फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Maharaja Tej Singh fort declared protected monument in mainpuri

महाराजा तेज सिंह का किला संरक्षित स्मारक घोषित, समेटे है आजादी की लड़ाई का इतिहास

Sat, 08 Aug 2020 12:57 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 08 Aug 2020 12:57 PM IST
सार

  • महाराजा तेजसिंह जूदेव ने पुरानी मैनपुरी में बने किले में रहकर अंग्रेजों से कई बार लड़ाई लड़ी।

विज्ञापन
Maharaja Tej Singh fort declared protected monument in mainpuri
महाराजा तेज सिंह किला

विस्तार

स्वतंत्रता दिवस से पहले मैनपुरी को सौगात मिली है। आजादी की लड़ाई के इतिहास को अपने आप में समेटे महाराजा तेज सिंह का किला संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है। राज्यपाल द्वारा अनुमति देने के बाद शासन के प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। जारी की गई अधिसूचना की प्रति जिलाधिकारी को भी भेजी गई है। 

विज्ञापन


मैनपुरी के अंतिम शासक रहे महाराजा तेजसिंह जूदेव ने पुरानी मैनपुरी में बने किले में रहकर अंग्रेजों से कई बार लड़ाई लड़ी। अंग्रेज सैनिकों द्वारा मैनपुरी राज्य पर कब्जा करने के लिए किले पर की गई गोलीबारी के कई निशान आज भी किले की दीवारों पर मौजूद हैं। महाराजा तेजसिंह की मृत्यु के बाद उनके रिश्तेदार अरविंद कुमार सिंह जयपुर में रहकर किले की देखभाल करते हैं। 
विज्ञापन



देखरेख के अभाव में किला लगातार खंडहर जैसा होता जा रहा है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उत्तर प्रदेश प्राचीन एवं ऐतिहासिक स्मारकों तथा अवशेषों का परिरक्षण अधिनियम 1956 के तहत मैनपुरी राजा के किला को संरक्षित स्मारक घोषित किया है। शासन के प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार ने संरक्षित स्मारक घोषित करने के संबंध में अधिसूचना जारी करके उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग के निदेशक डॉक्टर एके सिंह सहित जिलाधिकारी को पत्र भेजा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

साल में एक बार ही खुलता है किला

महाराजा तेज सिंह का किला साल भर बंद रहता है। महाराजा तेजसिंह के रिश्तेदार अरविंद कुमार सिंह कभी कभार ही आते हैं। विजय दशमी पर साल में एक बार किला का मुख्य द्वार खुलता है। विजय दशमी पर क्षत्रिय समाज के लोग किले में एकत्रित होकर शस्त्र पूजन करते हैं। 

पूर्व मंत्री ने की थी पहल

प्रदेश के पूर्व मंत्री अशोक यादव ने जिले को पर्यटन के नक्शे पर लाने की कोशिश की थी। स्थानीय जन प्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते योजना कारगर नहीं हा सकी। पूर्व मंत्री के चुनाव हारने के बाद योजना ठंडे बस्ते में चली गई। 

किले को बनाया जाए पर्यटन स्थल

सदर विधायक राजकुमार यादव ने बताया कि महाराजा तेज सिंह का किला मैनपुरी की पहचान है। आजादी के आंदोलन को अपने आप में समेटे हुए है। देखरेख नहीं होने से किला लगातार खंडहर में बदलता जा रहा है। किले को संरक्षित स्मारक घोषित करने के साथ ही वहां पर्यटन की सुविधाएं देकर पर्यटन स्थल बनाया जाना चाहिए। 

इतिहास का बचाने की जरूरत

साहित्यकार श्रीकृष्ण मिश्रा ने बताया कि मैनपुरी का अपना अलग इतिहास है। धार्मिक, पौराणिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक असतित्व है। जिले के इतिहास को बचाकर जिले के अन्य प्राचीन स्थलों को भी संरक्षित स्मारक घोषित किया जाना ही चाहिए। इसके लिए जन प्रतिनिधियों को पहल भी करनी चाहिए। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed