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बंद ट्रकों और कंटेनर में भूसे की तरह भरे थे मजदूर, पुलिस ने की कार्रवाई
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कॉसगंज के गोरहा पर प्रशासन द्वारा बसों से गंतव्य तक भेजे जाते प्रवासी
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। तपती दोपहरी, तेज धूप, 40 डिग्री पारे में बंद ट्रक और कंटेनर में भूसे की तरह भरकर 150 से अधिक मजदूरों को ले जाया जा रहा था। जब सोरों पुलिस ने ट्रक व कंटेनर खुलवाए तो किसी की सांस फूल रही थ, तो कोई गर्मी से परेशान था। कई मजदूरों के पांव सूज गए थे। पुलिस ने सभी मजदूरों को की स्क्रीनिंग करवाकर उन्हें बसों से घर भेजा। साथ ही तीन ट्रक व एक कंटेनर को सीच कर दिया। चालकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान सहित अन्य राज्यों से मजदूरों का पलायन निरंतर जारी है। औरैया में हुए हादसे के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं। ट्रकों और अन्य वाहनों से अवैध रूप से मजदूरों को ले जाने के मामले में सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
इस पर जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। सोरों बॉर्डर के गोरहापुल पर सख्त पहरा राहा। कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने जब चेकिंग की तो डराने वाली तस्वीर सामने आई। हरियाणा से मजदूरों को लेकर एक बंद कंटेनर बरेली की ओर जा रहा था। इसमें 67 मजदूर थे। इसके अलावा एक बंद ट्रक और दो पॉलिथीन से ढके ट्रक पुलिस ने चैक किए तो इनमें भी भूसे की तरह मजदूर भरे हुए थे।
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150 से ज्यादा मजदूरों को पुलिस ने आम के बाग में ठहराया। भोजन का प्रबंध किया। बाद में उच्चाधिकारियों को सूचना देकर उनकी स्क्रीनिंग कराई। इसके अलावा 400 अन्य मजदूरों को बसों से भेजा गया।
मरना ही है तो अपनों के बीच ही मरें
ट्रकों में भरे मजदूरों से जब पुलिस ने कोरोना संक्रमण से जान को खतरे की बात कही तो हरियाणा से आ रहे मजदूर हरपाल, श्याम सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण से जान को जितना खतरा नहीं उससे ज्यादा भूख से जान को खतरा था। यदि संक्रमण से मरना ही है तो क्यों न घर जाकर अपनों के बीच ही मरें।
दूसरे जिलों की सीमा से आखिर कैसे हो रहा प्रवेश
योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद पड़ोसी जिलों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहा है। जो ट्रक हरियाणा, राजस्थान सहित अन्य राज्यों व शहरों से आए और कासगंज में रोके गए उन ट्रकों ने यह प्रमाण दिया है कि कई जिलों की सीमा पर ढिलाई बरती जा रही है। हांलाकि जिला प्रशासन ने जिले की सभी सीमाओं पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
मजदूरों को रोकने और भेजने में जुटा रहा प्रशासन
सीएम के निर्देश पर जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई है। डीएम सीपी सिंह, एसपी सुशील घुले, एडीएम अजय कुमार, एएसपी डा. पवित्र मोहन त्रिपाठी, एसडीएम सदर ललित कुमार, सीओ सिटी आरके तिवारी, सहावर एसडीएम अशोक कुमार, सीओ शैलेंद्र प्रतिहार, पटियाली एसडीएम शिवकुमार, सीओ गवेंद्र गौतम के अलावा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी राजेश राजपूत दिनभर व्यवस्थाओं में जुटे रहे। बाहर से आने वाले मजदूरों को रोका और शासन से जारी गाइडलाइन के अनुसार उन्हें गृह जनपद तक भेजा।
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हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान सहित अन्य राज्यों से मजदूरों का पलायन निरंतर जारी है। औरैया में हुए हादसे के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं। ट्रकों और अन्य वाहनों से अवैध रूप से मजदूरों को ले जाने के मामले में सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
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इस पर जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। सोरों बॉर्डर के गोरहापुल पर सख्त पहरा राहा। कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने जब चेकिंग की तो डराने वाली तस्वीर सामने आई। हरियाणा से मजदूरों को लेकर एक बंद कंटेनर बरेली की ओर जा रहा था। इसमें 67 मजदूर थे। इसके अलावा एक बंद ट्रक और दो पॉलिथीन से ढके ट्रक पुलिस ने चैक किए तो इनमें भी भूसे की तरह मजदूर भरे हुए थे।
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150 से ज्यादा मजदूरों को पुलिस ने आम के बाग में ठहराया। भोजन का प्रबंध किया। बाद में उच्चाधिकारियों को सूचना देकर उनकी स्क्रीनिंग कराई। इसके अलावा 400 अन्य मजदूरों को बसों से भेजा गया।
मरना ही है तो अपनों के बीच ही मरें
ट्रकों में भरे मजदूरों से जब पुलिस ने कोरोना संक्रमण से जान को खतरे की बात कही तो हरियाणा से आ रहे मजदूर हरपाल, श्याम सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण से जान को जितना खतरा नहीं उससे ज्यादा भूख से जान को खतरा था। यदि संक्रमण से मरना ही है तो क्यों न घर जाकर अपनों के बीच ही मरें।
दूसरे जिलों की सीमा से आखिर कैसे हो रहा प्रवेश
योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद पड़ोसी जिलों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहा है। जो ट्रक हरियाणा, राजस्थान सहित अन्य राज्यों व शहरों से आए और कासगंज में रोके गए उन ट्रकों ने यह प्रमाण दिया है कि कई जिलों की सीमा पर ढिलाई बरती जा रही है। हांलाकि जिला प्रशासन ने जिले की सभी सीमाओं पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
मजदूरों को रोकने और भेजने में जुटा रहा प्रशासन
सीएम के निर्देश पर जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई है। डीएम सीपी सिंह, एसपी सुशील घुले, एडीएम अजय कुमार, एएसपी डा. पवित्र मोहन त्रिपाठी, एसडीएम सदर ललित कुमार, सीओ सिटी आरके तिवारी, सहावर एसडीएम अशोक कुमार, सीओ शैलेंद्र प्रतिहार, पटियाली एसडीएम शिवकुमार, सीओ गवेंद्र गौतम के अलावा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी राजेश राजपूत दिनभर व्यवस्थाओं में जुटे रहे। बाहर से आने वाले मजदूरों को रोका और शासन से जारी गाइडलाइन के अनुसार उन्हें गृह जनपद तक भेजा।