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कहीं आपका भी ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी तो नहीं, आगरा में इतने डीएल मिले फेक

Sat, 23 Jun 2018 05:42 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Sat, 23 Jun 2018 05:42 PM IST
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many driving license fake are found in agra
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आपका पुराना यानि मैनुअल ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी भी हो सकता है। संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में रोजाना फर्जी लाइसेंस के मामले सामने आ रहे हैं। 
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दलालों ने बड़े पैमाने पर एक ही नंबर पर दो व्यक्तियों के लाइसेंस बनवा दिए। दुर्घटना बीमा का क्लेम हो या फिर नवीनीकरण कराने पहुंचने पर लाइसेंस में किया फर्जीवाड़ा पकड़ में आ रहा है। 

आरटीओ के लाइसेंस पटल से जुड़े अधिकारियों की मानें तो जिले में एक लाख से ज्यादा लाइसेंस फर्जी निकल सकते हैं। आरटीओ में बड़ी संख्या में ड्राइविंग लाइसेंस दलालों के मार्फत बनाए जाते। 
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कई दफा लोग घर बैठे भी लाइसेंस बनवाकर मंगवा लेते थे।  आरटीओ के बाहर बैठने वाले कई दलालों ने इसमें बड़ा खेल किया। लोगों के फर्जी लाइसेंस बनवा दिए। कई दफा फर्जी लाइसेंस के मामले पकड़ में आए। 
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एक मामले में तो आरटीओ का एक बाबू आज तक जेल में निरुद्ध है। फर्जी लाइसेंस का जिन्न अभी तक आरटीओ का पीछा नहीं छोड़ पा रहा। मैनुअल बनाए गए लाइसेंस में एक लाख से अधिक लाइसेंस फर्जी बताए जाते हैं। 

मलपुरा के रामवीर जब मैनुअल लाइसेंस का स्मार्ट कार्ड बनवाने पहुंचे तो उनके लाइसेंस का नंबर हरियाणा की एक महिला नेहा के नाम से दर्ज था। 

अगर एक स्मार्ट कार्ड एक नंबर से बन गया है और उसी नंबर पर दूसरा लाइसेंस भी पाया जाता है तो दोनों लाइसेंस निरस्त कर दिए जाते हैं। 

आनलाइन लाइसेंस के साफ्टवेयर सारथी 4.0 में ये व्यवस्था है कि एक ही नंबर होने पर दोनों लाइसेंस स्वत: ही निरस्त हो जाएंगे।

ऐसे पकड़ में आते हैं फर्जी लाइसेंस

किसी गाड़ी से दुर्घटना होने पर कोर्ट में बीमा क्लेम किया जाता है तो कोर्ट से लाइसेंस का सत्यापन कराने को आरटीओ में भेजा जाता है। रिकार्ड से मिलान पर उसके फर्जी होने का पता चल जाता है। लाइसेंस फर्जी होने पर पीड़ित पक्ष को दुर्घटना बीमा का क्लेम नहीं मिल सका।

ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण कराने पहुंचने पर पुराने लाइसेंस का रिकार्ड से मिलान किया जाता है। तब पता चलता है कि लाइसेंस तो किसी दूसरे नाम से है। ऐसे में आवेदक को दूसरा लाइसेंस बनवाने को कहा जाता है। 

ड्राइविंग लाइसेंस के गुम होने पर भी कई दफा लोग पुराने लाइसेंस लेकर आते हैं, तब फर्जीवाड़े का पता चलता है।
 
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