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स्पेशल ट्रेन से 1649 श्रमिकों को बिहार के लिए किया रवाना
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13एमएनपी-14-स्पेशल ट्रेन से बिहार जाने के लिए प्लेटफॉर्म पर उमड़ी भीड़
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। स्पेशल ट्रेन से 1649 श्रमिकों को बिहार भेजा गया। जिले में भट्ठों पर काम करने वाले सैकड़ों बिहार के मजदूर लॉकडाउन के बाद से यहां फंसे हुए हैं। इन्हें उनके घर भेजने के लिए जिला प्रशासन ने स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था कराई है।
शनिवार को सुबह दस बजे स्पेशल ट्रेन प्लेटफॉर्म पर लग गई थी। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह और पुलिस अधीक्षक अजय कुमार पांडेय भी अधिकारियों के साथ स्टेशन पहुंच गए। उन्होंने स्टेशन पर आने वाले मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद उन्हें टिकट और खाने के पैकेट देकर ट्रेन में बैठाया। इससे पूर्व उनके सामान को सैनिटाइज भी किया गया। दो बजे 1649 श्रमिकों को लेकर ट्रेन पटना और गया के लिए रवाना हो गई। नोडल अधिकारी एडीएम बी. राम, पर्यवेक्षणीय अधिकारी सीडीओ नगेंद्र शर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह, उपजिलाधिकारी सदर रजनीकांत, क्षेत्राधिकारी नगर अभय नरायन राय, जिला पूर्ति अधिकारी यूआर खान मौजूद रहे।
सामाजिक दूरी का नहीं हो सका पालन
प्लेटफॉर्म से लेकर ट्रेन तक में सामाजिक दूरी का पालन नहीं कराया गया। प्रशासन द्वारा कोई प्रबंध न किए जाने के चलते भट्ठा मालिकों ने ट्रैक्टर की ट्राली में बैठाकर मजदूरों को स्टेशन तक पहुंचाया। इसके बाद प्लेटफॉर्म और ट्रेन में भी सभी श्रमिक एक-दूसरे से सटकर बैठे नजर आए।
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बच्चों को लेकर भी हुई समस्या
प्रशासन द्वारा श्रमिकों की संख्या के अनुसार टिकट बुक कराई गई थीं, लेकिन जब श्रमिक स्टेशन पहुंचे तो प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। दरअसल समस्या ये थी कि हर श्रमिक परिवार के साथ औसतन चार से पांच बच्चे थे। ऐसे में ट्रेन में भी बैठाने में समस्या का सामना करना पड़ा।
समाजसेवी भी आगे आए
ट्रेन से मजदूरों के घर लौटने की जानकारी मिलने पर समाजसेवी मोहम्मद आरिफ अहमद, शंभू, कैफनूर आरिफ, आशू आदि ने पानी की बोतलें बांटीं।
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शनिवार को सुबह दस बजे स्पेशल ट्रेन प्लेटफॉर्म पर लग गई थी। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह और पुलिस अधीक्षक अजय कुमार पांडेय भी अधिकारियों के साथ स्टेशन पहुंच गए। उन्होंने स्टेशन पर आने वाले मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद उन्हें टिकट और खाने के पैकेट देकर ट्रेन में बैठाया। इससे पूर्व उनके सामान को सैनिटाइज भी किया गया। दो बजे 1649 श्रमिकों को लेकर ट्रेन पटना और गया के लिए रवाना हो गई। नोडल अधिकारी एडीएम बी. राम, पर्यवेक्षणीय अधिकारी सीडीओ नगेंद्र शर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह, उपजिलाधिकारी सदर रजनीकांत, क्षेत्राधिकारी नगर अभय नरायन राय, जिला पूर्ति अधिकारी यूआर खान मौजूद रहे।
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सामाजिक दूरी का नहीं हो सका पालन
प्लेटफॉर्म से लेकर ट्रेन तक में सामाजिक दूरी का पालन नहीं कराया गया। प्रशासन द्वारा कोई प्रबंध न किए जाने के चलते भट्ठा मालिकों ने ट्रैक्टर की ट्राली में बैठाकर मजदूरों को स्टेशन तक पहुंचाया। इसके बाद प्लेटफॉर्म और ट्रेन में भी सभी श्रमिक एक-दूसरे से सटकर बैठे नजर आए।
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बच्चों को लेकर भी हुई समस्या
प्रशासन द्वारा श्रमिकों की संख्या के अनुसार टिकट बुक कराई गई थीं, लेकिन जब श्रमिक स्टेशन पहुंचे तो प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। दरअसल समस्या ये थी कि हर श्रमिक परिवार के साथ औसतन चार से पांच बच्चे थे। ऐसे में ट्रेन में भी बैठाने में समस्या का सामना करना पड़ा।
समाजसेवी भी आगे आए
ट्रेन से मजदूरों के घर लौटने की जानकारी मिलने पर समाजसेवी मोहम्मद आरिफ अहमद, शंभू, कैफनूर आरिफ, आशू आदि ने पानी की बोतलें बांटीं।