वृंदावन कुंभ बैठक: अपने हाथों से टिक्कर बनाकर श्रद्धालु को खिला रहे मौनी और पाठक बाबा
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वृंदावन कुंभ बैठक चरम पर है। यमुना तट पर चल रहे इस धार्मिक आयोजन में संतों के अद्भुत रूप के श्रद्धालुओं को देखने को मिल रहे हैं। कहीं संत योग कर रहे हैं तो कहीं धूनी रमाए हैं। पुरानी कालीदह आश्रम के शिविर में मौनी बाबा और पाठक बाबा भक्तों को अपने हाथ से टिक्कर खिला रहे हैं। कुंभ शिविर में भक्तों को प्रसाद खिलाने का यह दौर निरंतर चलता है।
केशीघाट से यमुना के किनारे कुंभ की ओर आ रहे मार्ग में प्रेमदास पाठक बाबा का छोटा सा शिविर है। यहां भक्तों की हर वक्त बड़ी मौजूदगी नजर आती है। शिविर के मुख्य द्वार के सामने ही मौनी बाबा उर्फ हरिओम भारती महाराज धूनी रमाते नजर आ जाएंगे। शरीर पर भभूत लगी होगी।
देवभूमि उत्तराखंड में भोले बाबा के धाम केदारनाथ से वृंदावन कुंभ में आए हरिओम भारती महाराज पिछले करीब दो वर्ष से मौन साधना कर रहे हैं। वृंदावन कुंभ में मौनी बाबा अपने भक्तों के सवालों के जवाब लिखकर देते हैं। ज्यादा चर्चा नहीं करते हैं।
मौनी बाबा के साथ ही प्रेमदास पाठक बाबा भी साधना करते हैं। भभूत पाठक बाबा की जटाएं शरीर पर नजर आती है। पहले तो पाठक बाबा ब्रज की रस को भक्तों को खाने के लिए देते हैं और फिर ब्रजरज की महिमा भी बताते हैं।
इस शिविर में पहुंचने वाले भक्तों को मौनी बाबा और पाठक बाबा अपने हाथों से बना प्रसाद भी खिला रहे हैं। इसमें धूनी पर बने टिक्कर कुंभ क्षेत्र में संतों के साथ श्रद्धालुओं के बीच भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। बताते हैं कि बाबा की जब इच्छा होती है अन्य पदार्थ भी प्रसाद के रूम तैयार कर भक्तों को वितरित कराने लगते हैं।