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Agra News: 10 से कम विद्यार्थियों वाले पाठ्यक्रमों में नहीं दिए जाएंगे मेडल, सात पदक और घटे
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 92वें दीक्षांत समारोह में इस बार 64 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 88 मेडल से अलंकृत किया जाएगा। इनमें 76 स्वर्ण और 12 रजत पदक शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार विश्वविद्यालय ने 10 से कम विद्यार्थियों वाले पाठ्यक्रमों में मेडल नहीं देने का निर्णय लिया है। इसी कारण कैंपस में संचालित सात अलग-अलग पाठ्यक्रमों के सात मेडल इस बार नहीं दिए जाएंगे।
मेडल समिति के प्रभारी प्रो. मनु प्रताप ने बताया कि जिन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या 10 से कम है, उनमें इस बार मेडल प्रदान नहीं किए जाएंगे। विश्वविद्यालय कैंपस के सात पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम है। इनमें किसी पाठ्यक्रम में केवल एक तो किसी में दो विद्यार्थी ही अध्ययनरत हैं। ऐसे में इन पाठ्यक्रमों के मेडल इस बार सूची से हटा दिए गए हैं। इनमें एमएससी गृह विज्ञान, एमए गृह विज्ञान, पीजीडीएमसी, भाषा विज्ञान में स्नातकोत्तर, एमए संगीत (तबला), एम. स्टेट और एमए लोक प्रशासन शामिल हैं।
पहले ही मेडिकल शिक्षा के करीब 20 से 25 मेडल कम हो चुके हैं। मेडिकल शिक्षा के कॉलेजों के विश्वविद्यालय से अलग होने के साथ ही इंजीनियरिंग शिक्षा के अलग होने का भी मेडल संख्या पर असर पड़ा है। अब सात और मेडल कम होने से इस बार मेडल की संख्या और घट गई है। करीब दो दशक पहले विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में लगभग 117 मेडल प्रदान किए जाते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 88 रह गई है।
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46 छात्राओं को 63 और 18 छात्रों को 25 मेडल
इस बार 46 छात्राओं को कुल 63 मेडल, जबकि 18 छात्रों को 25 मेडल प्रदान किए जाएंगे। एक विद्यार्थी को एक से अधिक मेडल मिलने की वजह से 64 विद्यार्थियों को कुल 88 मेडल मिलेंगे। स्नातक पाठ्यक्रमों में 25, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में 46 और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में 17 मेडल शामिल हैं।
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मेडल समिति के प्रभारी प्रो. मनु प्रताप ने बताया कि जिन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या 10 से कम है, उनमें इस बार मेडल प्रदान नहीं किए जाएंगे। विश्वविद्यालय कैंपस के सात पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम है। इनमें किसी पाठ्यक्रम में केवल एक तो किसी में दो विद्यार्थी ही अध्ययनरत हैं। ऐसे में इन पाठ्यक्रमों के मेडल इस बार सूची से हटा दिए गए हैं। इनमें एमएससी गृह विज्ञान, एमए गृह विज्ञान, पीजीडीएमसी, भाषा विज्ञान में स्नातकोत्तर, एमए संगीत (तबला), एम. स्टेट और एमए लोक प्रशासन शामिल हैं।
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पहले ही मेडिकल शिक्षा के करीब 20 से 25 मेडल कम हो चुके हैं। मेडिकल शिक्षा के कॉलेजों के विश्वविद्यालय से अलग होने के साथ ही इंजीनियरिंग शिक्षा के अलग होने का भी मेडल संख्या पर असर पड़ा है। अब सात और मेडल कम होने से इस बार मेडल की संख्या और घट गई है। करीब दो दशक पहले विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में लगभग 117 मेडल प्रदान किए जाते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 88 रह गई है।
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46 छात्राओं को 63 और 18 छात्रों को 25 मेडल
इस बार 46 छात्राओं को कुल 63 मेडल, जबकि 18 छात्रों को 25 मेडल प्रदान किए जाएंगे। एक विद्यार्थी को एक से अधिक मेडल मिलने की वजह से 64 विद्यार्थियों को कुल 88 मेडल मिलेंगे। स्नातक पाठ्यक्रमों में 25, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में 46 और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में 17 मेडल शामिल हैं।