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मथुरा: कंटेनमेंट जोन बनाकर भूल गए अफसर, दवा न सैनिटाइजेशन
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वृंदावन (मथुरा)। कोरोना का कहर अब बरपने लगा है। संक्रमण के साथ ही मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। वृंदावन में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ने से कंटेनमेंट जोन भी तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। अब तक यहां 150 से अधिक जोन बन चुके हैं। बावजूद सरकारी मशीनरी और प्रभावित लोग गंभीर नहीं हैं।
मंदिरों की नगरी वृंदावन में कोरोना की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। करीब एक पखवाड़े में 150 कंटेनमेंट घोषित किए जा चुके हैं। लेकिन इनमें से अधिकांश कंटेनमेंट जोन में लापरवाही बहुत ज्यादा है। यह लापरवाही सिर्फ जिम्मेदार विभागों के स्तर पर ही नहीं प्रभावित व्यक्ति के परिजनों द्वारा भी की जा रही है।
नगर निगम ने इस क्षेत्रों में सिर्फ बैरिकेडिंग करते हुए संपूर्ण दायित्व से पल्ला झाड़ लिया है। सैनिटाइजेशन को लेकर निगम की रफ्तार बहुत धीमी है। अनेक क्षेत्रों में निगम ने सैनिटाइजेशन नहीं किया है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग उखड़ गई है।
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स्वास्थ्य विभाग ने पीड़ित परिवारों की सुध भी नहीं ली है। दवा और स्वास्थ्य संबंधी मरीज से पूछताछ भी करने कोई नहीं आया है। अनेक क्षेत्रों में तो कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के परिजन बाजार में घूमते हुए देखे गए हैं।
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मंदिरों की नगरी वृंदावन में कोरोना की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। करीब एक पखवाड़े में 150 कंटेनमेंट घोषित किए जा चुके हैं। लेकिन इनमें से अधिकांश कंटेनमेंट जोन में लापरवाही बहुत ज्यादा है। यह लापरवाही सिर्फ जिम्मेदार विभागों के स्तर पर ही नहीं प्रभावित व्यक्ति के परिजनों द्वारा भी की जा रही है।
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नगर निगम ने इस क्षेत्रों में सिर्फ बैरिकेडिंग करते हुए संपूर्ण दायित्व से पल्ला झाड़ लिया है। सैनिटाइजेशन को लेकर निगम की रफ्तार बहुत धीमी है। अनेक क्षेत्रों में निगम ने सैनिटाइजेशन नहीं किया है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग उखड़ गई है।
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स्वास्थ्य विभाग ने पीड़ित परिवारों की सुध भी नहीं ली है। दवा और स्वास्थ्य संबंधी मरीज से पूछताछ भी करने कोई नहीं आया है। अनेक क्षेत्रों में तो कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के परिजन बाजार में घूमते हुए देखे गए हैं।