{"_id":"67cde58c0aae02e8a9062818","slug":"mainpuri-news-tranport-nager-jayveer-singh-mainpuri-news-c-174-1-mt11005-133423-2025-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: ट्रांसपोर्ट नगर में अवैध कब्जों को हटवाने के डीएम को आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: ट्रांसपोर्ट नगर में अवैध कब्जों को हटवाने के डीएम को आदेश
विज्ञापन
मैनपुरी। शहर को सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिहाज से 34 साल पहले 15 बीघा से अधिक बेशकीमती जमीन पर बसाया गया ट्रांसपोर्ट नगर फिर से वजूद में आएगा। प्रदेश के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मंत्री जयवीर सिंह ने अमर उजाला द्वारा छापी गईं खबरों का संज्ञान लेते डीएम मैनपुरी अंजनी कुमार सिंह को आदेश दिया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जाए। वहां अवैध कब्जा जमाने वाले चाहें किसी राजनीतिक दल के हों, उनके अतिक्रमणों को ढहाया जाए।मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि अमर उजाला ने ट्रांसपोर्ट नगर की दबी हुई सच्चाई को अपनी खबरों के जरिये उजागर करते हुए प्रशासन और सत्ता का इस ओर ध्यान आकर्षित किया है। उनका कहना है जिन लोगों ने व्यवसाय शुरू करने को लीज पर जमीन ली थी। उनकी पत्रावली को नगर पालिका से निकलवाने, अगर कोई दस्तावेज गुम है तो उनकी भी जांच कराने, जांचा जाए कि आखिर दस्तावेज कैसे और किसने गुम किए। भ्रष्टाचार पाया जाए तो संबंधितों पर मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। एआरटीओ कार्यालय भी वहां से क्यों बंद किया गया। इसकी भी जांच कराई जाएगी। जिन आवंटियों ने 30 वर्ष की लीज अवधि पूरी होने के बाद भी रिन्यूअल नहीं कराया है। उनको नोटिस जारी करें। अगर, संतोषजनक जवाब नहीं मिलता तो फिर से उन भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। शर्तों के विपरीत अगर किसी भूखंड की बिक्री आवंटी द्वारा किया जाना पाया गया तो संबंधित आवंटी पर भी कार्रवाई करें। कब्जे को अवैध घोषित किया जाएगा। विशेष अभियान चलाते हुए इस पूरे मामले को देखा जाए और प्लान किया जाए कि उस जमीन पर ट्रांसपोर्ट नगर के अलावा अन्य क्या प्रोजेक्ट लाया जा सकता है।
यह है ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना
वर्ष 1991 में शहर को सुंदर बनाने और वाहन-मशीनरी बिक्री, मरम्मत का काम एक ही स्थान पर कराए जाने के लिए आगरा बाईपास रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर विकसित किया गया था। संगठित विकास योजना के तहत यहां 350 भूखंडों का आवंटन किया गया, जिसमें 90 बनीं हुईं दुकानें हैं। मगर, आवंटन होने के बाद आवंटियों से किश्तों का रुपया भी नहीं लिया गया। सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगाया गया। नगर पालिका के कुछ बाबू और अधिकारियों की मिलीभगत और सत्ता की सरपरस्ती में पूरा खेल हुआ। 1997 में जब पालिकाध्यक्ष शशी गुप्ता बनी तो उन्होंने इस पर ध्यान दिया। यहां सड़कों को बनवाया, स्ट्रीट लाइटें लगवाईं। कुछ समय तो यह सब ठीक रहा था।
विज्ञापन
यह है ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना
वर्ष 1991 में शहर को सुंदर बनाने और वाहन-मशीनरी बिक्री, मरम्मत का काम एक ही स्थान पर कराए जाने के लिए आगरा बाईपास रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर विकसित किया गया था। संगठित विकास योजना के तहत यहां 350 भूखंडों का आवंटन किया गया, जिसमें 90 बनीं हुईं दुकानें हैं। मगर, आवंटन होने के बाद आवंटियों से किश्तों का रुपया भी नहीं लिया गया। सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगाया गया। नगर पालिका के कुछ बाबू और अधिकारियों की मिलीभगत और सत्ता की सरपरस्ती में पूरा खेल हुआ। 1997 में जब पालिकाध्यक्ष शशी गुप्ता बनी तो उन्होंने इस पर ध्यान दिया। यहां सड़कों को बनवाया, स्ट्रीट लाइटें लगवाईं। कुछ समय तो यह सब ठीक रहा था।
विज्ञापन