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शहीद विक्रम सिंह को नम आंखों से दी अंतिम विदाई, गूंजे भारत माता के जयकारे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 30 May 2018 09:09 AM IST
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शहीद विक्रम सिंह को अंतिम विदाई
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में शहीद हुए मथुरा के जवान विक्रम सिंह अधाना को नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी गई। दो साल के बेटे अंश ने शहीद पिता को मुखाग्नि दी।
इस दौरान भारी भीड़ रही। भारत माता के जयकारे गूंजते रहे। शहीद की अंतिम यात्रा में कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और लक्ष्मी नारायण चौधरी समेत हजारों लोगों ने हिस्सा लिया।
छाता तहसील के गांव लाड़पुर निवासी सेना के जवान विक्रम सिंह अधाना रविवार रात को आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। वो जम्मू-कश्मीर के पुलवामा सेक्टर में पेट्रोलिंग कर रहे थे।
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इस दौरान भारी भीड़ रही। भारत माता के जयकारे गूंजते रहे। शहीद की अंतिम यात्रा में कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और लक्ष्मी नारायण चौधरी समेत हजारों लोगों ने हिस्सा लिया।
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छाता तहसील के गांव लाड़पुर निवासी सेना के जवान विक्रम सिंह अधाना रविवार रात को आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। वो जम्मू-कश्मीर के पुलवामा सेक्टर में पेट्रोलिंग कर रहे थे।
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अंतिम दर्शन को आए हजारों लोग
शहीद की अंतिम यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
विक्रम सिंह छुट्टी के बाद 13 मई को पुलवामा के लिए निकले थे। जाते वक्त घर वालों से कहकर गए कि जल्द ही वापस आऊंगा। कौन जानता था कि विक्रम सिंह का पार्थिव शरीर वापस आएगा।
मंगलवार शाम को तिरंगे में लिपटकर शहीद का पार्थिव शरीर लाडपुर गांव लाया गया। पहले विक्रम सिंह के शव को उनके घर पर ले जाया गया। यहां परिवार वालों ने अंतिम दर्शन किए।
हजारों की भीड़ अंतिम दर्शन को पहुंची थी। लिहाजा शव को स्कूल परिसर में दर्शन के लिए रखवाया गया। यहां सेना की टुकड़ी ने सलामी दी। इसके बाद अंतिम विदाई को ले जाया गया।
मंगलवार शाम को तिरंगे में लिपटकर शहीद का पार्थिव शरीर लाडपुर गांव लाया गया। पहले विक्रम सिंह के शव को उनके घर पर ले जाया गया। यहां परिवार वालों ने अंतिम दर्शन किए।
हजारों की भीड़ अंतिम दर्शन को पहुंची थी। लिहाजा शव को स्कूल परिसर में दर्शन के लिए रखवाया गया। यहां सेना की टुकड़ी ने सलामी दी। इसके बाद अंतिम विदाई को ले जाया गया।
मासूम बेटे ने दी मुखाग्नि
सेना की टुकड़ी ने दी सलामी
- फोटो : अमर उजाला
शहीद विक्रम सिंह को उनके डेढ़ साल के बेटे वंश ने मुखाग्नि दी। वंश को उसके दादा विक्रम सिंह ने गोद में उठा रखा था। मासूम को मुखाग्नि देते देख यहां मौजूद लोगों की आंख भर आई।
कोई भी अपने आंसू रोक नहीं पा रहा था। इस दौरान प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी के साथ सभी विधायक और सियासी, सामाजिक संगठनों के लोग मौजूद रहे।
कोई भी अपने आंसू रोक नहीं पा रहा था। इस दौरान प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी के साथ सभी विधायक और सियासी, सामाजिक संगठनों के लोग मौजूद रहे।