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मथुरा जवाहर बाग कांडः रामवृक्ष के समर्थकों ने फिर किया मथुरा कूच का एलान, 17 जनवरी से यात्रा
Wed, 16 Jan 2019 10:53 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 16 Jan 2019 10:53 PM IST
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दो जून 2016 की जवाहर बाग कांड की बहुचर्चित वारदात के सूत्रधार रामवृक्ष यादव का संगठन एक बार फिर से सिर उठाने लगा है। संगठन से जुड़े लोग यह मानने को तैयार ही नहीं हैं कि रामवृक्ष की मौत हो चुकी है।
वह कह रहे हैं कि देवरिया से यह यात्रा उन्हें मुक्त कराने के लिए निकाली जा रही है। रैली की जानकारी लगते ही पुलिस प्रशासन की नींद उड़ गई है। पत्र में जो दावा किया गया है उसके मुताबिक रैली 23 जनवरी को मथुरा पहुंचेगी।
करोड़ों की कीमत के ऐतिहासिक जवाहर बाग को रामवृक्ष यादव और उसके समर्थकों ने तथाकथित सत्याग्रह की आड़ में कब्जा लिया था। इसे कब्जे से मुक्त कराने के लिए 2 जून 2016 को गई पुलिस टीम पर रामवृक्ष यादव और उसके समर्थकों ने हमला कर दिया था।
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इस वारदात में तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल उपाध्याय और थानाध्यक्ष फरह संतोष कुमार की मौत हो गई थी। हालांकि इस हिंसा में रामवृक्ष यादव के भी मरने की बात सामने आई थी लेकिन अभी तक रामवृक्ष यादव की मौत का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं मिल सका है।
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वह कह रहे हैं कि देवरिया से यह यात्रा उन्हें मुक्त कराने के लिए निकाली जा रही है। रैली की जानकारी लगते ही पुलिस प्रशासन की नींद उड़ गई है। पत्र में जो दावा किया गया है उसके मुताबिक रैली 23 जनवरी को मथुरा पहुंचेगी।
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करोड़ों की कीमत के ऐतिहासिक जवाहर बाग को रामवृक्ष यादव और उसके समर्थकों ने तथाकथित सत्याग्रह की आड़ में कब्जा लिया था। इसे कब्जे से मुक्त कराने के लिए 2 जून 2016 को गई पुलिस टीम पर रामवृक्ष यादव और उसके समर्थकों ने हमला कर दिया था।
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इस वारदात में तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल उपाध्याय और थानाध्यक्ष फरह संतोष कुमार की मौत हो गई थी। हालांकि इस हिंसा में रामवृक्ष यादव के भी मरने की बात सामने आई थी लेकिन अभी तक रामवृक्ष यादव की मौत का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं मिल सका है।
तमाम मुकदमों में आज भी वह वांछित चल रहा है। न पुलिस और न ही सीबीआई अभी तक उसकी मौत का प्रमाण अदालत में पेश नहीं कर पाई है।
जवाहरबाग हिंसा में 100 से अधिक कब्जाधारी जेल में हैं। सीबीआई इस हत्याकांड की जांच कर रही है। जो पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वह देवरिया निवासी रामवृक्ष के समर्थक बाबूलाल द्वारा भेजा गया है।
इस पत्र की कापी राष्ट्रपति को भी भेजने की बात कही गई है। पत्र के अनुसार 17 जनवरी को शहीद रामचंद्र विद्यार्थी स्मारक स्थल देवरिया से वह अपनी विधिक सत्याग्रह संदेश यात्रा की शुरूआत करेंगे और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिवस 23 जनवरी को मथुरा कचहरी पर पहुंचेंगे।
जवाहरबाग हिंसा में 100 से अधिक कब्जाधारी जेल में हैं। सीबीआई इस हत्याकांड की जांच कर रही है। जो पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वह देवरिया निवासी रामवृक्ष के समर्थक बाबूलाल द्वारा भेजा गया है।
इस पत्र की कापी राष्ट्रपति को भी भेजने की बात कही गई है। पत्र के अनुसार 17 जनवरी को शहीद रामचंद्र विद्यार्थी स्मारक स्थल देवरिया से वह अपनी विधिक सत्याग्रह संदेश यात्रा की शुरूआत करेंगे और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिवस 23 जनवरी को मथुरा कचहरी पर पहुंचेंगे।
इसके बाद यह यात्रा 26 जनवरी को गाजीपुर पहुंचेगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए पत्र की पुष्टि रामवृक्ष यादव के एक समर्थक सिद्धार्थ नगर निवासी शिवपूजन तथा उनके अधिवक्ता एलके गौतम ने भी की है। यात्रा की जानकारी लगते ही जिला प्रशासन की नींद उड़ गई है। वह इसे रोकने की तैयारियों में जुट गया है।
एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि अभी उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। औपचारिक रूप से उन्हें कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि अभी उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। औपचारिक रूप से उन्हें कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।