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यमुना एक्सप्रेस वेः नियम-कायदे कर दरकिनार, 195 की रफ्तार से दौड़ाई कार
Fri, 09 Aug 2019 08:44 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 09 Aug 2019 08:44 AM IST
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यमुना एक्सप्रेस वे
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यमुना एक्सप्रेस वे पर तेज रफ्तार से हो रहे हादसों के बावजूद गुरुवार को 195 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से मर्सिडीज कार दौड़ाई गई। यह कार (यूपी 16 सीडी 7151) नोएडा की ऑटोमोबाइल कंपनी सिल्वर एग्रो के नाम रजिस्टर्ड है।
इसकी आरसी गुरुवार को ही जारी की गई है। एक्सप्रेस वे के स्पीड कैमरे से इसका फोटो चालान काटा गया है। वैसे तेज रफ्तार का यह अकेला मामला नहीं है। रोजाना 200 चालान काटे जा रहे हैं।
15 दिन पहले लखनऊ के एक युवक ने 192 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से मर्सिडीज कार दौड़ाई थी। यमुना एक्सप्रेस वे के कॉरिडोर इंचार्ज मेजर ( रिटायर्ड) मनीष का कहना है कि मर्सिडीज, ऑडी जैसी महंगी कार वालों पर दो-ढाई हजार के चालान से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। ये अपने साथ, दूसरों की जान भी खतरे में डाल रहे हैं।
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इसकी आरसी गुरुवार को ही जारी की गई है। एक्सप्रेस वे के स्पीड कैमरे से इसका फोटो चालान काटा गया है। वैसे तेज रफ्तार का यह अकेला मामला नहीं है। रोजाना 200 चालान काटे जा रहे हैं।
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15 दिन पहले लखनऊ के एक युवक ने 192 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से मर्सिडीज कार दौड़ाई थी। यमुना एक्सप्रेस वे के कॉरिडोर इंचार्ज मेजर ( रिटायर्ड) मनीष का कहना है कि मर्सिडीज, ऑडी जैसी महंगी कार वालों पर दो-ढाई हजार के चालान से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। ये अपने साथ, दूसरों की जान भी खतरे में डाल रहे हैं।
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150 लोग हर साल गंवा रहे जान
यमुना एक्सप्रेस वे पर इस साल हादसों की रफ्तार ज्यादा है। सात महीने में 130 लोग मर चुके हैं। पिछले सालों में औसतन 150 लोग एक साल में जान गंवा रहे हैं। झरना नाला हादसे के बाद यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी की ओर से कराए गए सर्वे में हादसों का सबसे बड़ा कारण ओवरस्पीड आया था।
यमुना एक्सप्रेस वे पर इस साल हादसों की रफ्तार ज्यादा है। सात महीने में 130 लोग मर चुके हैं। पिछले सालों में औसतन 150 लोग एक साल में जान गंवा रहे हैं। झरना नाला हादसे के बाद यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी की ओर से कराए गए सर्वे में हादसों का सबसे बड़ा कारण ओवरस्पीड आया था।