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मथुरा चिकित्सक अपहरणकांड में एक लाख का इनामी गिरफ्तार, वसूली थी 52 लाख की फिरौती
Wed, 26 Feb 2020 12:03 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 26 Feb 2020 12:03 AM IST
सार
फिरौती के 50 हजार रुपये और मोबाइल बरामद किया गया है
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आरोपी के साथ मथुरा पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा पुलिस ने डॉक्टर निर्विकल्प अपहरणकांड मामले में एक लाख रुपये के इनामी बदमाश को एक्सप्रेसवे के बाजना कट के पास से गिरफ्तार किया है। इसके पास से फिरौती के 50 हजार रुपये और मोबाइल बरामद किया गया है। वहीं, पुलिस मामले में मास्टरमाइंड समेत तीन की तलाश में दबिश दे रही है।
एसपी सिटी अशोक कुमार मीणा और एसपी क्राइम राधेश्याम राय ने बताया कि पकड़ा गया नितेश उर्फ रीगल पुत्र दयानंद निवासी 201/14 खंजाची बाग हुजूर, निकट भोपाल रेलवे स्टेशन है।
एसपी सिटी ने बताया कि अपहरण का मास्टरमाइंड अनूप निवासी कोलाहर (नौहझील), सनी मलिक निवासी न्यू सैनिक बिहार कॉलोनी, कंकरखेड़ा (मेरठ) और महेश निवासी कोलाहार (नौहझील) फरार हैं।
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एसपी सिटी अशोक कुमार मीणा और एसपी क्राइम राधेश्याम राय ने बताया कि पकड़ा गया नितेश उर्फ रीगल पुत्र दयानंद निवासी 201/14 खंजाची बाग हुजूर, निकट भोपाल रेलवे स्टेशन है।
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एसपी सिटी ने बताया कि अपहरण का मास्टरमाइंड अनूप निवासी कोलाहर (नौहझील), सनी मलिक निवासी न्यू सैनिक बिहार कॉलोनी, कंकरखेड़ा (मेरठ) और महेश निवासी कोलाहार (नौहझील) फरार हैं।
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यह था मामला
शहर के प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर निर्विकल्प अग्रवाल 10 दिसंबर को महोली रोड पर भावना डाग्योनिस्टिक सेंटर से अपने घर राधापुरम एस्टेट कार से जा रहे थे। गोवर्धन चौराहे पर फ्लाईओवर पर कार को टक्कर मारकर अपहरणकर्ताओं ने डॉक्टर को अगवा कर लिया था।
अपहरणकर्ताओं ने 52 लाख रुपये की फिरौती वसूली। मामले में मथुरा पुलिस की लखनऊ तक किरकिरी हुई और अपहरणकर्ताओं को छोड़ने की एवज में मोटी रकम वसूलने का आरोप भी लगा था। 11 फरवरी को पुलिस ने हाईवे थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया।
शहर के प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर निर्विकल्प अग्रवाल 10 दिसंबर को महोली रोड पर भावना डाग्योनिस्टिक सेंटर से अपने घर राधापुरम एस्टेट कार से जा रहे थे। गोवर्धन चौराहे पर फ्लाईओवर पर कार को टक्कर मारकर अपहरणकर्ताओं ने डॉक्टर को अगवा कर लिया था।
अपहरणकर्ताओं ने 52 लाख रुपये की फिरौती वसूली। मामले में मथुरा पुलिस की लखनऊ तक किरकिरी हुई और अपहरणकर्ताओं को छोड़ने की एवज में मोटी रकम वसूलने का आरोप भी लगा था। 11 फरवरी को पुलिस ने हाईवे थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया।
पुलिस की रटी-रटाई कहानी नितेश ने की बयां
पकड़े गए अपहरणकर्ता नितेश ने पुलिस की रटी-रटाई कहानी पत्रकारों के सामने बयां की। उसने बताया कि उसके हिस्से में केवल 5.50 लाख रुपये आए थे। उसे कुछ भी नहीं पता। केवल अनूप ने बुलाया था और उसने जैसे कहा, फिर वैसे ही किया। दो घंटे तक हाईवे पर घुमाने के बाद डॉक्टर की पत्नी से अनूप ने ही फिरौती वसूली। इसके अलावा अपहरणकर्ता ने कुछ भी नहीं बताया।
बातचीत में फेसबुक और मैसेंजर का लेते थे सहारा
स्वाट टीम प्रभारी सदुवनराम गौतम और छाता कोतवाली प्रभारी रवि त्यागी ने बताया कि अपहरणकर्ता सोशल मीडिया का सहारा लेते थे। इनमें मैसेंजर और फेसबुक पर चैटिंग करके आपस में संपर्क करते थे। मोबाइल से बात इसलिए नहीं करते थे कि पकड़ में न आ जाएं। इंस्पेक्टरों ने बताया कि पकड़ा गया अपहरणकर्ता रिलायंस एनीमेशन का काम करता था।
कई सवाल अभी तक हैं अनसुलझे, कब सुलझेंगे
शुरू से डॉक्टर अपहरणकांड को दबाने में जुटी रही मथुरा पुलिस अपहरणकर्ता को पकड़ने के बाद कई सवालों के जवाब नहीं दे सकी। सबसे पहले कि आखिर फिरौती कितनी वसूली गई। 5.50 लाख रुपये हिस्से में नितेश के आए तो पांच लाख रुपये कहां गए। डॉक्टर के अपहरण के पीछे है कौन। ऐसे कई सवालों के जवाब पुलिस पर मंगलवार को नहीं थे। पुलिस का कहना था कि अनूप के हत्थे चढ़ते ही कई राज खुलेंगे।
पकड़े गए अपहरणकर्ता नितेश ने पुलिस की रटी-रटाई कहानी पत्रकारों के सामने बयां की। उसने बताया कि उसके हिस्से में केवल 5.50 लाख रुपये आए थे। उसे कुछ भी नहीं पता। केवल अनूप ने बुलाया था और उसने जैसे कहा, फिर वैसे ही किया। दो घंटे तक हाईवे पर घुमाने के बाद डॉक्टर की पत्नी से अनूप ने ही फिरौती वसूली। इसके अलावा अपहरणकर्ता ने कुछ भी नहीं बताया।
बातचीत में फेसबुक और मैसेंजर का लेते थे सहारा
स्वाट टीम प्रभारी सदुवनराम गौतम और छाता कोतवाली प्रभारी रवि त्यागी ने बताया कि अपहरणकर्ता सोशल मीडिया का सहारा लेते थे। इनमें मैसेंजर और फेसबुक पर चैटिंग करके आपस में संपर्क करते थे। मोबाइल से बात इसलिए नहीं करते थे कि पकड़ में न आ जाएं। इंस्पेक्टरों ने बताया कि पकड़ा गया अपहरणकर्ता रिलायंस एनीमेशन का काम करता था।
कई सवाल अभी तक हैं अनसुलझे, कब सुलझेंगे
शुरू से डॉक्टर अपहरणकांड को दबाने में जुटी रही मथुरा पुलिस अपहरणकर्ता को पकड़ने के बाद कई सवालों के जवाब नहीं दे सकी। सबसे पहले कि आखिर फिरौती कितनी वसूली गई। 5.50 लाख रुपये हिस्से में नितेश के आए तो पांच लाख रुपये कहां गए। डॉक्टर के अपहरण के पीछे है कौन। ऐसे कई सवालों के जवाब पुलिस पर मंगलवार को नहीं थे। पुलिस का कहना था कि अनूप के हत्थे चढ़ते ही कई राज खुलेंगे।