{"_id":"68ffae600c98f991de021f77","slug":"meet-at-agra-to-begin-from-seven-november-in-agra-2025-10-27","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Meet At Agra: 15 देशों से आएंगे आठ हजार जूता उद्यमी, 250 से अधिक लगेंगी स्टाॅल...सात नवंबर से 'मीट एट आगरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meet At Agra: 15 देशों से आएंगे आठ हजार जूता उद्यमी, 250 से अधिक लगेंगी स्टाॅल...सात नवंबर से 'मीट एट आगरा
Mon, 27 Oct 2025 11:15 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 27 Oct 2025 11:15 PM IST
सार
आगरा में आयोजित होने जा रहे मीट एट आगरा से जूता के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। इसमें जूता की नई डिजाइन, चमड़े की गुणवत्ता, जूता निर्माण की नई मशीन-उपकरण के बारे में विशेषज्ञ जानकारी देंगे।
विज्ञापन
मीट एट आगरा की जानकारी देते आयोजक।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (एफमेक) का तीन दिवसीय मीट एट आगरा 7 नवंबर से सींगना स्थित ट्रेड सेंटर में शुरू होगा। इसमें 15 देशों के करीब 8000 जूता उद्यमी आएंगे। इसमें जूतों की नई डिजाइन, तकनीक, मशीन-उपकरणों समेत अन्य की जानकारी देने वाले विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
बाईपास रोड खंदारी स्थित होटल में मीडिया से रूबरू होते हुए एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने बताया कि मीट एट आगरा में वियतनाम, थाईलैंड, इटली, म्यांमार, जर्मनी, ताइवान, स्पेन, नेपाल, बांग्लादेश समेत 15 देशों के जूता उद्यमी शामिल होंगे। 250 से अधिक स्टॉल लगेंगे। इसमें जूता उद्योग से जुड़े हुए 25 हजार लोगों के आने की उम्मीद है।
इसका उद्घाटन औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी करेंगे। संस्थापक अध्यक्ष दलजीत सिंह ने कहा कि सिंथेटिक जूते की मांग बढ़ने से भारतीय फुटवियर बाजार को 2030 तक 26 बिलियन डॉलर से 47 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य है। उपाध्यक्ष राजीव वासन और राजेश सहगल ने कहा कि तकनीकी सत्रों में डिजाइन ट्रेंड्स, मैन्युफैक्चरिंग तकनीक, बाजार की पॉलिसी और मशीन-उपकरण पर भी चर्चा होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाईपास रोड खंदारी स्थित होटल में मीडिया से रूबरू होते हुए एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने बताया कि मीट एट आगरा में वियतनाम, थाईलैंड, इटली, म्यांमार, जर्मनी, ताइवान, स्पेन, नेपाल, बांग्लादेश समेत 15 देशों के जूता उद्यमी शामिल होंगे। 250 से अधिक स्टॉल लगेंगे। इसमें जूता उद्योग से जुड़े हुए 25 हजार लोगों के आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
इसका उद्घाटन औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी करेंगे। संस्थापक अध्यक्ष दलजीत सिंह ने कहा कि सिंथेटिक जूते की मांग बढ़ने से भारतीय फुटवियर बाजार को 2030 तक 26 बिलियन डॉलर से 47 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य है। उपाध्यक्ष राजीव वासन और राजेश सहगल ने कहा कि तकनीकी सत्रों में डिजाइन ट्रेंड्स, मैन्युफैक्चरिंग तकनीक, बाजार की पॉलिसी और मशीन-उपकरण पर भी चर्चा होगी।
विज्ञापन
महासचिव प्रदीप वासन और कैप्टन एएस राणा ने बताया कि दुनिया के कुल फुटवियर उत्पादन में भारत की 13 फीसदी हिस्सेदारी है। निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 2.2 फीसदी ही है। मेला निर्यात बढ़ाने में भी मददगार साबित होगा।
द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा ने बताया कि अमेरिकी टैरिफ के बीच जूता उद्योग को बढ़ावा देने में मेले की विशेष भूमिका होने जा रही है। पोस्टर विमोचन में अनिरुद्ध तिवारी, ललित अरोड़ा, दीपक मनचंदा, रेणुका डंग, नकुल मनचंदा, रोमी लूथरा, आरके शुक्ला, अर्पित ग्रोवर, दिलीप रैना, विजय निझवान आदि मौजूद रहे।
द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा ने बताया कि अमेरिकी टैरिफ के बीच जूता उद्योग को बढ़ावा देने में मेले की विशेष भूमिका होने जा रही है। पोस्टर विमोचन में अनिरुद्ध तिवारी, ललित अरोड़ा, दीपक मनचंदा, रेणुका डंग, नकुल मनचंदा, रोमी लूथरा, आरके शुक्ला, अर्पित ग्रोवर, दिलीप रैना, विजय निझवान आदि मौजूद रहे।
घरेलू उत्पादन को भी मिलेगा बढ़ावा
मीट एट आगरा में जूता के घरेलू उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसमें जूता की नई डिजाइन, चमड़े की गुणवत्ता, जूता निर्माण की नई मशीन-उपकरण, जूता निर्माण के कंपोनेंट समेत अन्य के बारे में विशेषज्ञ जानकारी देंगे। इनसे जुड़े स्टॉल भी लगेंगे। इससे जूता निर्माण से जुड़े कारोबारी, कर्मचारी भी इनकी जानकारी कर सकेंगे। इससे घरेलू स्तर पर उत्पादन वृद्धि में सहायता मिलेगी।
मीट एट आगरा में जूता के घरेलू उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसमें जूता की नई डिजाइन, चमड़े की गुणवत्ता, जूता निर्माण की नई मशीन-उपकरण, जूता निर्माण के कंपोनेंट समेत अन्य के बारे में विशेषज्ञ जानकारी देंगे। इनसे जुड़े स्टॉल भी लगेंगे। इससे जूता निर्माण से जुड़े कारोबारी, कर्मचारी भी इनकी जानकारी कर सकेंगे। इससे घरेलू स्तर पर उत्पादन वृद्धि में सहायता मिलेगी।