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आईएमए की 24 घंटे की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं, सरकारी अस्पतालों में भीड़
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 09 May 2015 02:05 AM IST
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गुरुवार आधी रात के बाद से हुई आईएमए के चिकित्सकों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं। निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर ताला देख मरीज चिकित्सकों के घर तक पहुंच गए। मरीज को तड़पता छोड़ तीमारदार इलाज न सही दवा देने की ही गुजारिश करते रहे। लेकिन हड़ताल ने चिकित्सकों के हाथ बांध दिए। मरीजों को मजबूर जिला और एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। देहात में बाह, एत्मादपुर, किरावली, फतेहाबाद सीएचसी में भी मरीजों की भीड़ रही। इस तरह सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शुक्रवार को 30 फीसदी तक मरीजाें की वृद्धि हुई।
शुक्रवार को शहर के ढाई हजार से ज्यादा चिकित्सक हड़ताल पर रहे। निजी चिकित्सा संस्थानों पर ताला डालकर आईएमए के डाक्टराें ने तोता के ताल स्थित कार्यालय में धरना दिया। शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर शोषण के खिलाफ नारेबाजी भी की। कमिश्नर को पांच सूत्रीय मांगपत्र देकर 20 दिन का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा न होने पर चिकित्सकों ने बेमियादी हड़ताल का एलान किया है। ऐसे में हास्पिटलाें में इलाज को पहुंचे मरीजों को मायूस लौटना पड़ा। नर्सिंग स्टाफ और डाक्टरों ने इलाज नहीं किया। तीमारदार मरीजों को लेकर एसएन मेडिकल कालेज, इमरजेंसी, जिला अस्पताल और लेडी लायल लेकर पहुंचे। आईएमए भवन में डा. जेएन टंडन, डा. रवि सब्बरवाल, डा. केके प्रूथी, डा. सीआर रावत, डा. डीवी शर्मा, डा. सुधीर धाकरे, डा. संजीव वर्मा, डा. आलोक पारिक, डा. कैलाश चंद्र सारस्वत, डा. आलोक मित्तल, डा. बीपी गोयल, डा. निर्मल चोपड़ा, डा. मुनीश्वर गुप्ता, डा. यज्ञेश कौशल, डा. सुनील शर्मा, डा. अरविंद यादव, डा. डीपी शर्मा आदि चिकित्सक रहे।
प्रसव बढ़े और मरीज भी
एसएन में शुक्रवार को 1,650 मरीजों की ओपीडी रही, जिला अस्पताल में भी लगभग यही हाल रहा। लेडी लायल और एसएन की स्त्री रोग विभाग में 55-70 प्रसव होते हैं। गुरुवार से शुक्रवार की रात यह संख्या 90 तक पहुंच गई।
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दिल्ली गेट पर खुले रहे अस्पताल
हड़ताल में दिल्ली गेट, बाग फरजाना सहित कई इलाकों में चिकित्सकीय संस्थान खुले रहे। यहां मरीजों को बाकायदा देखा गया। कुछ क्लीनिक पर संपूर्ण हड़ताल का बैनर जरूर लगा था, लेकिन मरीजों को देखने में गुरेज नहीं किया।
- आईएमए की हड़ताल के मद्देनजर शासन ने भी तैयारी के निर्देश दिए थे। ओपीडी दो घंटे अतिरिक्त चली, इमरजेंसी और अन्य विभागाें में 24 घंटे डाक्टराें का पैनल तैनात रहा। यहां आए सभी मरीजों को सफल इलाज मिला
- डा. अजय अग्रवाल, प्राचार्य एसएन मेडिकल कालेज
- प्रसव के लिए खासे इंतजाम किए गए थे। सीएचसी के अलावा लेडी लायल और जिला अस्पताल में इसकी विशेष तैयारियां की गईं। बेड भी बढ़वाए गए थे, डाक्टर समेत स्टाफ नर्स को एलर्ट कर दिया था।
- डा. बीएस यादव, सीएमओ
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शुक्रवार को शहर के ढाई हजार से ज्यादा चिकित्सक हड़ताल पर रहे। निजी चिकित्सा संस्थानों पर ताला डालकर आईएमए के डाक्टराें ने तोता के ताल स्थित कार्यालय में धरना दिया। शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर शोषण के खिलाफ नारेबाजी भी की। कमिश्नर को पांच सूत्रीय मांगपत्र देकर 20 दिन का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा न होने पर चिकित्सकों ने बेमियादी हड़ताल का एलान किया है। ऐसे में हास्पिटलाें में इलाज को पहुंचे मरीजों को मायूस लौटना पड़ा। नर्सिंग स्टाफ और डाक्टरों ने इलाज नहीं किया। तीमारदार मरीजों को लेकर एसएन मेडिकल कालेज, इमरजेंसी, जिला अस्पताल और लेडी लायल लेकर पहुंचे। आईएमए भवन में डा. जेएन टंडन, डा. रवि सब्बरवाल, डा. केके प्रूथी, डा. सीआर रावत, डा. डीवी शर्मा, डा. सुधीर धाकरे, डा. संजीव वर्मा, डा. आलोक पारिक, डा. कैलाश चंद्र सारस्वत, डा. आलोक मित्तल, डा. बीपी गोयल, डा. निर्मल चोपड़ा, डा. मुनीश्वर गुप्ता, डा. यज्ञेश कौशल, डा. सुनील शर्मा, डा. अरविंद यादव, डा. डीपी शर्मा आदि चिकित्सक रहे।
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प्रसव बढ़े और मरीज भी
एसएन में शुक्रवार को 1,650 मरीजों की ओपीडी रही, जिला अस्पताल में भी लगभग यही हाल रहा। लेडी लायल और एसएन की स्त्री रोग विभाग में 55-70 प्रसव होते हैं। गुरुवार से शुक्रवार की रात यह संख्या 90 तक पहुंच गई।
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दिल्ली गेट पर खुले रहे अस्पताल
हड़ताल में दिल्ली गेट, बाग फरजाना सहित कई इलाकों में चिकित्सकीय संस्थान खुले रहे। यहां मरीजों को बाकायदा देखा गया। कुछ क्लीनिक पर संपूर्ण हड़ताल का बैनर जरूर लगा था, लेकिन मरीजों को देखने में गुरेज नहीं किया।
- आईएमए की हड़ताल के मद्देनजर शासन ने भी तैयारी के निर्देश दिए थे। ओपीडी दो घंटे अतिरिक्त चली, इमरजेंसी और अन्य विभागाें में 24 घंटे डाक्टराें का पैनल तैनात रहा। यहां आए सभी मरीजों को सफल इलाज मिला
- डा. अजय अग्रवाल, प्राचार्य एसएन मेडिकल कालेज
- प्रसव के लिए खासे इंतजाम किए गए थे। सीएचसी के अलावा लेडी लायल और जिला अस्पताल में इसकी विशेष तैयारियां की गईं। बेड भी बढ़वाए गए थे, डाक्टर समेत स्टाफ नर्स को एलर्ट कर दिया था।
- डा. बीएस यादव, सीएमओ