फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Mathura ITI Scam case Three ITI running on paper 

मथुरा छात्रवृत्ति घोटाला: कागजों पर चल रही थी तकनीकी पढ़ाई, 13 में से तीन आईटीआई मिले गायब  

Fri, 25 Mar 2022 10:38 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 25 Mar 2022 10:38 AM IST
सार

जिले में 13 में से तीन आईटीआई कागजों में चलते मिले। पांच वर्ष तक छात्रवृत्ति लेने के बाद अन्य शिक्षण संस्थाएं खोल ली थीं। एसडीएम ने यह रिपोर्ट शासन को भेज दी है।

विज्ञापन
Mathura ITI Scam case Three ITI running on paper 
छात्रवृत्ति घोटाला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिन 13 आईटीआई के खिलाफ शासन का फर्जी पत्र हाईकोर्ट में पेश करने के मामले में एफआईआर हुई है, उनमें से तीन शिक्षण संस्थाएं कागजों में चल रहीं थीं। वह शिक्षण संस्थाएं मौके से नदारद हैं। इस प्रकार की रिपोर्ट शासन को भी भेजी गई है। यह शिक्षण संस्थाएं पांच वर्ष से लाखों की छात्रवृत्ति प्राप्त कर चुके हैं।

विज्ञापन


आईटीआई कॉलेज के खिलाफ शासन स्तर से होने वाली जांच से बचने के लिए हाईकोर्ट में शासन का एक पत्र पेश किया गया, जिसमें इस जांच को न करने के लिए कहा गया था लेकिन जब हाईकोर्ट ने इस संबंध में शासन से पूछा तो उसने मना कर दिया। शासन द्वारा इस पत्र को फर्जी बताया गया। इस पत्र को लेकर हाईकोर्ट जाने वाली 13 शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ चार दिन पूर्व थाना सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज हुई है। इन्हीं 13 शिक्षण संस्थाओं में से 3 शिक्षण संस्थाएं एसडीएम को जांच में मौके पर मिली हीं नहीं। यह रिपोर्ट भी शासन को जा चुकी है।

विज्ञापन

एक विद्यालय के संचालक ने बनाया था दबाव

अपने आईटीआई कॉलेज के छात्रों की छात्रवृत्ति का डाटा फारवर्ड करने के लिए दो सप्ताह पूर्व समाज कल्याण विभाग में पहुंचकर अधिकारी तथा स्टाफ पर दबंगई दिखाने वाले विद्यालय संचालक इन्हीं 13 विद्यालयों में से एक विद्यालय के संचालक थे। उनके द्वारा अपने कई विद्यालयों के छात्रों का डाटा फारवर्डिंग करने के लिए दबाव बनाया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

छात्रों को भेजकर बनाया जा रहा माहौल

समाज कल्याण विभाग द्वारा पर्याप्त समय दिए जाने के बाद भी विभाग को आवश्यक जानकारी न देने वाले छात्र अब कुछ छात्रों को समाज कल्याण विभाग में भेजकर माहौल तैयार कर रहे हैं, ताकि शासन स्तर से छात्रवृत्ति के डाटा को फिर से भेजा जा सके।

ये बोले अधिकारी 

कार्यकारी समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र प्रसाद नाथ सिंह ने  बताया कि  कुछ शिक्षण संस्थाओं की भौतिक रिपोर्ट नकारात्मक आई थी। हम उन पर नजर रखे हैं। जिन विद्यालय संचालक द्वारा डाटा फॉरवर्ड करने के लिए दबाव बनाया गया था। उस संबंध में डीएम द्वारा रिपोर्ट दर्ज करने के लिए निर्देशित किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed