मानसी सुसाइ़़ड केस: इंजीनियर की बेटी की मौत में बड़ा खुलासा, पड़ोसी इशांत निकाला पापी; दोनों की चैट आई सामने
छात्रा के चाचा रविंद्र कुमार ने बताया कि पूर्व में उनके भाई का परिवार चंदनवन फेस-2 में रहता था। यहीं का रहने वाला इशांत वर्मा नामक युवक उनकी भतीजी को परेशान करता था। इसके बाद उन्होंने कुछ माह पहले चंदनवन फेस-1 में किराए का मकान लिया और रहने लगे। युवक की ब्लैकमेलिंग की जानकारी छात्रा के मोबाइल पर व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर चैट से हुई।
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यूपी के मथुरा हाईवे थाना क्षेत्र स्थित चंदनवन फेस-1 में रविवार को छात्रा का शव फंदे पर लटका मिलने से सनसनी फैल गई। छात्रा के परिजन ने पूर्व पड़ोसी युवक की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर फंदा लगाकर आत्महत्या का आरोप लगाया है। पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने छात्रा के मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
फंदे पर बेटी को लटका देख उड़ गए पिता के होश
थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार शाही ने बताया कि मूलरूप से भरतपुर के बयाना निवासी भगवान सिंह चंदनवन फेस-1 में अपने परिवार के साथ किराए पर रहते हैं। वह आगरा मेट्रो में इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। रविवार की दोपहर वह अपनी पत्नी कमलेश के साथ बाजार गए थे। घर पर उनकी 14 वर्षीय बेटी मानसी अकेली थी। वह बाजार से लौट कर आए तो उनकी बेटी फंदे पर लटकी हुई थी। यह देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में परिजन ने फंदे पर लटकी अपनी बेटी को नीचे उतरा और अस्पताल लेकर दौड़े, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेटी की मौत की सूचना पर परिजन में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर भी रिश्तेदारों की भीड़ लग गई।
इशांत भेजता था धमकी भरे मैसेज
छात्रा के चाचा रविंद्र कुमार ने बताया कि पूर्व में उनके भाई का परिवार चंदनवन फेस-2 में रहता था। यहीं का रहने वाला इशांत वर्मा नामक युवक उनकी भतीजी को परेशान करता था। इसके बाद उन्होंने कुछ माह पहले चंदनवन फेस-1 में किराए का मकान लिया और रहने लगे। युवक की ब्लैकमेलिंग की जानकारी छात्रा के मोबाइल पर व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर चैट से हुई। युवक उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। मोबाइल में धमकी भरे मैसेज हैं। इसी से तंग आकर मानसी ने फंदा लगाकर अपनी जान दी। पुलिस ने परिजन के आरोप पर युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी सिटी डॉक्टर अरविंद कुमार ने बताया के परिजन ने जो सबूत दिए हैं। उनकी जांच की जा रही है, जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
रिफाइनरी नगर के डीपीएस में पढ़ती थी छात्रा
रिफाइनरी नगर के डीपीएस स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ती थी। पढ़ने में अपने भाई याशू से काफी तेज थी। बड़ा भाई भी इसी स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ता है। दोनों भाई बहनों में बहुत प्रेम था, लेकिन मानसी ने ब्लैकमेलिंग की जानकारी किसी को नहीं दी। जब मानसी ने फंदा लगाया उस समय भाई भी घर पर नहीं था। भाई दो दिन पहले ही अपने दादा के यहां गया था।
लाडो सपनों को पूरा करने से पहले ही चली गई...
छात्रा की मौत की सूचना काफी देर तक परिजन उसकी मां कमलेश से छिपाते रहे। जब तक शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा रहा। उससे कहा कि हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है, लेकिन जैसे ही उन्हें जानकारी हुई कि बेटी की मौत हो गई है तो वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गई। यहां उसकी मां के मुंह से बस एक ही बात निकल रही थी कि मानसी तुझे ऐसे विदा नहीं करना था। तुझे शादी करके विदा करना चाहती थी, लेकिन सपनों को पूरा किए बगैर ही छोड़कर चली गई। पोस्टमार्टम हाउस पर छात्रा की मां कई बार रोते-रोते बेहोश हो गई। इधर, पिता और चाचा के आंसू भी नहीं थम रहे थे। कभी बड़ा भाई छोटे के आंसू पोछते हुए उसे दिलासा देता तो कभी छोटा भाई बड़े भाई को चुप कराता।