मैनपुरी: जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में देरी, मुलायम के गढ़ में बढ़ीं राजनीतिक दलों की मुश्किलें
मैनपुरी जिले में जिला पंचायत चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। सपा ने 13, भाजपा और निर्दलीय ने आठ-आठ और कांग्रेस ने एक सीट जीत दर्ज की है।
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मैनपुरी जिले में जिला पंचायत सदस्य के चुनाव के बाद अब अध्यक्ष पद का चुनाव किया जाना है। इसके लिए राजनीतिक दल पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच शासन द्वारा अध्यक्ष का चुनाव टालने के बयान के बाद राजनीतिक दलों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्हें समय बढ़ने से निर्दलीय प्रत्याशियों को साधने में परेशानी उठानी पड़ सकती है।
दो मई को मतगणना के बाद जिला पंचायत सदस्य का परिणाम जारी हो चुका है। इसके बाद सामने आई तस्वीर में किसी भी राजनीतिक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। मुलायम सिंह यादव का गढ़ कहे जाने वाले मैनपुरी में सपा को 13, भाजपा और निर्दलीय को आठ-आठ और कांग्रेस को एक जिला पंचायत सदस्य की सीट मिली है।
जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के लिए 16 सदस्यों की जरूरत
अध्यक्ष बनाने के लिए कुल 30 जिला पंचायत की सीटों में से 16 की जरूरत है, ऐसे में दोनों ही दल निर्दलीय प्रत्याशियों पर निर्भर हैं। हर कोई निर्दलीय प्रत्याशियों के सहारे जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक जाना चाहता हैं। इसी बीच पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी द्वारा अध्यक्ष पद का चुनाव टालने के बयान के बाद राजनैतिक दलों में खलबली मच गई है।
उन्हें डर सता रहा है कि अगर देरी हुई तो निर्दलीय प्रत्याशियों को साधना आसान नहीं होगा। इसलिए वे जल्द से जल्द अध्यक्ष का चुनाव चाहते हैं। लेकिन पंचायती राज मंत्री के बयान के बाद अब उनकी मुश्किलें बढना तय हैं।
जिला पंचायत सदस्यों पर एक नजर
कुल जिला पंचायत सदस्य- 30
सपा के जिला पंचायत सदस्य- 13
भाजपा के जिला पंचायत सदस्य- 8
निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य- 8
कांग्रेस का जिला पंचायत सदस्य- 1
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