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मथुराः इस वजह से दिव्यांग पति को कंधों पर उठाकर एक से दूसरे दफ्तर दौड़ती रही महिला
न्यूज डेस्क, अमर उजाल आगरा
Updated Thu, 05 Apr 2018 10:06 AM IST
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पति को कंधों पर उठाए महिला
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा में सरकारी सिस्टम की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। यहां एक महिला को पति का विकलांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए खूब चक्कर लगावाया गया।
हैरत की तो बात यह है कि महिला अपने पति को कंधों पर उठाकर दफ्तरों का चक्कर लगाती रही। उसे व्हीलचेयर तक मुहैया नहीं कराई गई। फिर भी प्रमाणपत्र नहीं मिला।
वहीं खबर मीडिया में आने के बाद इस मामले में सीएमओ ने संज्ञान में लिया। आनन-फानन में दिव्यांग को सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है।
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हैरत की तो बात यह है कि महिला अपने पति को कंधों पर उठाकर दफ्तरों का चक्कर लगाती रही। उसे व्हीलचेयर तक मुहैया नहीं कराई गई। फिर भी प्रमाणपत्र नहीं मिला।
वहीं खबर मीडिया में आने के बाद इस मामले में सीएमओ ने संज्ञान में लिया। आनन-फानन में दिव्यांग को सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है।
दंपति
- फोटो : अमर उजाला
बताया गया है कि मथुरा के गीता विहार की रहने वाली महिला अपने पति बंदन सिंह को लेकर विकलांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंची थी। जहां उसे सरकारी सिस्टम की लापरवाही का शिकार होना पड़ा।
महिला को एक से दूसरे कार्यालय में दौड़ाया गया। उसका पति दिव्यांग है। इसके चलते वह उसे कंधों पर उठाकर एक से दूसरे कार्यालयों तक ले गई। लेकिन दिव्यांग के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था नहीं की गई।
महिला ने बताया कि कार्यालय में उसकी सुनवाई नहीं हुई। वह सीएमओ दफ्तर भी पहुंची, लेकिन यहां भी उसे टरका दिया गया। विकलांग प्रमाणपत्र नहीं बनाया गया। हालांकि बाद में सीएमओ ने संज्ञान में लिया और प्रमाणपत्र जारी कर दिया।
महिला को एक से दूसरे कार्यालय में दौड़ाया गया। उसका पति दिव्यांग है। इसके चलते वह उसे कंधों पर उठाकर एक से दूसरे कार्यालयों तक ले गई। लेकिन दिव्यांग के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था नहीं की गई।
महिला ने बताया कि कार्यालय में उसकी सुनवाई नहीं हुई। वह सीएमओ दफ्तर भी पहुंची, लेकिन यहां भी उसे टरका दिया गया। विकलांग प्रमाणपत्र नहीं बनाया गया। हालांकि बाद में सीएमओ ने संज्ञान में लिया और प्रमाणपत्र जारी कर दिया।