मंहगाई: पहली अप्रैल से महंगी हो जाएंगी खांसी, जुकाम, बुखार की दवाएं, आईएमए और एआरसीए ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण
एक अप्रैल से दवाओं पर 12 फीसदी टैक्स बढ़ जाएगा। इससे खांसी, जुकाम और बुखार की दवाएं भी महंगी हो जाएंगी। साथ ही डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में महंगाई की मार पड़ेगी। इस पर आईएमए और केमिस्ट एसोसिएशन ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में एक अप्रैल से खांसी, जुकाम और बुखार की दवाएं भी महंगी हो जाएंगी। वहीं, डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसे गंभीर बीमारियों के मरीजों पर भी महंगाई की मार पड़ेगी। आईएमए और केमिस्ट एसोसिएशन ने कहा कि दवाओं के दाम बढ़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को फिर से निर्णय पर विचार करना चाहिए।
आगरा रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष ब्रह्मभट्ट का कहना है कि पैरासीटामॉल सहित खांसी, जुकाम व संक्रमण की अन्य दवाएं महंगी हो जाएंगी। डायबिटीज, हाइपरटेंशन, टीबी के मरीज जो कि लंबे समय तक दवाओं का सेवन करते हैं, उन पर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। सरकार एक तरफ जेनेरिक दवाओं पर जोर दे रही हैं, वहीं बाकी दवाओं को महंगा करने की अनुमति दे दी है। दवाओं पर सरकार को धनराशि नहीं बढ़ाना चाहिए। इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।
इलाज सस्ता होना चाहिए, न कि मंहगा
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) आगरा के अध्यक्ष डॉ. ओपी यादव का कहना है कि इलाज और सस्ता होना चाहिए। ऐसे में दवाओं के दाम बढ़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकारी अस्पतालों में दिखाने वाले लोगों को सारी दवाएं नहीं मिल पातीं, उन्हें बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। ऐसे में दवाओं के दाम 12 फीसदी टैक्स बढ़ाना ठीक नहीं है। चिकित्सा और शिक्षा लोगों को निशुल्क मिलनी चाहिए।