बेवर। कस्बा में बड़ी संख्या में अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र फर्जी तरीके से संचालित किए जा रहे हैं। बाहरी जनपदों के डॉक्टर के अभिलेख लगाकर विभाग की मिलीभगत से इनका संचालन किया जा रहा है। जनपद कानपुर की डॉक्टर की शिकायत पर जिलाधिकारी ने टीम गठित कर कार्रवाई के आदेश दिए। बृहस्पतिवार को कस्बा में हुई कार्रवाई के दौरान एक केंद्र को सील कर दिया गया। वहीं, दूसरे को नोटिस जारी किया गया।
डॉ. माधवी वर्मा पत्नी डॉ. राकेश कुमार निवासी पायनियर ग्रीन सिटी सिंघपुर थाना कल्याणपुर जनपद कानपुर ने जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ थाना बेवर को पत्र भेजकर उनके फर्जी कागजात लगाकर बेवर में सिद्धार्थ अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालन की बात कही। डीएम ने मामले में एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम से जांच के आदेश दिए। डीएम के निर्देश पर बृहस्पतिवार को एसडीएम नितिन कुमार, नोडल अधिकारी डॉ. संजीव राव बहादुर, जिला कोऑर्डिनेटर डॉ. सीमा रानी शाक्य, लिपिक संतोष कुमार वर्मा कस्बा बेवर स्थित सिद्धार्थ अल्ट्रासाउंड सेंटर पर पहुंचे। उनके पहुंचने से पहले ही संचालक अल्ट्रासाउंड बंद करके भाग गया। टीम ने नोटिस चस्पा कर संचालक को पंजीकरण संबंधी अभिलेखों के साथ तीन दिन में कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। टीम ने अस्पताल तिराहा स्थित डॉ. श्यामलता हॉस्पिटल में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच की। यहां मौके पर एक महिला का अल्ट्रासाउंड करते हुए पाया गया। मगर, मौके पर कोई रेडियोलॉजिस्ट और टेक्नीशियन नहीं मिला। टीम ने डॉ. श्यामलता हॉस्पिटल में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील करते हुए संचालक से जरूरी अभिलेख उपस्थित करने को कहा है।