाए गए। पाइप लाइन डालने के बाद भी 100 फुट से ज्यादा चौड़ाई में काटे गए पेड़ों की जगह पौधे न लगाकर 50 किमी दूर फिरोजाबाद में जमीन दी गई, जहां वन विभाग को पौधे लगाने हैं।
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
302 किमी लंबे आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण में 65,342 पेड़ काटे जा चुके हैं। यही हाल इनर रिंग रोड, माल रोड और नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का है, जिसमें एक लाख पेड़ काटे जा चुके हैं। अब हाल यह है कि नेशनल हाईवे पर पुराने सभी पेड़ काटे जा चुके हैं। वाहन सवारों या राहगीरों को तेज धूप में दो पल ठहरने के लिए यहां छांव तक मयस्सर नहीं है, वहीं वायु प्रदूषण की मात्रा हाईवे पर जबरदस्त बढ़ी है। यमुना एक्सप्रेसवे और हाईवे पर पुराने पेड़ दूर-दूर तक नजर नहीं आते।
डा. शरद गुप्ता, पर्यावरणविद् का कहना है कि मेट्रो के लिए इतने पेड़ नहीं काटे जाने चाहिए। डिजाइन ऐसा तैयार किया जाए, जिसमें इनका सामंजस्य हो सके। पहले ही आगरा में हाईवे, माल रोड, इनर रिंग रोड, एक्सप्रेसवे के लिए लाखों पेड़ काटे जा चुके हैं। हरियाली का ऐसा कत्ल स्वीकार्य नहीं है
इं. उमेश शर्मा, सदस्य, टीटीजेड अथारिटी का कहना है कि ताजमहल के कारण आगरा पर्यावरण संवेदी क्षेत्र है, ऐसे में मेट्रो को अपने एलाइनमेंट और डिपो की डिजाइन में बदलाव करना चाहिए ताकि कम से कम पेड़ ही हटाए जा सकें। भले ही एलाइनमेंट बदलने से दूरी बढ़ जाए, लेकिन पेड़ न काटे जाएं। मेट्रो इसका ध्यान रखे
डा. शरद गुप्ता, पर्यावरणविद् का कहना है कि मेट्रो के लिए इतने पेड़ नहीं काटे जाने चाहिए। डिजाइन ऐसा तैयार किया जाए, जिसमें इनका सामंजस्य हो सके। पहले ही आगरा में हाईवे, माल रोड, इनर रिंग रोड, एक्सप्रेसवे के लिए लाखों पेड़ काटे जा चुके हैं। हरियाली का ऐसा कत्ल स्वीकार्य नहीं है
इं. उमेश शर्मा, सदस्य, टीटीजेड अथारिटी का कहना है कि ताजमहल के कारण आगरा पर्यावरण संवेदी क्षेत्र है, ऐसे में मेट्रो को अपने एलाइनमेंट और डिपो की डिजाइन में बदलाव करना चाहिए ताकि कम से कम पेड़ ही हटाए जा सकें। भले ही एलाइनमेंट बदलने से दूरी बढ़ जाए, लेकिन पेड़ न काटे जाएं। मेट्रो इसका ध्यान रखे
tree cutting
- फोटो : फाइल फोटो
ताजनगरी से फिर काटे जाएंगे पेड़
सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट कॉरिडोर
एलाइनमेंट 784 पेड़
पीएसी डिपो 1226 पेड़
कुल पेड़ 2010
आगरा कैंट से कालिंदी विहार कॉरिडोर
एलाइनमेंट 565 पेड़
कालिंदी विहार डिपो 154 पेड़
कुल पेड़ 719
सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट कॉरिडोर
एलाइनमेंट 784 पेड़
पीएसी डिपो 1226 पेड़
कुल पेड़ 2010
आगरा कैंट से कालिंदी विहार कॉरिडोर
एलाइनमेंट 565 पेड़
कालिंदी विहार डिपो 154 पेड़
कुल पेड़ 719