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'कोडवर्ड' से हो रहा यूपी रोडवेज की बसों में फर्जी टिकटों का खेल, जानें इनका मतलब

Fri, 24 Aug 2018 01:58 PM IST
पुनीत शर्मा, अमर उजारा मथुरा
पुनीत शर्मा, अमर उजारा मथुरा Updated Fri, 24 Aug 2018 01:58 PM IST
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mafia using code word for fake ticket of roadways buses in uttar pradesh
फाइल फोटो

यूपी रोडवेज की बसें माफिया द्वारा तय किए गए कोडवर्ड के आधार पर रुकती और चलती थीं। इन लोगों ने हर बस को अपना एक नंबर भी दे रखा था। एसटीएफ द्वारा जो लोग गिरफ्तार किए हैं उनकी डायरी में हर ड्राइवर कंडक्टर का नंबर तो है ही, कोडवर्ड भी लिखे हुए हैं।  

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रोडवेज की बसों में जाली टिकट देने वाले रैकेट में 50 से ज्यादा लोग माने जा रहे हैं। सरगना समेत जो 11 लोग गिरफ्तार करके जेल भेजे गए हैं उनसे पूछताछ के बाद एसटीएफ ने तलाश शुरू कर दी है। अब एसटीएफ की जांच उन डायरियों पर आ गई है जो गिरफ्तार लोगों से बरामद हुईं थीं। 
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इन डायरियों में रोडवेज के अफसरों तक के नंबर अंकित हैं। आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा, मैनपुरी, पलवल के साथ भरतपुर के अफसरों से भी इस गिरोह के संबंध माने जा रहे हैं। हरिद्वार में भी इस गिरोह ने अपनी पकड़ बना रखी है। 

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ये है कोडवर्ड का मतलब

जब लखनऊ से रोडवेज अफसरों की टीम चेकिंग के लिए आती थी तो इस गिरोह को पहले ही पता चल जाता था। उस दिन सभी यात्रियों को टिकट बांटे जाते थे। कई बार रूट बदलकर भी बसों को निकाल दिया जाता था। एसटीएफ के अफसरों का मानना है कि टिकट का यह खेल प्रदेश भर के अधिकांश रूटों पर हो रहा है।    

इस तरह के कोडवर्ड का होता था इस्तेमाल 
- बाहर का चेकिंग स्टाफ - वीआईपी आए हैं।
- स्थानीय चेकिंग स्टाफ - अपने लोग आए हैं। 
- ओके- कहीं कोई दिक्कत नहीं दौड़ते रहिए।
- असली टिकट - कोरा कागज।  
- नकली टिकट - टिकट नंबर-2। 
- बस स्टेशन से छूटी - बस दौड़ पड़ी।
- कितना सामान है - कितने पैसेंजर हैं।

दो चालक, दो परिचालक की संविदा समाप्त 

टिकटों में गोलमाल का खुलासा होने के बाद दो चालक और दो परिचालकों की संविदा समाप्त कर दी गई है। यह दोनों मथुरा रोडवेज की बसों पर तैनात थे, जबकि बुधवार को पांच की संविदा समाप्त कर दी गई थी। अब तक नौ लोगों पर गाज गिर चुकी है। 

मथुरा से अलीगढ़ होकर विभिन्न रूटों पर जाने वाली रोडवेज की बसों में अरसे से टिकटों का खेल चल रहा था। कभी यात्रियों को टिकट नहीं दिया जाता था तो कभी जाली टिकट थमा देते थे। एसटीएफ ने 11 लोगों को गिरफ्तार करके इसका खुलासा किया है। एआरएम अक्षय कुमार ने बताया कि दो चालक और दो परिचालकों की संविदा और समाप्त कर दी गई है।
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