{"_id":"688d066f19054663570c282e","slug":"mainpuri-news-bharat-singh-murder-case-mainpuri-news-c-174-1-mt11005-142491-2025-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: आरएन महाविद्यालय के चौकीदार भारत सिंह हत्याकांड के दोषी को सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: आरएन महाविद्यालय के चौकीदार भारत सिंह हत्याकांड के दोषी को सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति मामले में नियुक्त एडीजे विशेष जयप्रकाश की कोर्ट ने शुक्रवार को 2017 में हुई आरएन महाविद्यालय में हुई चौकीदार की हत्या के मामले में सुनवाई की। एडीजे ने दोषी अजय कुमार यादव को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।अदालत ने दोषी अजय और चौकीदार भारत के बीच घटना से एक दिन पहले हुए विवाद, जिसके बारे में भारत सिंह ने अपने बेटे को बताया था, उसे मृत्यु पूर्व बयान के तौर पर लिया और उसी आधार पर दोषी को सजा सुनाई।
बरनाहल थाना क्षेत्र के आरएन महाविद्यालय में 3 अक्तूबर 2017 को चौकीदार भारत सिंह की हत्या कर दी गई थी। उनकी लाश सुबह कॉलेज के बरामदे में मिली थी। जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल पर अजय कुमार यादव पर्स मिला था, जिसमें रखे आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई। मृतक के बेटे आनंद कुमार ने अजय निवासी सलूक नगर पर पिता की हत्या का केस दर्ज कराया था।
आनंद ने कोर्ट में गवाही में बताया कि अजय अक्सर कॉलेज बंद होने के बाद वहां लड़कियों को लेकर आता था और गलत काम करता था। उनके पिता भारत सिंह इसका विरोध किया। इस पर अजय ने पिता को हत्या से एक दिन पहले भी जान से मारने की धमकी दी थी।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर से एमपी सिंह चौहान ने कोर्ट में यह साबित किया कि हत्या का मकसद अजय द्वारा कॉलेज में की जा रही अनैतिक गतिविधियों का भारत सिंह द्वारा विरोध करना था। आरोपी अजय ने खुद को निर्दोष बताते हुए कोर्ट में दावा किया कि वह अपनी मार्कशीट लेने के लिए कॉलेज गया था और वहीं उसका पर्स गिर गया था। हालांकि, कोर्ट ने उसकी इस गवाही को काल्पनिक माना और अजय को दोषी पाया।
बेरहमी से की थी हत्या, चिकित्सकीय साक्ष्य भी रहे अहम
डॉ. राजेंद्र कुमार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया कि भारत सिंह की मृत्यु अत्यधिक रक्तस्राव और सदमे के कारण हुई थी। उनके शरीर पर कई बाहरी और आंतरिक चोटें थीं, जिसमें सिर और कलाई की हड्डियां टूटना, सिर में पीछे और सामने की तरफ फ्रेक्चर, सिर के अंदर की हड्डी टूटना, पसलियों को जोड़ने वाली बीच की हड्डी टूटी हुईं थीं।
बेटे की मिन्नतों का भी असर नहीं हुआ था, कर दी थी हत्या
आनंद ने अदालत को बताया कि हत्या से एक दिन पहले 2 अक्तूबर 2017 को जब वह महाविद्यालय के बाहर अपनी दुकान पर बैठा था, तब आरोपी ने आकर भारत सिंह को जातिसूचक गालियां और धमकी देने लगा था। इस पर आनंद ने हाथ जोड़कर माफी मांगी थी। अपने पिता से इस तरह का व्यवहार करने को मना किया था। लेकिन अजय ने धमकी को पूरा करते हुए पिता की हत्या कर दी।
विज्ञापन
बरनाहल थाना क्षेत्र के आरएन महाविद्यालय में 3 अक्तूबर 2017 को चौकीदार भारत सिंह की हत्या कर दी गई थी। उनकी लाश सुबह कॉलेज के बरामदे में मिली थी। जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल पर अजय कुमार यादव पर्स मिला था, जिसमें रखे आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई। मृतक के बेटे आनंद कुमार ने अजय निवासी सलूक नगर पर पिता की हत्या का केस दर्ज कराया था।
विज्ञापन
आनंद ने कोर्ट में गवाही में बताया कि अजय अक्सर कॉलेज बंद होने के बाद वहां लड़कियों को लेकर आता था और गलत काम करता था। उनके पिता भारत सिंह इसका विरोध किया। इस पर अजय ने पिता को हत्या से एक दिन पहले भी जान से मारने की धमकी दी थी।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर से एमपी सिंह चौहान ने कोर्ट में यह साबित किया कि हत्या का मकसद अजय द्वारा कॉलेज में की जा रही अनैतिक गतिविधियों का भारत सिंह द्वारा विरोध करना था। आरोपी अजय ने खुद को निर्दोष बताते हुए कोर्ट में दावा किया कि वह अपनी मार्कशीट लेने के लिए कॉलेज गया था और वहीं उसका पर्स गिर गया था। हालांकि, कोर्ट ने उसकी इस गवाही को काल्पनिक माना और अजय को दोषी पाया।
बेरहमी से की थी हत्या, चिकित्सकीय साक्ष्य भी रहे अहम
डॉ. राजेंद्र कुमार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया कि भारत सिंह की मृत्यु अत्यधिक रक्तस्राव और सदमे के कारण हुई थी। उनके शरीर पर कई बाहरी और आंतरिक चोटें थीं, जिसमें सिर और कलाई की हड्डियां टूटना, सिर में पीछे और सामने की तरफ फ्रेक्चर, सिर के अंदर की हड्डी टूटना, पसलियों को जोड़ने वाली बीच की हड्डी टूटी हुईं थीं।
बेटे की मिन्नतों का भी असर नहीं हुआ था, कर दी थी हत्या
आनंद ने अदालत को बताया कि हत्या से एक दिन पहले 2 अक्तूबर 2017 को जब वह महाविद्यालय के बाहर अपनी दुकान पर बैठा था, तब आरोपी ने आकर भारत सिंह को जातिसूचक गालियां और धमकी देने लगा था। इस पर आनंद ने हाथ जोड़कर माफी मांगी थी। अपने पिता से इस तरह का व्यवहार करने को मना किया था। लेकिन अजय ने धमकी को पूरा करते हुए पिता की हत्या कर दी।