Budget 2022: मैनपुरी के सीए और अधिवक्ता बोले- चुनावी दौर में पेश किया गया सधा हुआ बजट
सीए और आयकर से जुड़े अधिवक्ताओं ने आम बजट को गरीबों के लिए बेहतर तो मध्यम वर्ग के लिए औसत बताया।
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मैनपुरी में सीए और आयकर से जुड़े अधिवक्ताओं ने आम बजट को गरीबों के लिए बेहतर तो मध्यम वर्ग के लिए औसत बताया। उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल के चलते लोक लुभावन बजट की लोगों को उम्मीद थी। इससे हटकर केंद्र सरकार ने सधा हुआ बजट पेश किया है। आयकर स्लैब में कोई बदलाव न होने से मध्यम वर्गीय लोगों की उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। वहीं वर्चुअल करैंसी को टैक्स के दायरे में लाने से सरकार को भी फायदा होगा।
आयकर अधिवक्ताओं ने आयकर रिटर्न में संशोधन के लिए दो साल के लिए मौका दिए जाने के फैसले का स्वागत किया। वहीं दिव्यांग के माता-पिता को कर में छूट मिलने से राहत मिलेगी। बजट में सरकार ने ये भी ऐलान किया है कि आयकर छापे में मिलने वाले रुपये सरकार जब्त करेगी। इससे सरकार को फायदा होगा और काला धन कम होगा।
सीए और अधिवक्ताओं की बात
सीए रामजी लाल गोस्वामी ने कहा कि आमतौर पर बजट से मध्यम वर्ग के लोगों को उम्मीद होती है। इस बार मध्यम वर्ग को कुछ भी हाथ नहीं लगा। कॉरपोरेट टैक्स कम होने से उद्योगपतियों को फायदा होगा। चुनाव के समय में इसे सधा हुआ बजट कहा जा सकता है।
आयकर अधिवक्ता दीपक कुमार अग्रवाल ने कहा कि आयकर स्लैब इस बार लोगों को बदलाव की उम्मीद नहीं थी। कोरोना काल में हुए राजकोषीय घाटे के बाद भी संतुलित बजट पेश किया गया है। वर्चुअल करेंसी पर टैक्स लगाकर इसे हतोत्साहित किया गया है। आईटीआर संशोधन का विकल्प सराहनीय है।
टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामप्रकाश गुप्ता ने कहा कि जब भी कोई बजट आता है तो उससे हर वर्ग की उम्मीदें जुड़ी होती हैं। इस बार जो बजट आया है उसमें निचले तबके को सौगात दी गई हैं। आयकर या अन्य करों में कोई विशेष राहत नहीं मिली है। आगामी बजट में आयकर में राहत की उम्मीद की जा सकती है।
आयकर अधिवक्ता प्रखबर दीक्षित ने कहा कि आयकर के छापे में जो काला धन मिलता था वह प्रक्रिया के बाद वापस हो जाता था। इसे अब सरकार जब्त करेगी। ये काले धन को रोकने के लिए एक बेहतर कदम है। दिव्यांगों के माता-पिता को छूट का लाभ मिलने का मामला भी बेहतर है।