फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   metro project work in process rubber dam civil enclave stoped in City of taj mahal

कब पूरे होंगे अधूरे ख्वाब: दौड़ रही सिर्फ मेट्रो परियोजना, थम गए बाकी काम, पूरी नहीं हुईं स्मार्ट सिटी की ये योजनाएं

Tue, 24 Aug 2021 11:09 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Tue, 24 Aug 2021 11:09 AM IST
सार

दो साल से हेलीपोर्ट और तीन साल से अधूरा पड़ा आगरा सिविल एन्क्लेव का निर्माण

विज्ञापन
metro project work in process rubber dam civil enclave stoped in City of taj mahal
आगरा मेट्रो का कार्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना से देश-दुनिया ही नहीं, आगरा की विकास परियोजनाएं भी संक्रमण काल से गुजर रही हैं। रबर डैम, सिविल एन्क्लेव, थीम पार्क, लैदर पार्क जैसी तमाम परियोजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकी हैं। यहां अकेली मेट्रो परियोजना दौड़ रही है, बाकी काम थम गए हैं।

विज्ञापन

दिसंबर 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगरा में जिस मेट्रो प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। आठ महीने बाद उसके तीन स्टेशन आकार ले रहे हैं। करीब 400 करोड़ रुपये के काम चल रहे हैं। संभवत: यह पहली परियोजना है जिसमें इतनी तेजी से काम हो रहा है। कोरोना की दूसरी लहर में भी मेट्रो के कार्य प्रभावित नहीं हुए। कर्मचारी-अधिकारी संक्रमित हुए। फिर भी दिन-रात काम चलता रहा। 
विज्ञापन

उधर, स्मार्ट सिटी के काम चार साल से अधूरे हैं। 19 कार्यों में से 10 काम ही शुरू हो पाए। यमुना पर बैराज की दूर-दूर तक उम्मीद नजर नहीं आती। बैराज की जगह 2017 में आगरा आने पर सीएम योगी ने ताजमहल के पीछे नगला पैमा गांव में यमुना नदी पर जिस रबर डैम का ख्वाब दिखाया था वो साढ़े चार साल बाद भी अधूरा है। सिविल एन्क्लेव से हवाई सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं, जिसके लिए 2018 से कागजी कवायद चल रही है। महुअर स्थित लैदर पार्क प्रोजेक्ट 50 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी छह साल से फाइलों में बंद है। एत्मादपुर में थीम पार्क सिर्फ कागजों में सिमट गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

हेलीपोर्ट प्रोजेक्ट 
ताजनगरी में हवाई पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2019 में बरौली अहीर के पास लखनऊ एक्सप्रेस वे पर एत्मादपुर मदरा गांव में 2.5 हेक्टेयर भूमि पर हेलीपोर्ट प्रोजेक्ट शुरू हुआ। 4.80 करोड़ बजट मिला जो बजट खत्म हो गया। मार्च 2020 में काम पूरा होना था लेकिन यह अभी तक अधूरा है। 
पीडब्लयूडी अधिकारियों का कहना है कि 2.50 करोड़ रुपये का संशोधित बजट और भेजा है। पर्यटन विभाग से बजट मिलने पर काम दोबारा शुरू होगा।

यमुना रबर डैम
ताजमहल के पार्श्व में स्थित नगला पैमा गांव में 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रबर डैम का शिलान्यास किया। चार साल में करीब 350 करोड़ की योजना कागजों से बाहर नहीं आ सकीं। यह प्रोजेक्ट 2019 में पूरा होना था। 
ताज बैराज खंड के अधिकारियों का कहना है अनापत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है। चार एनओसी मिल चुकी हैं। तीन एनओसी लेना बाकी है। 2016 में सपा सरकार में भी यहां रबर डैम का प्रस्ताव बना था।

महुअर लैदर पार्क
आगरा-जयपुर हाईवे स्थित महुअर गांव के पास 50 एकड़ लैदर पार्क का निर्माण 11 साल से अधूरा है। यूपीएसआईडीसी ने 2010 में लैदर पार्क काम शुरू किया। 50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो गए। 2016 में टीटीजेड में प्रोजेक्ट आपत्तियों में फंस कर बंद हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी। 
यूपीएसआईडीसी अधिकारियों का कहना है 2020 में दोबारा निर्माण की अनुमति मांगी है। सुप्रीम कोर्ट की टीम निरीक्षण कर चुकी है, परंतु अनुमति नहीं मिली।

सिविल एन्क्लेव
खेरिया में एयरफोर्स का एयरपोर्ट है। जिसके कारण यात्रियों को दिक्कतें होती हैं। जेवर एयरपोर्ट के साथ ही 2018 में खेरिया के पास ही सिविल एन्क्लेव प्रोजेक्ट बनाया। इसमें करीब 350 करोड़ रुपये से निर्माण होना था। अब तक 200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। 25 हेक्टयर जमीन अधिग्रहीत की गई है। 90 फीसदी चहारदीवारी बन चुकी है, परंतु एन्क्लेव शुरू नहीं हो सका। जिला प्रशासन का कहना है कि दिसंबर 2022 तक काम पूरा हो जाएगा।
सुपर स्पेशियलिटी विंग
ताजनगरी की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने के लिए अगस्त 2017 में एसएन में 200 करोड़ की लागत से सुपर स्पेशियलिटी विंग की घोषणा हुई। मार्च 2019 तक 18 महीने में काम पूरा होना था। एनओसी व अन्य प्रक्रिया से काम पहले छह महीने पिछड़ा। फिर मार्च 2020 में कोविड संक्रमण के कारण काम बंद हो गया। अब मई 2021 में दोबारा काम शुरू हो गया है। एसएन प्रशासन का कहना है कि दिसंबर 2021 तक प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
आगरा स्मार्ट सिटी परियोजना 2018 में शुरू हुई। अगस्त 2021 तक पूरी होनी थी। करीब एक हजार करोड़ रुपये से 19 बिंदुओं पर कार्य होना था। 2020 तक 10 बिंदुओं पर ही काम हो सका है। नौ बिंदुओं पर काम शुरू नहीं हो सका।  जिला प्रशासन की मानें, तो कोविड के कारण 18 महीने से अधिक समय तक परियोजना से जुड़े कार्य प्रभावित हुए हैं। सभी काम दोबारा फिर शुरू हो गए हैं। बजट उपलब्ध होने पर अधूरे काम पूरे कराए जाएंगे।

ये परियोजनाएं भी अधूरी
- गंगाजल आपूर्ति: 2007 में बनी योजना 2019 में कागजों में पूरी हो गई। 50 फीसदी से अधिक आबादी गंगाजल से महरूम है। 
- थीम पार्क: 2012 में बनी योजना के लिए पांच साल तक भू-अधिग्रहण चला। फिर 2017 के बाद योजना फाइलों में बंद है।
- आगरा बैराज: 35 साल से योजना अधूरी है। 1986-87 और 1993 में मनोहपुर में दो बार बैराज का शिलान्यास हो चुका है। 

दावा: पूरे होंगे अधूरे काम
जो काम रुके हुए हैं वो सभी पूरे होंगे। हेलीपोर्ट के लिए शासन में एक अधिकारी नामित है। बजट जल्द जारी होगा। सिविल एन्क्लेव के लिए अगले महीने काम पूरा हो जाएगा। रबर डैम प्रोजेक्ट स्वीकृत नहीं हो सका है। 50 करोड़ लागत के अन्य कार्य तेजी से पूर्ण कराए जा रहे हैं। - अमित कुमार गुप्ता, कमिश्नर 

हिंदी हैं हम: बाबू गुलाब राय ने दुनियाभर में पहुंचाया हिंदी का संदेश, इटावा में जन्मे, आगरा को बनाया कर्मभूमि


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed